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राज और नीति: भाजपा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राज

Suresh Tiwari सुरेश तिवारी
Updated Fri, 23 Jan 2026 06:01 AM IST
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सार

प्रदेश भाजपा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रभाव लगातार बढ़ा है। हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनवाने के बाद अब दिल्ली में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी में भी उनका दबदबा दिखा। 

Politics and Policy: Chief Minister Dr. Mohan Yadav's rule in BJP
ऱाज और नीति: मप्र की सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश भाजपा में अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक छत्र राज हो गया है। पहले हेमंत खंडेलवाल को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनवाकर उन्होंने अपना वर्चस्व दिखाया। अब ऐसा ही नजारा दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी के दौरान दिखाई दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मध्य प्रदेश भाजपा में डॉ. मोहन यादव नंबर एक नेता हो गए हैं और उन्हें केंद्रीय नेतृत्व का पूरा वरदहस्त प्राप्त है।
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मुख्य सचिव का रौद्र रूप
भोपाल से बुधवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कमिश्नर, आईजी, डीआईजी और एसपी को कहा कि आप क्या करते हैं, इसकी खबर हम तक भी आती है। आप सभी अपना कामकाज साफ सुथरा रखें वरना कठोर कार्रवाई झेलने के लिए तैयारी रहें। उन्होंने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। पता चला है कि मुख्यमंत्री से फ्री हैंड मिलने के बाद ही मुख्य सचिव ने अफसरों को यह चेतावनी दी है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अब आगे अधिकारियों के व्यवहार और कार्य प्रणाली में क्या बदलाव दिखाई देता है?
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पूर्व मंत्री का बंगला बना 'मरीज घर' 
प्रदेश की राजधानी भोपाल के वीआईपी इलाके '74 बंगला' स्थित सरकारी आवास अमूमन सत्ता और राजनीति के केंद्र होते हैं, लेकिन बंगला नंबर बी-1 एक अलग ही मिसाल पेश कर रहा है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का यह सरकारी घर अब एक 'मरीज घर' और 'सेवा सदन' बन चुका है। बंगले में मरीजों के लिए 50 बिस्तरों के तीन हॉल पुनर्सज्जित कराए गए हैं। इस बंगले में मरीजों के रुकने से लेकर आने-जाने के लिए एंबुलेंस, भोजन और राजधानी के अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कर्मचारी मौजूद रहते हैं। बंगले में बीमार बच्चों के ठहरने के लिए एक खास गेस्ट रूम प्ले स्कूल की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसमें झूला, खिलौने से लेकर बच्चों के लिए विशेष बिस्तर की व्यवस्था है। बीमार बच्चों का मूड ठीक रखने के लिए दीवारों पर कार्टून और आकर्षक पेंटिंग्स भी बनवाई गई हैं।

अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें। 
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