धोनी के लिए कहा जाता रहा है कि वह जिस चीज को छू लेते हैं वो सोना बन जाती है और जहां कदम रखते हैं उनकी हो जाती है। सच ही तो है अनुभवी खिलाड़ियों को दरकिनार करते हुए जब 26 वर्षीय युवा माही को कप्तानी सौंपी गई तो उन्होंने 2007 का टी-20 विश्व कप जीता दिया। 28 साल का सूखा खत्म करते हुए 2011 में भारत को दूसरा विश्व कप दिलाया। संन्यास लेने के बाद खेती-किसानों और पशुपालन कर रहे हैं तो यहां भी सफलता के झंडे ही गाड़ रहे हैं।
पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ गो-पालक बने एमएस धोनी, किसान मेले में किए गए सम्मानित
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रांची के बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में चल रहे किसान मेले में धोनी को यह सम्मान मिला। आईपीएल के 14वें सीजन की तैयारी के लिए माही चेन्नई में हैं इसलिए उनके प्रतिनिधि कुणाल गौरव ने झारखंड विधानसभा के स्पीकर रवींद्र नाथ महतो के हाथ से यह अवॉर्ड लिया। गौरव ने यह भी बताया कि धोनी अभी 73 गायों का पालन कर रहे हैं। जब शहर में होते हैं तो दिन में एक बार इनके पास जरूर आते हैं।
बताते चलें कि 43 एकड़ के अपने फॉर्म हाउस में माही रहने के साथ-साथ जैविक खेती भी करते हैं। उनकी उगाई सब्जियां विदेशों में बिकने को तैयार हैं। वह 10 एकड़ जमीन पर फल और सब्जियां उगा रहे हैं। गोभी, टमाटर, स्ट्रॉबेरी, मटर की खेती कर रहे हैं। स्थानीय बाजार में जिसे बेचा जाता है। बीते दिनों उन्होंने कड़कनाथ मुर्गे की फार्मिंग के लिए झाबुआ से चूजे भी मंगवाए थे।
Strawberry farming ft. @msdhoni.#Eejafarms #Dhoni #MSDhoni pic.twitter.com/56uFQ1fFOI
#Thala Dhoni meets Raja Sir in his newest beast! 😍 #HBDIlayaraja #WhistlePodu pic.twitter.com/dNQv0KnTdP
— Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) June 2, 2020