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खिताबी जीत पर भारतीय खिलाड़ी: बुमराह को अब भी है 2023 की हार का मलाल, मिचेल से विवाद पर क्या बोले अर्शदीप?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Mon, 09 Mar 2026 12:02 AM IST
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सार
भारत की टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान जसप्रीत बुमराह ने 2023 वनडे विश्व कप में मिली निराशा का भी जिक्र किया। आइए जानते हैं किस खिलाड़ी ने क्या कहा...
जसप्रीत बुमराह
- फोटो : IANS
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विस्तार
भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया है, लेकिन टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अब भी 2023 वनडे विश्व कप फाइनल में मिली हार का मलाल है। भारत को उस वक्त अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया से हार मिली थी। लेकिन टीम ने अब इसी मैदान पर टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
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फाइनल की पिच पर क्या बोले बुमराह?
खिताबी जीत के बाद बुमराह ने कहा, यह जीत बेहद खास है, क्योंकि मैंने अपने होम ग्राउंड पर पहले भी एक फाइनल खेला था, लेकिन तब हम जीत नहीं पाए थे। आज जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे पता था कि विकेट काफी सपाट है, इसलिए मुझे अपना पूरा अनुभव इस्तेमाल करना था। इस टूर्नामेंट से पहले मैं ऐसे दौर में था, जहां मुझे लग रहा था कि मैं थोड़ा ज्यादा कोशिश कर रहा हूं। गेंदबाजी अच्छी हो रही थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मैं खुद पर ज्यादा दबाव डाल रहा हूं।
बुमराह ने कहा, इस टूर्नामेंट में मैंने बस खेल पर ध्यान दिया और वह तरीका मेरे लिए काफी अच्छा काम कर गया। अपने होम ग्राउंड पर विश्व कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच मिलने से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। जहां तक मेरी धीमी गेंदों की बात है, अनुभव की वजह से मुझे पता था कि यहां बहुत तेज गेंदबाजी करने से बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान हो जाता है। इसलिए मैंने समझदारी से गेंदबाजी की और यह समझने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं। जो टीमें दबाव में भी शांत रहती हैं, वही टूर्नामेंट जीतती हैं और मुझे खुशी है कि हमने ऐसा ही किया।
खिताबी जीत के बाद बुमराह ने कहा, यह जीत बेहद खास है, क्योंकि मैंने अपने होम ग्राउंड पर पहले भी एक फाइनल खेला था, लेकिन तब हम जीत नहीं पाए थे। आज जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। मुझे पता था कि विकेट काफी सपाट है, इसलिए मुझे अपना पूरा अनुभव इस्तेमाल करना था। इस टूर्नामेंट से पहले मैं ऐसे दौर में था, जहां मुझे लग रहा था कि मैं थोड़ा ज्यादा कोशिश कर रहा हूं। गेंदबाजी अच्छी हो रही थी, लेकिन ऐसा लग रहा था कि मैं खुद पर ज्यादा दबाव डाल रहा हूं।
बुमराह ने कहा, इस टूर्नामेंट में मैंने बस खेल पर ध्यान दिया और वह तरीका मेरे लिए काफी अच्छा काम कर गया। अपने होम ग्राउंड पर विश्व कप फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच मिलने से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। जहां तक मेरी धीमी गेंदों की बात है, अनुभव की वजह से मुझे पता था कि यहां बहुत तेज गेंदबाजी करने से बल्लेबाजों के लिए शॉट खेलना आसान हो जाता है। इसलिए मैंने समझदारी से गेंदबाजी की और यह समझने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं। जो टीमें दबाव में भी शांत रहती हैं, वही टूर्नामेंट जीतती हैं और मुझे खुशी है कि हमने ऐसा ही किया।
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अर्शदीप ने मिचेल से मांगी थी माफी
फाइनल मैच के दौरान माहौल उस वक्त गर्म हो गया था जब अर्शदीप सिंह और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के बीच नोकझोंक हुई। इस विवाद को लेकर अर्शदीप ने कहा, मैं तुरंत भागकर मिचेल से माफी मांगने गया था। जब मैंने गेंद फेंकी तो वह रिवर्स स्विंग हो गई और थ्रो में उन्हें लग गई। अभी तो जीत की खुशी बहुत अच्छी लग रही है, लेकिन असली अहसास शायद अगले दो-चार दिनों में आएगा। यह बहुत शानदार टीम है, जिसमें कई मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं। एक गेंदबाज के तौर पर हमारी भूमिका साफ होती है। अगर हमारी टीम 250 रन बनाती है तो प्रतिद्वंद्वी टीम को 250 से नीचे रोकना है और अगर पहले गेंदबाजी कर रहे हों, तो उन्हें जितना कम हो सके उतने स्कोर पर रोकना है। अभिषेक जब कल नेट में अभ्यास कर रहा था, तभी लग गया था कि अभिषेक बड़ी पारी खेलने वाला है।
फाइनल मैच के दौरान माहौल उस वक्त गर्म हो गया था जब अर्शदीप सिंह और न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के बीच नोकझोंक हुई। इस विवाद को लेकर अर्शदीप ने कहा, मैं तुरंत भागकर मिचेल से माफी मांगने गया था। जब मैंने गेंद फेंकी तो वह रिवर्स स्विंग हो गई और थ्रो में उन्हें लग गई। अभी तो जीत की खुशी बहुत अच्छी लग रही है, लेकिन असली अहसास शायद अगले दो-चार दिनों में आएगा। यह बहुत शानदार टीम है, जिसमें कई मैच जिताने वाले खिलाड़ी हैं। एक गेंदबाज के तौर पर हमारी भूमिका साफ होती है। अगर हमारी टीम 250 रन बनाती है तो प्रतिद्वंद्वी टीम को 250 से नीचे रोकना है और अगर पहले गेंदबाजी कर रहे हों, तो उन्हें जितना कम हो सके उतने स्कोर पर रोकना है। अभिषेक जब कल नेट में अभ्यास कर रहा था, तभी लग गया था कि अभिषेक बड़ी पारी खेलने वाला है।
अभिषेक के लिए खुश हुए वरुण
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, यह अहसास शानदार है। लगातार दो ट्रॉफी जीतना वाकई खास है। आज अभिषेक के लिए भी बहुत खुशी हो रही है, उसने बेहतरीन पारी खेली। हम दोनों अक्सर आपस में बात करते थे कि आखिर क्या हो रहा है, हमारे लिए कुछ भी ठीक से काम क्यों नहीं कर रहा। लेकिन अब बात अलग है। हमने वर्ल्ड कप जीत लिया है।
शिवम दुबे ने कहा, मेरी भूमिका शुरू से ही साफ थी। मुझे कुछ बड़े छक्के लगाने थे। टूर्नामेंट के पहले दिन से यही मेरा रोल था। मैं हमेशा खुद पर भरोसा रखता हूं और मानता हूं कि जब भी मौका मिलेगा, मैं छक्के जरूर लगाऊंगा। मैंने अपने खेल में काफी सुधार किया है, खासकर गेंदबाजी में, लेकिन इस टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा। उम्मीद है कि आगे आने वाले समय में मैं और बेहतर प्रदर्शन करूंगा।
तिलक वर्मा ने कहा, सच कहूं तो हम पिछले डेढ़ साल से इसकी तैयारी कर रहे थे। टीम के लिए किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए हमने खुद को तैयार किया है। हम हमेशा तैयार रहते हैं और किसी भी पोजिशन पर बल्लेबाजी करने के लिए सही मानसिकता के साथ उतरते हैं। जहां तक फील्डिंग की बात है, जब टीम को जरूरत होती है, तो खिलाड़ी मैदान पर खड़े होकर जिम्मेदारी निभाते हैं। आज मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारी फील्डिंग सबसे बेहतरीन थी, लेकिन हमने कुछ अच्छे कैच लिए। आखिर में सबसे बड़ी खुशी यही है कि हमने फाइनल जीत लिया। अब अगले कुछ दिन टीम के साथ जश्न मनाने वाले हैं।
वरुण चक्रवर्ती ने कहा, यह अहसास शानदार है। लगातार दो ट्रॉफी जीतना वाकई खास है। आज अभिषेक के लिए भी बहुत खुशी हो रही है, उसने बेहतरीन पारी खेली। हम दोनों अक्सर आपस में बात करते थे कि आखिर क्या हो रहा है, हमारे लिए कुछ भी ठीक से काम क्यों नहीं कर रहा। लेकिन अब बात अलग है। हमने वर्ल्ड कप जीत लिया है।
शिवम दुबे ने कहा, मेरी भूमिका शुरू से ही साफ थी। मुझे कुछ बड़े छक्के लगाने थे। टूर्नामेंट के पहले दिन से यही मेरा रोल था। मैं हमेशा खुद पर भरोसा रखता हूं और मानता हूं कि जब भी मौका मिलेगा, मैं छक्के जरूर लगाऊंगा। मैंने अपने खेल में काफी सुधार किया है, खासकर गेंदबाजी में, लेकिन इस टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा। उम्मीद है कि आगे आने वाले समय में मैं और बेहतर प्रदर्शन करूंगा।
तिलक वर्मा ने कहा, सच कहूं तो हम पिछले डेढ़ साल से इसकी तैयारी कर रहे थे। टीम के लिए किसी भी नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए हमने खुद को तैयार किया है। हम हमेशा तैयार रहते हैं और किसी भी पोजिशन पर बल्लेबाजी करने के लिए सही मानसिकता के साथ उतरते हैं। जहां तक फील्डिंग की बात है, जब टीम को जरूरत होती है, तो खिलाड़ी मैदान पर खड़े होकर जिम्मेदारी निभाते हैं। आज मैं यह नहीं कहूंगा कि हमारी फील्डिंग सबसे बेहतरीन थी, लेकिन हमने कुछ अच्छे कैच लिए। आखिर में सबसे बड़ी खुशी यही है कि हमने फाइनल जीत लिया। अब अगले कुछ दिन टीम के साथ जश्न मनाने वाले हैं।