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जेल में दोस्ती से प्लानिंग तक: महिला के भेष में आए तीन लुटेरों में दो दबोचे, राज ज्वैलर्स लूटकांड में खुलासा
Mon, 06 Jul 2026 06:18 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2026 06:18 PM IST
सार
बहुचर्चित राज ज्वेलर्स छुरी लूट प्रकरण का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है, जबकि तीसरा फरार है।
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राज ज्वेलर्स लूट का खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कटघोरा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित राज ज्वेलर्स छुरी लूट प्रकरण का पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में त्वरित कार्रवाई की गई। थाना कटघोरा और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है।
प्रार्थी राजकुमार अग्रवाल ने बीती एक जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोपहर करीब एक बजे वह अपनी राज ज्वेलर्स दुकान में अकेले थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से तीन लोग ग्राहक बनकर पहुंचे। तीनों ने गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिसमें एक महिला के भेष में था।
आरोपियों ने चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया। एक आरोपी ने दरवाजा बंद कर दिया और दूसरे ने देसी कट्टा छाती पर अड़ा दिया। तीसरे ने आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया और बैग में आभूषण भरने लगी। बाहर भीड़ जमा होने से घबराकर तीनों देसी कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल छोड़कर भाग निकले।
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आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष, निवासी घुचापुर) और परदेशी राठिया (40 वर्ष, निवासी जिलगा बरपाली) के रूप में हुई है। फरार आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया (निवासी कोलगा) है। पूछताछ में पता चला कि तीनों पूर्व में हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में सजा काटकर जेल से छूटे थे। जेल में ही इनकी दोस्ती हुई और रिहाई के बाद लूट की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने चोरी की मोटरसाइकिल और देसी कट्टे का उपयोग किया था।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। शहर और आसपास के 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी और साइबर विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पतासाजी की गई।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल रास्तों का उपयोग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। इस कार्रवाई में कटघोरा पुलिस की टीम का सराहनीय योगदान रहा।
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प्रार्थी राजकुमार अग्रवाल ने बीती एक जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोपहर करीब एक बजे वह अपनी राज ज्वेलर्स दुकान में अकेले थे। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से तीन लोग ग्राहक बनकर पहुंचे। तीनों ने गमछे से चेहरा ढंक रखा था, जिसमें एक महिला के भेष में था।
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आरोपियों ने चांदी की अंगूठी दिखाने के बहाने दुकानदार को काउंटर तक बुलाया। एक आरोपी ने दरवाजा बंद कर दिया और दूसरे ने देसी कट्टा छाती पर अड़ा दिया। तीसरे ने आंखों में मिर्च पाउडर डालने का प्रयास किया और बैग में आभूषण भरने लगी। बाहर भीड़ जमा होने से घबराकर तीनों देसी कट्टा और चोरी की मोटरसाइकिल छोड़कर भाग निकले।
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आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोपाल सिंह गोंड (38 वर्ष, निवासी घुचापुर) और परदेशी राठिया (40 वर्ष, निवासी जिलगा बरपाली) के रूप में हुई है। फरार आरोपी विष्णु प्रसाद राठिया (निवासी कोलगा) है। पूछताछ में पता चला कि तीनों पूर्व में हत्या, दुष्कर्म और अन्य गंभीर अपराधों में सजा काटकर जेल से छूटे थे। जेल में ही इनकी दोस्ती हुई और रिहाई के बाद लूट की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने चोरी की मोटरसाइकिल और देसी कट्टे का उपयोग किया था।

जांच में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। शहर और आसपास के 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी और साइबर विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पतासाजी की गई।

आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल रास्तों का उपयोग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। इस कार्रवाई में कटघोरा पुलिस की टीम का सराहनीय योगदान रहा।