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बुजुर्ग घर की नींव होते हैं: ये भावनात्मक शक्ति के सबसे बड़े स्रोत, परिवार को मिलती है स्थिरता, प्रेम और दिशा
पर्ल एस बक
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Fri, 15 May 2026 05:20 AM IST
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सार
बुजुर्ग केवल परिवार के सदस्य नहीं होते, बल्कि वे घर की जड़ें होते हैं। जिस प्रकार किसी वृक्ष की जड़ें उसे मजबूती देती हैं, उसी प्रकार बुजुर्ग परिवार को स्थिरता, प्रेम और दिशा प्रदान करते हैं।
कार्ल जुंग ने ठीक ही कहा है- जीवन की शाम सुबह की तरह ही अर्थपूर्ण होती है, बस उसका अर्थ अलग होता है।
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
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विस्तार
जीवन केवल बड़ी खुशियों के पीछे भागने का नाम नहीं है, बल्कि उन छोटे-छोटे सुखों को महसूस करने का भी नाम है, जो हमारे आसपास हर दिन मौजूद रहते हैं। हमारे जीवन में बुजुर्गों का महत्व भी बहुत गहरा और अनमोल होता है, लेकिन अक्सर आधुनिक जीवन की भागदौड़ में लोग अपने माता-पिता और दादा-दादी के महत्व को भूलने लगते हैं, जबकि वही हमारे अनुभव, संस्कार और भावनात्मक शक्ति के सबसे बड़े स्रोत होते हैं।
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बुजुर्ग केवल परिवार के सदस्य नहीं होते, बल्कि वे घर की जड़ें होते हैं। जिस प्रकार किसी वृक्ष की जड़ें उसे मजबूती देती हैं, उसी प्रकार बुजुर्ग परिवार को स्थिरता, प्रेम और दिशा प्रदान करते हैं। उनके पास जीवन का अनुभव होता है, जो किसी पुस्तक या विद्यालय से प्राप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने संघर्ष, कठिनाइयां, रिश्तों की अहमियत और समय की कीमत को बहुत करीब से देखा होता है। इसलिए उनकी सलाह जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन देती है।
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बुजुर्गों का स्नेह, धैर्य और समझ परिवार को जोड़कर रखने का काम करता है। जब एक बच्चा अपने दादा-दादी से कहानियां सुनता है या उनके साथ समय बिताता है, तब वह केवल मनोरंजन नहीं करता, बल्कि संस्कार, इतिहास और मानवीय संवेदनाएं भी सीखता है। समाज की वास्तविक पहचान इस बात से होती है कि वह अपने कमजोर और वृद्ध लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
यदि बुजुर्ग अपने ही घर में उपेक्षित महसूस करें, तो यह केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनहीनता को दर्शाता है। हमें यह समझना चाहिए कि जिस प्रकार बचपन में उन्होंने हमारा हाथ पकड़कर चलना सिखाया, उसी प्रकार वृद्धावस्था में उन्हें हमारे सहारे, सम्मान और प्रेम की आवश्यकता होती है। बुजुर्गों का सम्मान करना केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि मानवता का सबसे सुंदर रूप है। उनका आशीर्वाद घर में शांति, प्रेम और सकारात्मकता लाता है। इसलिए हमें उनके साथ समय बिताना चाहिए, उनकी भावनाओं को समझना चाहिए और उन्हें यह एहसास दिलाना चाहिए कि वे हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।