सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Madhya Pradesh Information Commission includes several journalists along with IAS and FIR officers.

सूचना आयुक्त के पद तीन, दावेदार कई

Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 02 Jan 2026 06:02 AM IST
विज्ञापन
सार

मध्य प्रदेश सूचना आयोग में आयुक्त के तीन रिक्त पदों को लेकर प्रशासनिक और मीडिया जगत में खासा उत्साह है। इन पदों के लिए वर्तमान व सेवानिवृत्त आईएएस-आईपीएस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भी आवेदन किया है, जिससे चयन प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Madhya Pradesh Information Commission includes several journalists along with IAS and FIR officers.
राज और नीति : मप्र में सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

मध्य प्रदेश सूचना आयोग में आयुक्त के तीन रिक्त पद को हासिल करने के लिए कई वर्तमान और रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट के अलावा बड़ी संख्या में पत्रकार रेस में हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पद के लिए कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने आवेदन किया है। उनमें वर्तमान में सेवारत आईएएस अधिकारी संजय मिश्रा और वंदना वैद्य भी शामिल हैं। रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों में संजय गुप्ता, वीरेंद्र सिंह रावत, नरेश पाल, राजेश कोल, रविंद्र सिंह और श्रीनिवास शर्मा के नाम सामने आ रहे हैं।
Trending Videos


आईपीएस अधिकारियों में 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह और 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी मुकेश जैन का नाम भी आवेदक में बताया गया है। अभी दिसंबर में रिटायर हुए 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी पवन श्रीवास्तव ने भी इस पद के लिए आवेदन किया है। इसके साथ ही 51 पत्रकारों ने भी इस पद के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा आरएसएस और अन्य संगठनों से जुड़े कुछ और नाम भी सामने आए हैं जो इस पद के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य शासन अब इन पदों के लिए किन तीन नामों का चयन करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना कलेक्टर बने ही सुपर टाइम में पदोन्नति
भारतीय प्रशासनिक सेवा में सीधी भर्ती या प्रमोटी अधिकारी का सेवा काल के दौरान किसी जिले का कलेक्टर बनना सपना होता है। हालांकि, कई प्रमोटी अधिकारी बिना कलेक्टर बने ही सुपर टाइम स्केल में पदोन्नत होकर सेवानिवृत हो जाते हैं। राज्य शासन द्वारा 31 दिसंबर को जारी आदेश में 2010 बैच के पदोन्नत हुए अधिकारियों में एक अधिकारी ऐसे ही हैं। उन्हें सुपर टाइम में पदोन्नत कर दिया गया, लेकिन वह अपने पूरे सेवाकाल में कलेक्टर नहीं बन सके। उनका नाम चंद्रशेखर वालिंबे है। वे मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वहीं पर सचिव पद पर पदोन्नत कर दिया गया है। अब वे कलेक्टर बनने की पात्रता से बाहर हो गए हैं, लेकिन हां, वे अब संभागीय कमिश्नर बन सकते हैं! ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि लेकिन क्या वे कभी कमिश्नर बन पाएंगे?

इधर हो रही थी मौतें उधर चल रही थी पार्टी
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से 10 लोगों की मौत की खबरों के बीच एक शर्मनाक खबर भी सामने आ रही है। दरअसल जिस दिन का यह हादसा है उसी दिन जल कार्य समिति के अध्यक्ष अभिषेक बबलू शर्मा ने शहर के कान्हा रिसोर्ट में पार्टी आयोजित की थी। इस पार्टी में महापौर के अलावा नगर निगम के कई पार्षद और अधिकारी शामिल हुए थे। इसे महज संयोग ही कहा जा सकता है कि इधर मौतें हो रही थीं और उधर पार्टी चल रही थी। इस मामले में दुखदाई बात यह है कि पार्टी उन लोगों की थी जिन्हें शहर के लोगों ने साफ पानी पिलाने की जिम्मेदारी दी है।

कौन बनेगा कलेक्टर भोपाल!
राज्य शासन द्वारा 31 दिसंबर को आईएएस अधिकारियों के पदोन्नति आदेश में फिलहाल जो जहां जिस पद पर है, वहीं पर पदोन्नत कर दिया गया है। हालांकि, 2010 बैच के कई अधिकारियों की नए सिरे से पदस्थापना हो सकती है। 2010 बैच के पदोन्नत 16 अधिकारियों में कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह भी हैं। उन्हें फिलहाल कलेक्टर भोपाल के पद पर बनाए रखा गया है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के चलते 15 फरवरी तक कलेक्टरों के तबादले पर एक तरह से रोक है। ऐसे में यह माना जा सकता है कि कौशलेंद्र 15 फरवरी तक भोपाल के कलेक्टर बने रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि सुपर टाइम स्केल मिलने के बाद उन्हें पदोन्नत पद के हिसाब से पदस्थ तो करना होगा।

ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि शासन के विश्वसनीय अधिकारियों में शुमार कौशलेंद्र विक्रम सिंह की पदस्थापना कहां होती है और किसे कलेक्टर भोपाल पदस्थ किया जाता है। कुछ नाम चर्चा में हैं, जिनमें जल निगम के एमडी केवीएस चौधरी कोलसानी (जो पहले नगर निगम भोपाल के आयुक्त रह चुके हैं), धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और मंत्रालय में पदस्थ अपर सचिव दीपक आर्य शामिल हैं। चर्चा तो कुछ और कलेक्टरों को बदलने की भी चल रही है। मंत्रालय और कुछ संभागों के कमिश्नर के भी फेरबदल की सुगबुगाहट है।

(अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।)
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed