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जीवन धारा: कल का कोई भरोसा नहीं, सूत्र- आज कुछ नया करें
अमर उजाला
Published by: Pavan
Updated Thu, 26 Mar 2026 07:39 AM IST
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सार
जीवन का असली रहस्य यह है कि हम इसे ऐसे जिएं, जैसे हम खुद भी कल हों या न हों। जब हम ऐसा सोचते हैं, तब काम को अधूरा नहीं छोड़ते, रिश्तों को नजरअंदाज नहीं करते, और हर पल को पूरी शिद्दत के साथ जीते हैं।
जीवन धारा: कल का कोई भरोसा नहीं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हम अक्सर एक सुरक्षित और सीमित दायरे में जीते रहते हैं, अपने चारों ओर एक नाजुक-सा खोल बना लेते हैं, और मान लेते हैं कि यही जीवन है। फिर अचानक कोई किताब पढ़ते हैं या यात्रा करते हैं और तब हमें एहसास होता है कि हम वास्तव में जी नहीं रहे, बल्कि हम तो सुषुप्त अवस्था में हैं। इस स्थिति के संकेत बहुत आसानी से समझे जा सकते हैं। पहला संकेत है-बेचैनी। दूसरा, और ज्यादा गंभीर संकेत है-जीवन में खुशी का खत्म हो जाना। यह स्थिति देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन धीरे-धीरे यह खतरनाक बन जाती है। एक जैसी जिंदगी, लगातार ऊब और उत्साह की कमी, ये सब मिलकर इन्सान को अंदर ही अंदर खत्म करने लगते हैं। लाखों लोग इसी तरह जीते रहते हैं, या यों कहें कि धीरे-धीरे जीना छोड़ देते हैं, और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उनके जीवन से असली खुशी और जीवंतता कब गायब हो गई। वे दफ्तरों में काम करते हैं, परिवारों के साथ पिकनिक मनाते हैं। सब कुछ सामान्य चलता रहता है। फिर अचानक कोई चीज उन्हें झकझोर देती है-कोई इन्सान, कोई किताब या कोई गीत। वह उन्हें जैसे नींद से जगा देता है और उन्हें जीवन का असली एहसास करा देता है। हालांकि, एक सच यह भी है कि कुछ लोग कभी जाग ही नहीं पाते।
जीवन का असली रहस्य यह है कि हम इसे ऐसे जिएं, जैसे कल का कोई भरोसा न हो, जैसे हम खुद भी कल यहां हों या न हों। जब हम ऐसा सोचते हैं, तब टालने की आदत अपने आप खत्म होने लगती है। हम काम को अधूरा नहीं छोड़ते, रिश्तों को नजरअंदाज नहीं करते, और हर पल को पूरी शिद्दत के साथ जीते हैं। इस विचार ने मुझे हर मिलने वाले, हर परिचय, हर संवाद के प्रति अधिक सतर्क बना दिया। यह अनुभूति आज के समय में दुर्लभ हो गई है और दिन-ब-दिन दुर्लभ होती जा रही है, क्योंकि अब हम एक तेज और सतही गति में जी रहे हैं। आज हम मानते हैं कि हम अधिक लोगों, देशों, स्थानों के संपर्क में हैं। लेकिन यह एक भ्रम है, जो हमें हमारे पास मौजूद व्यक्ति से गहराई से जुड़ने से वंचित कर देता है। जब तकनीक इन्सानों के बीच की जगह लेने लगती है, और हमें लगता है कि हम लाखों लोगों से जुड़े हुए हैं, तब असल में हम अंदर से और ज्यादा अकेले हो जाते हैं। हमारी सच्ची भावनाएं, गहरे रिश्ते और एक-दूसरे को समझने की क्षमता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
जीवन की असली समृद्धि अपने आसपास के लोगों को महसूस करने और उनसे दिल से जुड़ने से होती है। जीवन का वह संगीत, वह ऊर्जा, वह चेतना, जो हमें केवल जागृत होकर ही अनुभव होती है, वही जीवन को सच्चा बनाती है। यह अनुभव तभी मिलता है, जब हम सच में जागरूक होकर जीते हैं। अगर हम हर दिन, हर पल और हर व्यक्ति का ध्यान रखें, तो साधारण और उबाऊ लगने वाली जिंदगी में भी हमें सच्ची खुशी मिल सकती है। -द डायरी ऑफ अनाइस नीन-4 के अनूदित अंश
सूत्र- आज कुछ नया करें
जीवन का असली अर्थ तब ही महसूस होता है, जब हम हर क्षण जागरूक होकर जीते हैं, हर व्यक्ति और अनुभव के साथ पूरी संवेदनशीलता से जुड़ते हैं, कल के अनिश्चित होने को स्वीकार करते हैं, और अपनी दिनचर्या, ऊब और तर्कसंगत जीवन की सीमाओं से बाहर निकलकर कुछ नया करने की कोशिश करते हैं।
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जीवन का असली रहस्य यह है कि हम इसे ऐसे जिएं, जैसे कल का कोई भरोसा न हो, जैसे हम खुद भी कल यहां हों या न हों। जब हम ऐसा सोचते हैं, तब टालने की आदत अपने आप खत्म होने लगती है। हम काम को अधूरा नहीं छोड़ते, रिश्तों को नजरअंदाज नहीं करते, और हर पल को पूरी शिद्दत के साथ जीते हैं। इस विचार ने मुझे हर मिलने वाले, हर परिचय, हर संवाद के प्रति अधिक सतर्क बना दिया। यह अनुभूति आज के समय में दुर्लभ हो गई है और दिन-ब-दिन दुर्लभ होती जा रही है, क्योंकि अब हम एक तेज और सतही गति में जी रहे हैं। आज हम मानते हैं कि हम अधिक लोगों, देशों, स्थानों के संपर्क में हैं। लेकिन यह एक भ्रम है, जो हमें हमारे पास मौजूद व्यक्ति से गहराई से जुड़ने से वंचित कर देता है। जब तकनीक इन्सानों के बीच की जगह लेने लगती है, और हमें लगता है कि हम लाखों लोगों से जुड़े हुए हैं, तब असल में हम अंदर से और ज्यादा अकेले हो जाते हैं। हमारी सच्ची भावनाएं, गहरे रिश्ते और एक-दूसरे को समझने की क्षमता भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
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जीवन की असली समृद्धि अपने आसपास के लोगों को महसूस करने और उनसे दिल से जुड़ने से होती है। जीवन का वह संगीत, वह ऊर्जा, वह चेतना, जो हमें केवल जागृत होकर ही अनुभव होती है, वही जीवन को सच्चा बनाती है। यह अनुभव तभी मिलता है, जब हम सच में जागरूक होकर जीते हैं। अगर हम हर दिन, हर पल और हर व्यक्ति का ध्यान रखें, तो साधारण और उबाऊ लगने वाली जिंदगी में भी हमें सच्ची खुशी मिल सकती है। -द डायरी ऑफ अनाइस नीन-4 के अनूदित अंश
सूत्र- आज कुछ नया करें
जीवन का असली अर्थ तब ही महसूस होता है, जब हम हर क्षण जागरूक होकर जीते हैं, हर व्यक्ति और अनुभव के साथ पूरी संवेदनशीलता से जुड़ते हैं, कल के अनिश्चित होने को स्वीकार करते हैं, और अपनी दिनचर्या, ऊब और तर्कसंगत जीवन की सीमाओं से बाहर निकलकर कुछ नया करने की कोशिश करते हैं।