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सीवरेज सफाई के लिए नई गाइडलाइन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- जबरन काम कराने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 19 Mar 2026 12:04 PM IST
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सार
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मैनुअल स्कैवेंजिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति से जबरन इस तरह का कार्य करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मैनुअल स्कैवेंजिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी व्यक्ति से जबरन इस तरह का कार्य करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सीवरेज सफाई का काम केवल नगर निगम या पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए और इस दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक निजी अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में बताया गया कि हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत ऐसे कार्य को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति जबरन यह कार्य करवाता है, तो उसके खिलाफ सजा का प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष तक की जेल या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में मैनुअल स्कैवेंजर्स का सर्वे कराया गया है, जिसमें जिलों को मैनुअल स्कैवेंजिंग मुक्त घोषित किया गया है। इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
बैठक के दौरान इस प्रथा के उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने, पुनर्वास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में सीवरेज सफाई के कार्य को पूरी तरह सुरक्षित और मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप कराने की आवश्यकता दोहराई गई।
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बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल ही में एक निजी अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और इस घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में बताया गया कि हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत ऐसे कार्य को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति जबरन यह कार्य करवाता है, तो उसके खिलाफ सजा का प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष तक की जेल या 50 हजार रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सभी जिलों में मैनुअल स्कैवेंजर्स का सर्वे कराया गया है, जिसमें जिलों को मैनुअल स्कैवेंजिंग मुक्त घोषित किया गया है। इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।
बैठक के दौरान इस प्रथा के उन्मूलन के लिए जागरूकता बढ़ाने, पुनर्वास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में सीवरेज सफाई के कार्य को पूरी तरह सुरक्षित और मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप कराने की आवश्यकता दोहराई गई।