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बजट 2026-27: पर्यटन बनेगा अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन

Vinod Patahk विनोद पाठक
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:14 PM IST
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सार

बजट की सबसे क्रांतिकारी घोषणाओं में से एक 'आईआईएमप्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड्स' है। देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहली बार, गाइड्स के प्रशिक्षण के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) को जोड़ा गया है।

budget 2026 tourism will be the growth engine of economy
बजट की सबसे क्रांतिकारी घोषणाओं में से एक 'आईआईएमप्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड्स' है। - फोटो : Amar ujala
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विस्तार
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केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट 2026-27 में पर्यटन केवल एक सेवाक्षेत्र नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले एक प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। सीतारमण ने स्पष्ट किया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक विरासत को अब वैश्विक स्तर पर एक ब्रांड इंडिया के रूप में स्थापित किया जाएगा। बजट का संदेश यही है कि पर्यटन के जरिए रोजगार और विरासत के साथ विकास हो।

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बजट की सबसे क्रांतिकारी घोषणाओं में से एक 'आईआईएमप्रशिक्षित टूरिस्ट गाइड्स' है। देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहली बार, गाइड्स के प्रशिक्षण के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) को जोड़ा गया है। यह कदम पर्यटन को अनौपचारिक से पेशेवर क्षेत्र में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे विदेशी पर्यटकों को विश्वस्तरीय सेवा मिलेगी और युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
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बजट में देश के 15 प्रमुख पुरातात्विक और सांस्कृतिक स्थलों, जैसे सारनाथ, हस्तिनापुर को वाइब्रेंट कल्चरल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया गया है। उत्तर-पूर्व में बौद्ध सर्किट और हिमाचल-कश्मीर में नई हाइकिंग ट्रेल्स का विकास न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाएगा, अपितु इन क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा। भारत के सभी ऐतिहासिक स्थलों का एक डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को घर बैठे ही उन स्थलों की पूरी जानकारी मिल सकेगी।
 

बजट में पर्यटन के आधुनिक स्वरूप को प्राथमिकता दी गई है। भारत में सीप्लेन के निर्माण और उनके संचालन के लिए प्रोत्साहन देने की घोषणा की गई है, जिससे तटीय एवं द्वीपीय क्षेत्रों में पर्यटन सुलभ होगा। डार्क स्काई पार्क्स की स्थापना के माध्यम से खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए नए द्वार खुलेंगे। साथ ही, विदेश यात्रा के पैकेजों पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) को 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करना ट्रैवल इंडस्ट्री के लिए संजीवनी के समान है। इससे न केवल विदेश जाना सस्ता होगा, बल्कि देश के भीतर ट्रैवल ऑपरेटर्स का कारोबार भी बढ़ेगा। 5 नए मेडिकल हब्स की स्थापना भारत को ग्लोबल हेल्थ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करेगी, जिससे अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा आने की उम्मीद है।


देसी पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षित गाइड्स और डिजिटल जानकारी के कारण अब भारत घूमना पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और किफायती होगा। साथ ही, विदेशी पर्यटकों के लिए ई-वीजा प्रक्रियाओं में सरलीकरण एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली सुविधाओं के कारण भारत उनके बकेट लिस्ट में सबसे ऊपर आएगा। बजट 2026-27 पर्यटन को केवल 'घूमने-फिरने' तक सीमित नहीं रखता, अपितु इसे एक रणनीतिक आर्थिक क्षेत्र के रूप में मान्यता देता है। बजट में भारत को वर्ष 2047 तक एक पर्यटन महाशक्ति बनाने की दिशा में ठोस कदम हैं। यदि इन योजनाओं का धरातल पर सफल क्रियान्वयन होता है तो पर्यटन क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में ऐतिहासिक योगदान देने के लिए तैयार है।
 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

 

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