फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Korba News ›   Nandi bull fell in well in Korba 7 hour rescue done

सात घंटे की जद्दोजहद: गहरे कुएं में गिरे नंदी बैल का रेस्क्यू, RCRS टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला

Tue, 21 Jul 2026 05:11 PM IST
कोरबा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: कोरबा ब्यूरो Updated Tue, 21 Jul 2026 05:11 PM IST
सार

कोरबा में एक नंदी बैल गहरे कुएं में गिर गया। बैल के गिरने से हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। 

विज्ञापन
Nandi bull fell in well in Korba 7 hour rescue done
नंदी बैल का रेस्क्यू करते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मानिकपुर क्षेत्र में मंगलवार की सुबह करीब चार बजे एक नंदी बैल गहरे कुएं में गिर गया। बैल के गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। पानी और कीचड़ के बीच फंसे होने के कारण उसकी जान पर खतरा मंडरा रहा था।

विज्ञापन


लोगों ने तुरंत रेप्टाइल केयर एंड रेस्क्यूअर सोसाइटी को सूचना दी। आरसीआरएस का बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा। दल में मानस, उमेश और राज शामिल थे, जिनके साथ स्थानीय गौ सेवक भी बचाव कार्य में जुट गए। कुआं काफी गहरा और संकरा था, जिससे बचाव में कठिनाई आ रही थी। सदस्यों ने पहले स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने रस्सियों, पट्टों और अन्य बचाव उपकरणों का उपयोग किया। दल ने बहुत सावधानी से नंदी बैल के शरीर पर रस्सी बांधी। कुएं के किनारे खड़े लोगों और गौ सेवकों ने मिलकर रस्सी खींचने में मदद की।
विज्ञापन


करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद नंदी बैल को सुरक्षित रूप से कुएं से बाहर निकाल लिया गया। बैल को बाहर निकालते ही वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर आरसीआरएस दल और गौ सेवकों का उत्साह बढ़ाया। बचाव के बाद पशु चिकित्सक की मदद से नंदी बैल का प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि बैल को कोई गंभीर चोट नहीं आई। उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चारे-पानी की व्यवस्था की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्थानीय लोगों ने आरसीआरएस दल और गौ सेवकों के इस मानवीय कार्य की खूब सराहना की। बरसात और अंधेरे के कारण कई बार मवेशी और वन्यजीव खुले कुओं में गिर जाते हैं। ऐसे में आम लोगों को स्वयं बचाव का प्रयास नहीं करना चाहिए। इससे पशु और इन्सान दोनों को खतरा हो सकता है। उन्होंने अपील की कि यदि कोई पशु या वन्यजीव फंस जाए तो तुरंत आरसीआरएस के बचाव दल या वन विभाग को सूचना दें। प्रशिक्षित दल ही सुरक्षित तरीके से बचाव कर सकता है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed