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ट्रॉफी-मंदिर विवाद: कीर्ति आजाद का पलटवार, कोच गंभीर को जवाब देते हुए कहा- खिलाड़ी खुद अपनी स्थिति बदतर न करें

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Swapnil Shashank Updated Wed, 11 Mar 2026 02:57 PM IST
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सार

टी20 विश्व कप 2026 जीत के बाद ट्रॉफी को मंदिर ले जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। गौतम गंभीर की आलोचना के बाद कीर्ति आजाद ने जवाब देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन लोकतांत्रिक देश में सभी धर्मों का सम्मान भी जरूरी है।

Kirti Azad Responds To Gautam Gambhir Over Temple Row After India’s T20 World Cup Win
कीर्ति आजाद और गौतम गंभीर - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार

भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद टी20 विश्वकप ट्रॉफी को मंदिर से जुड़ा एक नया विवाद तूल पकड़ चुका है। इस मामले में अब बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खिलाड़ियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन उन्हें भी अपनी स्थिति को कमतर नहीं करना चाहिए। भारत ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीता था। इस जीत के बाद टीम से जुड़े कुछ लोग मंदिर गए थे, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ।
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कीर्ति आजाद का जवाब
गौतम गंभीर की टिप्पणी के बाद कीर्ति आजाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें भी अपने व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हां, निश्चित रूप से खिलाड़ियों को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। लेकिन खिलाड़ियों को भी अपनी स्थिति को बदतर नहीं करना चाहिए। हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं और सभी का सम्मान होना चाहिए।' आजाद ने यह भी कहा कि खेल और खिलाड़ी किसी एक धर्म या जाति से नहीं जुड़े होते। उन्होंने कहा, '140 करोड़ लोग उस समय खुश थे जब टीम इंडिया ने जीत हासिल की। एक खिलाड़ी या खेल किसी धर्म या जाति से नहीं जुड़ा होता, वह सिर्फ खेल से जुड़ा होता है।'
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गंभीर ने की थी कड़ी प्रतिक्रिया
इससे पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने कीर्ति आजाद के बयान की कड़ी आलोचना की थी। गंभीर ने कहा था कि इस तरह के बयान खिलाड़ियों की उपलब्धि को कमतर करते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इस सवाल का जवाब देना भी जरूरी नहीं है। यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ा पल है। अगर कोई ऐसे बयान देता है तो वह उन 15 खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि को कमतर करता है। खिलाड़ियों ने काफी दबाव झेला है और इस तरह के बयान देना सही नहीं है।'

मंदिर जाने से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, भारत की जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और आईसीसी चेयरमैन जय शाह अहमदाबाद के एक हनुमान मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। उनके साथ टी20 विश्व कप ट्रॉफी भी थी। यही बात कीर्ति आजाद को नागवार गुजरी और उन्होंने इस पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भारतीय टीम में अलग-अलग धर्मों के खिलाड़ी होते हैं और ऐसी जीत पूरे देश की होती है।

बहस अभी भी जारी
टी20 विश्व कप 2026 की ऐतिहासिक जीत के बाद शुरू हुआ यह विवाद अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ जहां कुछ लोग इसे खिलाड़ियों की व्यक्तिगत आस्था का विषय बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे खेल और धर्म को अलग रखने की दलील दे रहे हैं। हालांकि इस बहस के बीच यह भी सच है कि भारत की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया है। ऐसे में क्रिकेट जगत के कई लोग मानते हैं कि इस जीत का जश्न पूरे देश को मिलकर मनाना चाहिए।
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