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दूसरा पहलू: यात्राएं आपका दिल खोलती हैं

अमर उजाला Published by: Pavan Updated Fri, 06 Mar 2026 08:25 AM IST
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सार

मैं 70 वर्ष का हूं और अपनी पत्नी के साथ कहीं घूमने-फिरने जाना चाहता हूं। परिवार के लोग मना करते हैं, लेकिन घूमने की बड़ी इच्छा है, क्या करूं। बुजुर्ग दंपती को मनोवैज्ञानिक सलाहकार नीलकंठ ने यात्रा प्लान करने संबंधी कुछ अहम सुझाव दिए

Travel opens your heart; but carefully evaluate every proposal and idea.
यात्राएं आपका दिल खोलती हैं - फोटो : FreePik
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विस्तार

आपकी इच्छा स्वाभाविक है। नए लोग, नए विचार, नया माहौल-सब मिलकर आपको उम्र से ऊपर उठा देते हैं। पारंपरिक रूप से तीर्थयात्राएं बुजुर्गों का प्रिय गंतव्य स्थल होती थीं, लेकिन अब समय बदल गया है। आवागमन के साधनों ने दूरियां पाट दी हैं। एक समूह की तरह बुजुर्ग भी आनंद के अनुभवों में उतरना चाहते हैं। जिन्हें एक फिल्म 'ऊंचाई' की याद हो, वे जान सकते हैं कि कैसे बुजुर्ग मित्रों की एक यात्रा भावनाओं के ज्वार और रिश्तों के छिपे हुए रहस्य उजागर करती है। लेकिन यदि व्यावहारिक समझ का इस्तेमाल न हो, तो यात्रा मुसीबत में बदल जाती है।
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अभी ताजा किस्सा मुंबई का है। वहां के रोटरी क्लब के 60 वरिष्ठ सदस्यों ने असम-मेघालय टूर प्लान किया। एक ट्रेवल प्लानर राहुल को उन्होंने कुल 33 लाख रुपये एडवांस में दे दिए। एक दिन प्लानर ने फोन किया कि बारिश की वजह से टूर रद्द करना पड़ा है, लिहाजा वह पैसे लौटा देगा। उसने चेक दिए। चेक बाउंस हो गए और ट्रेवल प्लानर लापता। बुजुर्गों को तब एहसास हुआ कि वे ठगे गए हैं। यह तो तब है, जब एक प्रतिष्ठित क्लब के सदस्य सामूहिक रूप से छुट्टियां प्लान करने बैठे थे। इसलिए कुछ जरूरी बातों को यदि याद रखें, तो छुट्टी का आनंद वास्तव में ऊर्जा लेकर आएगा। 
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हर प्रस्ताव और विचार को खूब परखें। ट्रेवल प्लान यदि परिचित समूह में हो तो बेहतर। एक जैसे स्वभाव के लोग हों, तो आनंद बढ़ जाता है। टूर गाइडेड ही हों, ताकि गंतव्य पर पहुंच कर अनावश्यक दौड़-भाग न हो। प्रतिष्ठित टूर कंपनी का ही प्लान लें और उसकी जांच करें। वरिष्ठों के कुछ विशेष लाभ हों, तो उनका समावेश करवाएं। व्हीलचेयर से लेकर स्वास्थ्य के हिसाब से खाने तक की बात इन सावधानियों में शामिल रखें। यात्रा का वक्त ऐसा चुनें, जो स्वास्थ्य के अनुकूल हो। लगातार टैक्सी में बैठना, जेट लेग या धूप व तपिश बर्दाश्त करने की क्षमता सबकी अलग-अलग होती है।

अकेले बुजुर्ग दंपती यदि यात्रा का प्लान बनाते हैं और घर पर कोई नहीं रहने वाला है, तो सुरक्षा के लिहाज से गोपनीयता बरतें। असामाजिक तत्व खाली मकानों पर घात लगाकर रख सकते हैं। पड़ोसी और विश्वस्त मित्रों को जरूर विश्वास में लें और अपनी योजना इस प्रकार साझा करें कि वे आपके लिए जरूरत पड़ने पर मददगार साबित हों। डॉक्टर की सलाह से ही दुर्गम स्थलों की यात्रा की योजना बनाएं। बेहतर हो प्रकृति का आनंद, स्थानीय संस्कृति का अनुभव और कम थकान देने वाले गंतव्य चुनें। आवश्यक दवाइयां, डॉक्टर की पर्ची, कपड़ों समेत हल्का सामान, तबीयत के मुताबिक थोड़ी खाने की चीजें ही लगेज में हों। खुद को सामान ढोने वाला नहीं, प्रफुल्लित यात्री बनाएं। ट्रेवल बीमा जरूर करवाएं। कई बार लगता है कि यह फालतू खर्च है, लेकिन यह किसी अनहोनी के प्रति सुरक्षा प्रबंध है। सामान खोने, फ्लाइट रद्द होने या मेडिकल इमरजेंसी में यह उपयोगी होता है। इमरजेंसी नंबर सहयात्रियों के साथ साझा करें। क्रेडिट-डेबिट कार्ड, आधार, पासपोर्ट जैसी चीजें अनिवार्य हैं। परिवार के लोगों या करीबी मित्रों के साथ यात्रा के विवरण साझा करते रहें और संपर्क अपडेट करते रहें। यात्रा उत्साह से शुरू करें और आत्मविश्वास से भर कर लौटें। शुभ यात्रा!
 
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