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जशपुर: जंगल में दो विशालकाय अजगरों का दिखना जैव विविधता के लिए शुभ संकेत
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
Published by: रायपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 03:07 PM IST
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सार
जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम आरा से लगे वन क्षेत्र में दो विशालकाय अजगरों को एक साथ देखा गया, जिसने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना दिया है।
फोटो : जशपुर जिले में एक दूसरे से लिपटे दो बड़े विशालकाय अजगर
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विस्तार
जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम आरा से लगे वन क्षेत्र में दो विशालकाय अजगरों को एक साथ देखा गया, जिसने स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना दिया है। यह दुर्लभ दृश्य जंगल के स्वास्थ्य और समृद्ध जैव विविधता का एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
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लकड़ी बीनने जंगल गई एक ग्रामीण युवती किरण चौहान ने सबसे पहले इन विशालकाय जीवों को देखा। उन्होंने बताया कि दूर से उन्हें किसी ढेर जैसी आकृति दिखाई दी, लेकिन पास जाने पर पता चला कि दो बड़े अजगर एक-दूसरे से लिपटे हुए आराम कर रहे हैं। इस अनोखे नज़ारे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और सुरक्षित दूरी से इस दृश्य को निहारा।
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वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड के मौसम के बाद या प्रजनन काल के दौरान अजगरों का इस तरह एक साथ दिखना एक सामान्य व्यवहार है। सर्प विशेषज्ञ राहुल तिवारी ने स्पष्ट किया कि ये अजगर संभवतः तीन से चार मीटर लंबे रहे होंगे और धूप सेंकने या शिकार की तलाश में अपने बिल से बाहर निकले होंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अजगर आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं और अनावश्यक रूप से आक्रामक नहीं होते।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वन क्षेत्र में घूमते समय विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने सलाह दी है कि अकेले जंगल न जाएं और किसी भी सर्प को देखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें। साथ ही, वन्यजीवों को बिना उकसावे के परेशान न करने और उनसे उचित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
वन्यजीव प्रेमी केसर हुसैन ने इस घटना पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के दृश्य यह दर्शाते हैं कि क्षेत्र का वन पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से संतुलित है। उन्होंने आगे बताया कि अजगर जैसे शीर्ष शिकारी की उपस्थिति जंगल की प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला को मजबूत करती है, जो पर्यावरण के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत है।