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उमस भरी गर्मी में क्यों बढ़ जाती है बेचैनी, क्या ये आसान तरीके आपके मन को शांत कर सकते हैं?

Sun, 02 Aug 2026 06:30 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल एलिजाबेथ पासारेला, अमर उजाला
एलिजाबेथ पासारेला, अमर उजाला Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 02 Aug 2026 06:30 AM IST
सार

Why Does Humid Weather Increase Stress: बारिश के बाद की उमस और गर्मी सिर्फ शरीर ही नहीं, मन पर भी असर डालती है। चिपचिपाहट, थकान और बदली दिनचर्या कई लोगों में तनाव बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन आखिर उमस भरे मौसम में मन को शांत रखने का सबसे आसान तरीका क्या है और अनुभवों को सहज आने-जाने देना क्यों जरूरी माना गया है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Why Does Humid Weather Increase Stress Easy Ways to Calm Your Mind
क्या मौसम आपके मन पर भी असर डालता है? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बारिश के बाद की उमस भरी गर्मी कई लोगों के लिए तेज धूप से भी ज्यादा परेशान करने वाली होती है। हवा में नमी बढ़ने से शरीर लगातार चिपचिपा महसूस करता है और छोटे-छोटे काम भी थकाने लगते हैं। ऐसे मौसम में दिनचर्या बिगड़ जाए या बच्चों की छुट्टियां चल रही हों, तो तनाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में शरीर के साथ-साथ मन का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है।
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उमस भरे मौसम में राहत पाने के लिए विशेषज्ञ कुछ आसान उपाय अपनाने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि जैसे सर्दियों में लोग शरीर को गर्म रखकर सुकून महसूस करते हैं, उसी तरह गर्म और उमस भरे मौसम में शरीर को ठंडक देना तनाव कम करने में मदद कर सकता है। ठंडे पानी से नहाना, हल्के और हवादार कपड़े पहनना और अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करना मन को शांत रखने में मददगार हो सकता है।
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उमस के दौरान शरीर और मन को राहत कैसे मिल सकती है?

पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर और माइंडफुलनेस पर शोध करने वाली एमिली लिंडसे कहती हैं कि अगर बहुत ज्यादा उमस या बेचैनी महसूस हो, तो योग की 'कूलिंग ब्रीदिंग' तकनीक अपनाई जा सकती है। इसमें जीभ को मोड़कर धीरे-धीरे सांस अंदर ली जाती है और फिर नाक से सांस बाहर छोड़ी जाती है। उनके अनुसार इससे ठंडी हवा अंदर जाती है और गर्म हवा बाहर निकलती है, जिससे मन शांत महसूस करता है। वह यह भी कहती हैं कि अच्छे और बुरे दोनों अनुभवों को आने-जाने देना चाहिए और उन बातों पर ध्यान देना चाहिए, जो खुशी देती हैं।

तनाव कम करने के लिए दिनचर्या में क्या बदलाव करें?

मनोरोग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर समर मैककचियन के मुताबिक, ऐसे मौसम में खुद को घर में बंद रखने के बजाय कुछ हल्की और आरामदायक गतिविधियां करनी चाहिए। दोस्तों के साथ वातानुकूलित सिनेमा हॉल में फिल्म देखना, म्यूजियम जाना या दिन के बजाय रात में तैराकी करना बेहतर विकल्प हो सकते हैं। उनका कहना है कि सुबह आराम से कुर्सी पर बैठकर कॉफी पीना या दोपहर में थोड़ी देर टहलना जैसी छोटी आदतें भी मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।

कृतज्ञता का अभ्यास क्यों फायदेमंद माना गया है?

विशेषज्ञ मिला टिटोवा का कहना है कि कृतज्ञता का अभ्यास लोगों को परिस्थितियों को नए नजरिये से देखने में मदद करता है। इसके लिए दिन के अच्छे पलों पर ध्यान देना या रात को सोने से पहले दिन की तीन अच्छी बातें लिखना उपयोगी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम बदला नहीं जा सकता, लेकिन उसे देखने का नजरिया बदला जा सकता है। यदि व्यक्ति अपने मन को अच्छे अनुभवों पर केंद्रित रखे और हर अनुभव को सहज रूप से स्वीकार करे, तो उमस और गर्मी के बीच भी मानसिक शांति बनाए रखना आसान हो सकता है।
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