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विश्व सिनेमा की जादुई दुनिया: मेरी स्विनी जन्मदिन विशेष- अतियथार्थवादी दुनिया पकड़ने वाली

Thu, 01 Jan 2026 04:38 PM IST
Dr. Vijay Sharma डॉ. विजय शर्मा
Updated Thu, 01 Jan 2026 04:38 PM IST
सार

  • ढ़ेर सारे कलाकार अनाम रह जाते हैं, जैसे गुफा चित्रों के कलाकार। कोई उपाय नहीं है, आज हमारे पास इनका नाम जानने का। जैसे, तमाम आदिवासी कलाकारों का नाम कोई नहीं जानता है।
  •  जरा-सा खोजेंगे तो आपको ‘मुल्होलैंड ड्राइव’ के एडिटर का नाम पता चल जाएगा। चलिए, मैं ही बता देती हूं। इसके एडिटर का नाम है, मेरी स्विनी।

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history of world cinema Mary Sweeney American director and editor
सिनेमा की दुनिया - फोटो : Freepik.com

विस्तार

डेविड लिंच का नाम आपने अवश्य सुना होगा, वही ‘मुल्होलैंड ड्राइव’ फिल्म की प्रसिद्धि वाले। आप इस फिल्म की स्वप्न जैसी गुणवत्ता से अवश्य प्रभावित हुए होंगे। ऐसी क्वालिटी बिना कुशल एडिटर के नहीं आ सकती है। पर दर्शक को एडिटर के नाम से क्या मतलब, वह इसकी चिंता नहीं करता है। कला के साथ-साथ कलाकार का नाम जानना चाहिए।

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हां, ढ़ेर सारे कलाकार अनाम रह जाते हैं, जैसे गुफा चित्रों के कलाकार। कोई उपाय नहीं है, आज हमारे पास इनका नाम जानने का। जैसे, तमाम आदिवासी कलाकारों का नाम कोई नहीं जानता है। आज हमारे पास जानने की सुविधा है, पर कई कारणों से ये नाम अनजाने रहते हैं।
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सिनेमा के ग्राहक असीमित हैं, इससे जुड़े कलाकारों के नाम जान पाना आज कोई मुश्किल काम नहीं है। जरा-सा खोजेंगे तो आपको ‘मुल्होलैंड ड्राइव’ के एडिटर का नाम पता चल जाएगा। चलिए, मैं ही बता देती हूं। इसके एडिटर का नाम है, मेरी स्विनी। उन्होंने अब तक 9 फिल्मों की एडिटिंग की है, 9 प्रड्यूस, 5 लिखीं एवं 2 निर्देशित की हैं। 3 फिल्मों का ध्वनि विभाग भी संभाला है।
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मेरी स्विनी ने ‘मुल्होलैंड ड्राइव’ (2001) के अलावा ‘ट्विन पीक्स: फायर वॉक विद मी’ (1990), ‘द स्ट्रेट स्टोरी’ (1999), ‘लॉस्ट हाईवे’ (1997), बाराबू (2009) की एडिटिंग की। साथ ही उन्होंने ‘ट्विन पीक्स’ (1990), ‘ऑन दि एयर’ (1992), ‘होटेल रूम’ (1993) टीवी सीरियल के एक-एक एपिसोड और ‘इन दि आई एबाइड्स द हार्ट’ (2006) लघु फिल्म की एडिटिंग भी की है। हर फिल्म की रेटिंग खूब ऊंची रही है। मेरी ने ‘मुल्होलैंड ड्राइव’, ‘द स्ट्रेट स्टोरी’, ‘लॉस्ट हाईवे’, ‘ट्विन पीक्स’ तथा ‘ट्विन पीक्स: फायर वॉक विद मी’ का लेखन भी किया।

बाफ्टा पुरस्कार से नवाजी मेरी स्विनी ने डेविड लिंच के साथ कई फिल्मों में काम किया। दोनों 10 मई 2006 से लेकर 12 फरवरी 2007 तक पति-पत्नी रहे। उनका एक बेटा रैली लिंच है, वे लिंच के अन्य दो (ऑस्टिन जैक एवं जेनिफर) बच्चों की सौतेली मां (मुझे इस शब्द से तकलीफ होती है) हैं। दोनों के अलग होने पर खूब सनसनीखेज खबरें उड़ी।

डेविड लिंच और मेरी स्विनी

एक ओर वे इन खबरों से आहत थीं, दूसरी ओर उन्होंने अपना कार्य जारी रखा। उन्होंने तलाक के बाद ‘बाराबू’ एवं ‘इन दि आई एबाइड्स द हार्ट’ का निर्देशन किया। 15 जनवरी 2025 को जब डेविड लिंच की हृदयाघात से मृत्यु हुई, उसके बाद मेरी ने एक संवाद में डेविड के साथ अपने विकास, निजी एवं सृजनात्मक जीवन के बारे में बताया।

यह संवाद वे उसी स्थान पेरिस होटल के एक कमरे में सात साल बाद कर रही थीं, जहां उन्होंने पहले भी लोगों से अपने जीवन और डेविड के साथ काम करने के अनुभव साझा किए थे। इस बार के संवाद में एक संवेदनशील व्यक्ति की भांति अपने एक समय के साथी के जाने का सोग था, शोक था, व्यथा थी। उन्होंने यह भी बताया कि स्त्री के लिए जीवन नैया खेना कितना कठिन, कितना जटिल होता है।

मेरी स्विनी इस संवाद में डेविड के साथ अपनी लेगिसी की बात करती हैं, साथ ही अलग होने के कारण होने वाले तनाव, चुनौतियों को बताती हैं। जीवन रुकता नहीं है, मेरी भी तलाक और एक समय के करीबी के जाने के बाद अपना जीवन समेट कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही हैं।

संपादन कला में महारत

एडिटर के रूप में यदि हम उनके काम का विश्लेषण करें तो पाते हैं, उनके संपादन की वजह से दर्शक फिल्म की ओर भावात्मक रूप से आकर्षित होते हैं। वे फिल्म में काव्यात्मकता का सृजन करती हैं, फिल्म की लय, भावनाओं एवं कथात्मक आधिकारिकता बनाए रखती हैं। वे संपादन के वक्त स्क्रिप्ट के प्रति ईमानदार रहती हैं, मिथिकल तत्वों के प्रभाव को फिल्म में लाने का प्रयास करती हैं। साथ ही कथा के अंतर्प्रवाह को बरकरार रखती हैं। उन्हें परम्परागत तथा नवीनतम डिजिटल दोनों तरह की एडिटिंग की जानकारी है और वे दोनों तरह के संपादन का प्रयोग कर सकती हैं।



एक जनवरी 1957 को जन्मीं, वे अपना 69वां जन्मदिन मना कर 70वें साल में प्रवेश करेंगी। उन्हें जन्मदिन की बधाई!



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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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