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बस्तर के जंगलों की अब 'थर्मल ड्रोन' से होगी निगरानी: रात के अंधेरे में भी शिकारी और तस्करों पर रहेगी पैनी नजर

Tue, 28 Jul 2026 06:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 28 Jul 2026 06:35 PM IST
सार

बस्तर वन मंडल ने जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए थर्मल इमेजिंग ड्रोन से रात्रिकालीन निगरानी शुरू की है। इससे हाथियों की गतिविधियों, अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और शिकार पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी।

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Bastar forests will now be monitored with thermal drones: Surveillance will be done even in the dark of night
ड्रोन से लिया गया वीडियो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बस्तर के घने जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अब बस्तर वन मंडल में थर्मल इमेजिंग ड्रोन कैमरों के माध्यम से जंगलों और संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष रूप से रात्रिकालीन निगरानी की जा रही है। इस पहल से वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और शिकार जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
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यह निगरानी कांकेर वन मंडल के सहयोग से की जा रही है। थर्मल इमेजिंग तकनीक शरीर से निकलने वाली ऊष्मा को पहचानने में सक्षम होती है। इसके जरिए घने जंगलों और रात के अंधेरे में भी वन्यजीवों और संदिग्ध मानवीय गतिविधियों का आसानी से पता लगाया जा सकता है।
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वन विभाग के अनुसार, इस तकनीक से भालू, तेंदुआ, हाथी समेत अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों की सटीक जानकारी मिल रही है। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने में भी यह तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है। वन क्षेत्रों से लगे गांवों में यदि हाथियों या अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी की सूचना मिलती है, तो थर्मल ड्रोन के जरिए उनकी लोकेशन का पता लगाकर ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट किया जाता है।
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इसके अलावा जंगलों में होने वाली अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वन्यजीवों के शिकार जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर भी ड्रोन से नजर रखी जा रही है। रात्रिकालीन निगरानी के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर ड्रोन से प्राप्त फुटेज के आधार पर वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है।


डीएफओ उत्तम गुप्ता ने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से बस्तर वन मंडल की निगरानी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कांकेर वन मंडल के सहयोग से थर्मल ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है और जल्द ही बस्तर वन मंडल को भी अपना अत्याधुनिक थर्मल ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे रात्रिकालीन गश्त और वनकर्मियों की सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।
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