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राज और नीति : राज्य के कद्दावर मंत्री के राज्यसभा जाने की चर्चा
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सार
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक वरिष्ठ मंत्री के फिर से केंद्र की राजनीति में जाने की चर्चा तेज है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से हालिया मुलाकात के बाद अटकलों को बल मिला है। माना जा रहा है कि भाजपा हाईकमान उनके संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक कौशल को देखते हुए उन्हें राज्यसभा के जरिए केंद्र में अहम जिम्मेदारी दे सकता है।
राज और नीति: प्रदेश की सियासी और प्रशासनिक हलचल बताता कॉलम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों यह चर्चा जोरों पर है कि क्या मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ मंत्री फिर से केंद्र की राजनीति में प्रवेश करेंगे? पिछले सप्ताह उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई है\। इसके बाद से इस चर्चा को बल मिला है। कहा जा रहा है कि इस कद्दावर मंत्री की संगठन क्षमता को देखते हुए भाजपा हाईकमान उन्हें केंद्र में कोई महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंप सकता है। यह भी चर्चा है कि वे राज्यसभा के रास्ते अब केंद्र की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका में प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठन कौशल का उपयोग दिल्ली में कब और कैसे करती है?
विभागों की समीक्षा के बाद तय होगा मंत्रियों का भविष्य
प्रदेश के मुख्यमंत्री आगामी 17 मई से मध्य प्रदेश के चयनित महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इन बैठकों के लिए विशेष एजेंडा तैयार किया जा रहा है। इसमें पिछले ढाई साल के परफॉर्मेंस को देखा जाएगा। इसके साथ ही आगामी वर्ष के लिए दूरगामी निर्णय, नीतियों में संशोधन और जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। सभी विभागों की कार्ययोजना बनाकर समय सीमा तय की जाएगी और आगामी एक वर्ष के लिए विभागों को लक्ष्य दिए जाएंगे। मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को इस आशय के संकेत दिए गए हैं कि वे इस बैठक को सामान्य विभागीय समीक्षा बैठक न समझें। कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस बैठक के परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों का भविष्य तय होगा।
अगली कैबिनेट में आ सकती है नई तबादला नीति
प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक में आ सकती है। सूत्रों के अनुसार इस बार तबादला नीति में सरकार कुछ ऐसे बिंदु शामिल करने जा रही है, जिसके कारण जनप्रतिनिधि थोकबंद सिफारिशें नहीं कर सकेंगे। पारदर्शिता के लिए फीडबैक सिस्टम लागू किया जा सकता है। यानी जिन कर्मचारियों के तबादले हो चुके होंगे, उनसे पूछा जाएगा कि तबादला कराने में किसी तरह की कठिनाई का सामना तो नहीं करना पड़ा। तबादलों के लिए सरकारी अधिकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन देना होंगे। ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
नितिन नवीन की टीम में प्रदेश के इन नेताओं को मिल सकता है मौका
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम पर लगी हैं। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि नवीन टीम में मध्य प्रदेश से कौन से नेता शामिल हो सकते हैं। जो नाम चर्चा में हैं उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा का नाम सबसे आगे है। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार को भी राष्ट्रीय टीम में मौका मिल सकता है। कविता प्रदेश भाजपा की महामंत्री रही हैं और महिला कोटे से उनका नाम आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का नाम भी चर्चा में है। प्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्री भी इस टीम में महत्वपूर्ण स्थान पा सकते हैं।
टीकमगढ़ कलेक्टर की पहल- जन शीतल आश्रय
जब तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, तब घरों और कार्यालयों में रह रहे लोग तो किसी तरह राहत पा लेते हैं, लेकिन अस्पताल, तहसील, नगर पालिका या बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह गर्मी बेहद कठिन हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने एक अभिनव और कम लागत वाला समाधान शुरू किया है— जन शीतल आश्रय’। इस पहल के तहत सार्वजनिक यात्री प्रतीक्षालयों और आश्रयों को पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीके से ठंडा रखने की व्यवस्था की गई है। आश्रयों के खुले हिस्सों को खस की चटाई से ढंका गया है, जिन पर लगातार पानी का छिड़काव या मिस्ट सिस्टम चलाया जाता है। खस की चटाई में पानी पड़ते ही प्राकृतिक वाष्पीकरण की प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे आसपास का तापमान कुछ डिग्री तक कम हो जाता है और वातावरण में ठंडक महसूस होती है। इस मॉडल की खास बात इसकी कम लागत और आसान संचालन है। इसमें महंगे एयरकंडीशन या बिजली की अधिक खपत की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि स्थानीय संसाधनों और सरल वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से प्रभावी ठंडक प्रदान की जाती है।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
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विभागों की समीक्षा के बाद तय होगा मंत्रियों का भविष्य
प्रदेश के मुख्यमंत्री आगामी 17 मई से मध्य प्रदेश के चयनित महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों और उपलब्धियों की समीक्षा शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इन बैठकों के लिए विशेष एजेंडा तैयार किया जा रहा है। इसमें पिछले ढाई साल के परफॉर्मेंस को देखा जाएगा। इसके साथ ही आगामी वर्ष के लिए दूरगामी निर्णय, नीतियों में संशोधन और जनता से जुड़े हुए मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। सभी विभागों की कार्ययोजना बनाकर समय सीमा तय की जाएगी और आगामी एक वर्ष के लिए विभागों को लक्ष्य दिए जाएंगे। मंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को इस आशय के संकेत दिए गए हैं कि वे इस बैठक को सामान्य विभागीय समीक्षा बैठक न समझें। कहा तो यहां तक जा रहा है कि इस बैठक के परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों का भविष्य तय होगा।
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अगली कैबिनेट में आ सकती है नई तबादला नीति
प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक में आ सकती है। सूत्रों के अनुसार इस बार तबादला नीति में सरकार कुछ ऐसे बिंदु शामिल करने जा रही है, जिसके कारण जनप्रतिनिधि थोकबंद सिफारिशें नहीं कर सकेंगे। पारदर्शिता के लिए फीडबैक सिस्टम लागू किया जा सकता है। यानी जिन कर्मचारियों के तबादले हो चुके होंगे, उनसे पूछा जाएगा कि तबादला कराने में किसी तरह की कठिनाई का सामना तो नहीं करना पड़ा। तबादलों के लिए सरकारी अधिकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन आवेदन देना होंगे। ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।
नितिन नवीन की टीम में प्रदेश के इन नेताओं को मिल सकता है मौका
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम पर लगी हैं। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि नवीन टीम में मध्य प्रदेश से कौन से नेता शामिल हो सकते हैं। जो नाम चर्चा में हैं उनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वीडी शर्मा का नाम सबसे आगे है। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार को भी राष्ट्रीय टीम में मौका मिल सकता है। कविता प्रदेश भाजपा की महामंत्री रही हैं और महिला कोटे से उनका नाम आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का नाम भी चर्चा में है। प्रदेश के दो वरिष्ठ मंत्री भी इस टीम में महत्वपूर्ण स्थान पा सकते हैं।
टीकमगढ़ कलेक्टर की पहल- जन शीतल आश्रय
जब तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, तब घरों और कार्यालयों में रह रहे लोग तो किसी तरह राहत पा लेते हैं, लेकिन अस्पताल, तहसील, नगर पालिका या बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह गर्मी बेहद कठिन हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने एक अभिनव और कम लागत वाला समाधान शुरू किया है— जन शीतल आश्रय’। इस पहल के तहत सार्वजनिक यात्री प्रतीक्षालयों और आश्रयों को पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीके से ठंडा रखने की व्यवस्था की गई है। आश्रयों के खुले हिस्सों को खस की चटाई से ढंका गया है, जिन पर लगातार पानी का छिड़काव या मिस्ट सिस्टम चलाया जाता है। खस की चटाई में पानी पड़ते ही प्राकृतिक वाष्पीकरण की प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे आसपास का तापमान कुछ डिग्री तक कम हो जाता है और वातावरण में ठंडक महसूस होती है। इस मॉडल की खास बात इसकी कम लागत और आसान संचालन है। इसमें महंगे एयरकंडीशन या बिजली की अधिक खपत की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि स्थानीय संसाधनों और सरल वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से प्रभावी ठंडक प्रदान की जाती है।
अस्वीकरण: यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।