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रायपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप: कई पेट्रोल पंप सूखे, लाइन में लगे रहे लोग, अफवाहों ने बढ़ाई परेशानी
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 14 May 2026 03:12 PM IST
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सार
Petrol Diesel Crisis in CG: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह को लेकर राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं।
पेट्रोल-डीजल पंप पर लगी लोगों की भीड़
- फोटो : Amar ujala digital
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विस्तार
Petrol Diesel Crisis in CG: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह को लेकर राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी रहीं। कई पंपों पर ईंधन की कमी की बात सामने आई है। रायपुर में बुधवार की देर रात तक कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। हालात बेकाबू होते देख कई पंपों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। गुरुवार की सुबह भी यही स्तिति देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिये पहुंचे।
राजधानी के जयस्तंभ चौक, सरोना, भाठागांव, विधानसभा रोड, रायपुरा, महादेवघाट और टिकरापारा जैसे इलाकों में लोग लाइन लगाकर इंतजार करते दिखे। इंडियन ऑयल और एचपी के कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल का समय पर
सप्लाई नहीं होने से स्थिति बिगड़ गई। इस समस्या से निपटने के लिये कई पंप संचालकों ने कम मात्रा में पेट्रोल-डीजल देना शुरू किया। रापयुर के साथ ही बस्तर संभाग से भी पेट्रोल पंप बंद होने और सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। कई गांवों में वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं कुछ लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। कई सेवाओं पर इसका असर पड़ा है।
अफवाहों ने बढ़ाई परेशानी
लोगों में इस बात की अफवाह फैल गई कि आगामी दिनों में ईंधन संकट और बढ़ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने की अपील और साय कैबिनेट के कारकेड में कटौती की चर्चा के बाद लोगों में घबराहट बढ़ गई है। इस वजह से पेट्रोल पंपों पर लोगों की अचानक भीड़ टूट पड़ी । इतना ही नहीं कई स्थानों पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाये। इस वजह से भी सप्लाई प्रभावित हुई।
बालोद और धमतरी में भी सप्लाई प्रभावित
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें।
धमतरी जिले में भी सप्लाई चैन प्रभावित हुई। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड नजर आये। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई हो रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही मिल पा रहा है।
प्रतिदिन 200 पेट्रोल पंपों की जांच
छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, प्रदेश में रोजाना करीब 200 पेट्रोल पंपों की जांच की जा रही है। मशीनों की सील, नोजल और स्टॉक रजिस्टर की जांच हो रही है, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने न आए। रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकारियों ने कई पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पंपों का लाइसेंस तक रद्द हो सकता है।
पेट्रोल पंपों की निगरानी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है। कलेक्टर और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार ही ईंधन का वितरण करें। प्रशासनिक टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
सीएम साय ने की थी अपील
पीएम नरेंद्र मोदी के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ईंधन संरक्षण और ऊर्जा संकट को देखते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने मंत्रियों, अधिकारियों और आम जनता से भी पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की है।
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राजधानी के जयस्तंभ चौक, सरोना, भाठागांव, विधानसभा रोड, रायपुरा, महादेवघाट और टिकरापारा जैसे इलाकों में लोग लाइन लगाकर इंतजार करते दिखे। इंडियन ऑयल और एचपी के कई पंपों पर पेट्रोल-डीजल का समय पर
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सप्लाई नहीं होने से स्थिति बिगड़ गई। इस समस्या से निपटने के लिये कई पंप संचालकों ने कम मात्रा में पेट्रोल-डीजल देना शुरू किया। रापयुर के साथ ही बस्तर संभाग से भी पेट्रोल पंप बंद होने और सप्लाई बाधित होने की खबरें सामने आई हैं। कई गांवों में वाहन चालकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं कुछ लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। कई सेवाओं पर इसका असर पड़ा है।
अफवाहों ने बढ़ाई परेशानी
लोगों में इस बात की अफवाह फैल गई कि आगामी दिनों में ईंधन संकट और बढ़ सकता है। पीएम नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने की अपील और साय कैबिनेट के कारकेड में कटौती की चर्चा के बाद लोगों में घबराहट बढ़ गई है। इस वजह से पेट्रोल पंपों पर लोगों की अचानक भीड़ टूट पड़ी । इतना ही नहीं कई स्थानों पर लोगों ने जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाये। इस वजह से भी सप्लाई प्रभावित हुई।
बालोद और धमतरी में भी सप्लाई प्रभावित
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, बालोद जिले में तेल कंपनियों के पास बुधवार तक 13 लाख 42 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध था। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों के कारण अस्थायी दबाव बना है। रायपुर ऑयल डिपो से लगातार टैंकर रवाना किए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकतानुसार ही ईंधन खरीदें।
धमतरी जिले में भी सप्लाई चैन प्रभावित हुई। शहर के रत्नाबांधा रोड और नगरी-धमतरी मार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर “पेट्रोल-डीजल नहीं है” के बोर्ड नजर आये। पंप संचालकों का कहना है कि मांग के मुकाबले कम सप्लाई हो रही है। तीन टैंकर की मांग पर सिर्फ एक टैंकर ही मिल पा रहा है।
प्रतिदिन 200 पेट्रोल पंपों की जांच
छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, प्रदेश में रोजाना करीब 200 पेट्रोल पंपों की जांच की जा रही है। मशीनों की सील, नोजल और स्टॉक रजिस्टर की जांच हो रही है, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने न आए। रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकारियों ने कई पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पंपों का लाइसेंस तक रद्द हो सकता है।
पेट्रोल पंपों की निगरानी
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी बढ़ा दी है। कलेक्टर और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी, कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित नियमों के अनुसार ही ईंधन का वितरण करें। प्रशासनिक टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं।
सीएम साय ने की थी अपील
पीएम नरेंद्र मोदी के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ईंधन संरक्षण और ऊर्जा संकट को देखते हुए अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। उन्होंने मंत्रियों, अधिकारियों और आम जनता से भी पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की है।