विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: जेसिका एंडरसन क्रोकर- अभिनेता को पात्र बनाने वाली
जेसिका प्रि-स्कूल के समय से रंगों में रुचि लेती रही हैं। किंडरगरटेन में उन्होंने सबसे पहले प्रतियोगिता में भाग लिया और जीत भी गईं। उनका पूरा नाम जेसिका एरिन एंडरसन है, मगर प्यार से लोग उन्हें जेस्सी बुलाते हैं।
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शायद आपने ‘क्यूरियस केस ऑफ बेंजामिन बटन’ (2008) फिल्म देखी होगी, वही जिसमें बेंजामिन बटन 1918 में एक बूढ़े के रूप में पैदा होता है, धीरे-धीरे उम्र बढ़ने के साथ-साथ उसकी शारिरिक अवस्था घटती जाती है और जब वह 2003 में गुजरता है तो एक शिशु बन चुका होता है। बेंजामिन के साथ सब कुछ उल्टा चलता है।
शुरू में वह वृद्धावस्था की सारी परेशानियों मसलन मोतियाबिंद, काम सुनना, गठिया आदि से ग्रसित रहता है। सब लोग सोचते हैं जल्द ही मर जाएगा। मगर ऐसा कुछ नहीं होता है, वह आठ दशक से अधिक जीता है और इस दौरान वह प्रेम, दिल टूटना, खुशी-गम सब तरह के अनुभवों से गुजरता है।
सिने-निर्देशक डेविड फिंचर की इस कमाल की फिल्म में ब्रैड पिट बेंजामिन बटन है तो कैट ब्लेंचेट ने डेजी की भूमिका की है। 84 पुरस्कार जीतने में 3 ऑस्कर पुरस्कार भी शामिल हैं।
आपने ब्रैड पिट एवं कैट ब्लेंचेट के अभिनय की तारीफ की होगी, आप निर्देशक डेविड फिंचर से भी परिचित होंगे। मगर 2009 के तीन में से एक ऑस्कर मेकअप एवं हेयर केलिए मिला यह शायद ही आपके ध्यान में रहा होगा, इतना ही नहीं 2009 का बाफ्टा पुरस्कार भी इसे सर्वोत्तम मेकअप एवं बालों के स्टाइल हेतु मिला। इस फिल्म में मेकअप हेतु एक बहुत बड़ी टीम जुड़ी है। करीब 50 लोग इसमें शामिल हैं। इ
स टीम की एक सदस्य हैं जेसिका एंडरसन क्रोकर, ये यहां मेकअप आर्टिस्ट के रूप में शामिल हैं। आज इन्हीं जेसिका एंडरसन क्रोकर की बात करती हूं। लेकिन उसके पहले थोड़ी-सी बातें मेकअप के विषय में।
जेसिका एंडरसन क्रोकर और मेकअप
नाटक एवं फिल्म में मेकअप का बहुत महत्व है। आज भी नाटक के कई कलाकार स्वयं अपना शृंगार करते हैं अथवा इस कार्य में एक दूसरे की सहायता करते हैं। फिल्म में भी पहले ऐसा ही कुछ होता था फिर एक व्यक्ति यह काम करने लगा, समय बदला, समय और तकनीक के साथ मेकअप जटिल होता गया अत: एक से अधिक लोगों की आवश्यकता अनुभव हुई। इन्हें अब मेकअप आर्टिस्ट कहा जाता है।
काम सरल नहीं है, हर त्वचा भिन्न होती है, सब पर मेकअप का एक जैसा प्रभाव नहीं होता है। चूंकि इसकी अधिकांश सामग्री में कैमिकल का प्रयोग होता है, कई सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। किस त्वचा पर किस सामग्री का कैसा असर होगा यह जानना जरूरी है। सस्ती सामग्री नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए इससे जुड़े व्यक्ति को सामग्री की न केवल अधुनातम जानकारी होनी चाहिए वरन इससे जुड़े शोध एवं साहित्य से परिचित होना चाहिए।
अब यह कला इतनी विकसित हो चुक है कि विभिन्न तरह के मेकअप के विशेषज्ञ होने लगे हैं, जैसे कोई केवल हेयर स्टाइलक लिए काम करता है तो कोई केवल महिला कलाकारों का मेकअप करता है।
शुरु में इस कला के लिए कोई पुरस्कार न था मगर पहली बार 1982 में सर्वोत्तम मेकअप केलिए रिक बैकर को फिल्म ‘एन अमेरिकन वेयरवुल्फ इन लंदन’ हेतु ऑस्कर प्राप्त हुआ। अगले साल 1983 में इसे श्रेणी में जीतने वाली फिल्म ‘क्वेस्ट फॉर फायर’ हेतु यह दो लोगों – सराह मोन्जानी एवं मिशेल बुर्के को मिला। मजे की बात है, दोनों कलाकार स्त्री हैं।
फिल्म के अन्य विभागों की भांति इस विभाग में काफी समय तक पुरुष वर्चस्व रहा। मगर एक समय आया जब स्त्रियों के योगदान को नकारना कठिन हो गया। हम बात कर रहे हैं जेसिका एंडरसन क्रोकर की।
जेसिका प्रि-स्कूल के समय से रंगों में रुचि लेती रही हैं। किंडरगरटेन में उन्होंने सबसे पहले प्रतियोगिता में भाग लिया और जीत भी गईं। उनका पूरा नाम जेसिका एरिन एंडरसन है, मगर प्यार से लोग उन्हें जेस्सी बुलाते हैं। वे 15 साल से मेकअप आर्टिस्ट के रूप में कार्य कर रही हैं और काम के प्रति अपने समर्पण के लिए जान जात हैं। वे दि अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर्स एंड साइंसेस तथा द टेलेविजन अकादमी की सदस्य हैं।
लोकप्रिय टीवी शो एवं फिल्म में कलाकारों का मेकअप करने के अलावा पेंटिंग में भी रूचि रखती हैं और अपनी तैल रंगों की पेंटिंग की प्रदर्शनी भी आयोजित करती हैं। उन्होंने ’88 मिनट्स’ (2007), ‘आयरन मैन’, ‘मैनकोरा’ (2008), ‘स्प्रिंग ब्रेक ’83’ (2009) जैसी फिल्मों के साथ-साथ टीवी शो ‘अबाउट ए बॉय!’ (2014-2015, सेकैंड सीजन) तथा ‘सन्स ऑफ एनार्की सीजन 1: द इंक’ (2009) वीडियो हेतु काम किया है। कई बार वे विभाग की प्रमुख हैं, कई बार टीम का हिस्सा।
उन्हें ड्रामा सिरीज ‘जनरल हस्पीटल’ केलिए 2004 का डेटाइम एमी अवार्ड मिला है, साथ ही ऑनलाइन फिल्म एंड टेलेविजन एसोसिएशन का पुरस्कार 2009 में ‘द क्यूरियस केस ऑफ बेन्जामिन बटन’ हेतु मिला है। टीवी हेतु ‘द शील्ड’ (मेकअप डिपार्टमेंट हेड 34 एपिसोड्स, 2006-2008) 2009 में जेसिका ने ‘स्ट्रीट्स ऑफ ब्लड’ (की मेकअप आर्टिस्ट, 2009), ‘साउथलैंड’ (तीन एपिसोड, 2010-2011), ‘द न्यू डॉटर’ (2009, स्पेशियल मेकअप इफैक्ट्स आर्टिस्ट), ‘सुप्रिमैसी’ (डिपार्टमेंट हेड, 2014), ‘रिजोली एंड आइल्स’ (मेकअप डिपार्टमेंट हेड 43 एपिसोड्स, 2011-2016) काम किया।
उन्होंने ‘सन्स ऑफ एनार्की’, ‘द शील्ड’, ‘स्ट्रीट्स ऑफ ब्लड’, ‘साउथलैंड’, सुप्रिमैसी’ आदि केलिए टैटू (गोंदना) एवं स्पेशल इफैक्ट्स भी तैयार किए। उनके लिए‘द न्यू डॉटर’, ‘सन्स ऑफ एनार्की’, ‘स्ट्रीट्स ऑफ ब्लड’, सुप्रिमैसी’ बहुत चुनौतीपूर्ण रहीं, इनके लिए उन्हें बहुत रिसर्च करनी पड़ी। लेकिन ‘हेलोवीन’ का एक एपिसोड ‘रोमियो एंड जुलिएट’ एपिसोड सबसे अधिक चुनौती वाला था।
एमी पुरस्कार पाना उनके लिए बहुत उत्तेजक था साथ ही बहुत डर भी लग रहा था, क्योंकि वे परदे के पीछे काम करना पसंद करती हैं, परंतु अवार्ड ग्रहण करने केलिए मंच पर जाना उन्हें बहुत मुश्किल लग रहा था।
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