{"_id":"6972edb9e5ac0cdc310fc627","slug":"was-pakistan-the-catalyst-behind-bangladesh-world-cup-defiance-icc-bcci-india-t20-world-cup-2026-01-23","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"T20 WC: एशियाई क्रिकेट में जहर घोल रहा पाकिस्तान? बांग्लादेश बना मोहरा! PCB ने BCB को भारत विरोध का औजार बनाया","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
T20 WC: एशियाई क्रिकेट में जहर घोल रहा पाकिस्तान? बांग्लादेश बना मोहरा! PCB ने BCB को भारत विरोध का औजार बनाया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 23 Jan 2026 09:10 AM IST
विज्ञापन
सार
बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप मैचों में खेलने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान ने ईमेल, बयान और लॉबिंग के जरिए बांग्लादेश को उकसाने की कोशिश की। आईसीसी ने बीसीबी के सभी प्रस्तावों को खारिज किया। पाकिस्तान ने यहां भी चाल चली और बांग्लादेश का समर्थन जताया। अब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर्स भी आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। हालांकि, अब बांग्लादेश फंस चुका है। उसकी एक तरफ खाई है और दूसरी तरफ कुआं है।
नकवी, बांग्लादेश टीम और जय शाह
- फोटो : ANI/PTI
विज्ञापन
विस्तार
भारत में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को लेकर बांग्लादेश और आईसीसी के बीच खींचतान नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। गुरुवार, 22 जनवरी को बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने दोहराया कि टीम भारत नहीं जाएगी। आईसीसी ने एक दिन का समय दिया था, लेकिन ढाका अपने रुख पर अडिग रहा। असल विवाद यहां से और दिलचस्प हो जाता है, क्या इस पूरे विवाद को पाकिस्तान हवा दे रहा है?
Trending Videos
नकवी, बांग्लादेश टीम और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह
- फोटो : ANI/PTI
पाकिस्तान की भूमिका: ईमेल, वोट और उकसावे की राजनीति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वोटिंग से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को ईमेल भेजा और आश्वासन दिया कि वे बांग्लादेश मैचों की मेजबानी करने को तैयार हैं।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी ने सदस्य देशों से पूछा कि क्या बांग्लादेश को भारत के बाहर खेलने की अनुमति दी जाए।
- इसके लिए 16 देशों ने वोट किया। इसमें से 14 देश विरोध में थे। केवल पाकिस्तान और खुद बांग्लादेश इसके समर्थन में थे।
- यही वह मोड़ था जहां पाकिस्तानी एजेंडा साफ दिखाई देने लगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वोटिंग से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को ईमेल भेजा और आश्वासन दिया कि वे बांग्लादेश मैचों की मेजबानी करने को तैयार हैं।
- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'ईमेल में पीसीबी ने लिखा है कि बांग्लादेश की मांग जायज है और आईसीसी को उनकी बात माननी चाहिए। अगर श्रीलंका में मैच शिफ्ट करने में समस्या हो, तो पाकिस्तान सभी मैच होस्ट करने को तैयार है।'
- यह ईमेल पाकिस्तान की उस कूटनीतिक चाल की ओर इशारा करता है जिसमें वह भारत विरोध का नैरेटिव मजबूत करना चाहता है। यह वही पाकिस्तान है जो चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से लेकर एशिया कप तक हर मंच पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से भिड़ता रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आसिफ नजरुल
- फोटो : BCB
गुरुवार को बैठक से क्या सामने आया?
- बांग्लादेश अपनी हठ पर कायम है और आईसीसी के अल्टीमेटम के बावजूद उसने एक बार फिर दोहराया है कि वह भारत में टी20 विश्व कप के मैच नहीं खेलेगा।
- ढाका में गुरुवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और खिलाड़ियों की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ बैठक हुई। इस बैठक के बाद बीसीबी के अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम बुलबुल ने बताया कि उनका रुख स्पष्ट है।
- बैठक के बाद बीसीबी अध्यक्ष अमिनुल ने कहा, 'हम लगातार आईसीसी से संपर्क जारी रखेंगे। बांग्लादेश विश्व कप में खेलना चाहता है, लेकिन वे अपने मैच भारत में नहीं खेलेगा।'
- अमिनुल ने कहा, 'हम लगातार लड़ाई जारी रखेंगे। आईसीसी बोर्ड की बैठक में कई आश्चर्यजनक फैसले हुए। मुस्तफिजुर का मामला एकमात्र मामला नहीं है। इसे लेकर एकमात्र फैसला भारत ले रहा है।'
- बांग्लादेश की अंतरिम सरकरार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि आईसीसी हमें श्रीलंका में खेलने का मौका देगी। भारत न जाने का फैसला हमारी सरकार ने लिया है।'
- आसिफ नजरुल ने कहा, 'हालांकि हमारे क्रिकेटरों ने विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने के लिए कड़ी मेहनत की है लेकिन भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा का खतरा अब भी बना हुआ है।'
- आसिफ नजरुल ने कहा, 'यह चिंता किसी काल्पनिक विश्लेषण पर आधारित नहीं है। हम अब भी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। हमारी टीम तैयार है। हमें उम्मीद है कि आईसीसी हमारे वास्तविक सुरक्षा जोखिमों पर विचार करके हमें श्रीलंका में खेलने की इजाजत देकर न्याय करेगा।'
राशिद लतीफ
- फोटो : Youtube
पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ियों का उकसावा
पाकिस्तान की क्रिकेट बिरादरी के कुछ हिस्सों ने तो खुलकर आग में घी डालने की कोशिश की। पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर और कप्तान रशीद लतीफ ने पीसीबी से बांग्लादेश के समर्थन में खुद वर्ल्ड कप बॉयकॉट करने की अपील कर डाली। उनका बयान बेहद उग्र था। रशीद लतीफ ने कहा, 'पाकिस्तान न खेले तो वर्ल्ड कप रुक जाएगा। पाकिस्तान कुंजी है। सिर्फ शब्दों का समय खत्म हो चुका है। अब दिखाने का समय है कि आप किसके साथ हैं।'
यह बयान स्पष्ट रूप से भारतीय क्रिकेट को नुकसान पहुंचाने और एशियाई क्रिकेट में विभाजन पैदा करने की कोशिश जैसा दिखा। लतीफ ने आगे कहा, 'अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश में भरोसा हो, तो यह संभव है। अगर बांग्लादेश झुक गया और वर्ल्ड कप खेला, तो दोनों की आलोचना होगी।' इस बयान से साफ था कि पाकिस्तान न सिर्फ समर्थन बल्कि दबाव भी बना रहा था ताकि बांग्लादेश पीछे न हटे।
पाकिस्तान की क्रिकेट बिरादरी के कुछ हिस्सों ने तो खुलकर आग में घी डालने की कोशिश की। पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर और कप्तान रशीद लतीफ ने पीसीबी से बांग्लादेश के समर्थन में खुद वर्ल्ड कप बॉयकॉट करने की अपील कर डाली। उनका बयान बेहद उग्र था। रशीद लतीफ ने कहा, 'पाकिस्तान न खेले तो वर्ल्ड कप रुक जाएगा। पाकिस्तान कुंजी है। सिर्फ शब्दों का समय खत्म हो चुका है। अब दिखाने का समय है कि आप किसके साथ हैं।'
यह बयान स्पष्ट रूप से भारतीय क्रिकेट को नुकसान पहुंचाने और एशियाई क्रिकेट में विभाजन पैदा करने की कोशिश जैसा दिखा। लतीफ ने आगे कहा, 'अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश में भरोसा हो, तो यह संभव है। अगर बांग्लादेश झुक गया और वर्ल्ड कप खेला, तो दोनों की आलोचना होगी।' इस बयान से साफ था कि पाकिस्तान न सिर्फ समर्थन बल्कि दबाव भी बना रहा था ताकि बांग्लादेश पीछे न हटे।
बीसीसीआई सचिव सैकिया और मुस्तफिजुर रहमान
- फोटो : ANI/PTI
भारत विरोध की पृष्ठभूमि: मुस्तफिजुर विवाद
यह विवाद हवा में नहीं पैदा हुआ। मुस्तफिजुर रहमान वाले विवाद के बाद से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर एंटी-इंडिया नैरेटिव का आरोप लगता रहा है। कई बांग्लादेशी खिलाड़ियों और अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया, जिससे जमीन पहले से तैयार हो चुकी थी जिसमें पाकिस्तान ने केवल चिंगारी फेंकी।
यह विवाद हवा में नहीं पैदा हुआ। मुस्तफिजुर रहमान वाले विवाद के बाद से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर एंटी-इंडिया नैरेटिव का आरोप लगता रहा है। कई बांग्लादेशी खिलाड़ियों और अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया, जिससे जमीन पहले से तैयार हो चुकी थी जिसमें पाकिस्तान ने केवल चिंगारी फेंकी।
आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड
- फोटो : ANI/BCB
ICC का रुख: बांग्लादेश फंस गया मुश्किल मोड़ पर
आईसीसी के संकेत साफ हैं- भारत मेजबान है और मैच यहीं होंगे। ऐसे में बांग्लादेश के लिए अब विकल्प बेहद सीमित हैं-
आईसीसी के संकेत साफ हैं- भारत मेजबान है और मैच यहीं होंगे। ऐसे में बांग्लादेश के लिए अब विकल्प बेहद सीमित हैं-
- पहली स्थिति: अगर बांग्लादेश अब भी झुकता है और भारत आने को कहता है, तो बोर्ड उपहास का पात्र बन जाएगा और विश्वसनीयता पर चोट आएगी।
- दूसरी स्थिति: अगर बांग्लादेश नहीं आता है और वर्ल्ड कप से बाहर होता है, तो विकल्प के रूप में स्कॉटलैंड को विश्व कप खेलने के लिए बुलाया जा सकता है।
- तीसरी स्थिति: पाकिस्तान साथ नहीं छोड़ता है तो एशियाई क्रिकेट में विभाजन की स्थिति बन सकती है। तीनों में से कोई भी स्थिति बांग्लादेश के हित में नहीं।
जय शाह-बांग्लादेश टीम
- फोटो : ANI
'भारत को नुकसान नहीं, बांग्लादेश डूबेगा'
भारत की ओर से प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांत, लेकिन कड़ी रही। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल ने इस फैसले को खुद बांग्लादेश के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, 'यह मूर्खता है। भारत को कोई नुकसान नहीं होगा। बांग्लादेश सब कुछ खो देगा। इतने बड़े टूर्नामेंट में न खेलना कमर्शियल और क्रिकेटिंग दोनों नजरिए से भारी नुकसान है। मुझे लगता है पाकिस्तान उन्हें उकसा रहा है।' उनके अनुसार यह आत्मघाती निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट को कई साल पीछे धकेल सकता है, जबकि पिछले पांच वर्षों में बीसीबी के सामने कप्तान विवाद, भ्रष्टाचार आरोप और शाकिब प्रकरण जैसी मुश्किलें पहले से खड़ी हैं।
भारत की ओर से प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांत, लेकिन कड़ी रही। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मदन लाल ने इस फैसले को खुद बांग्लादेश के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, 'यह मूर्खता है। भारत को कोई नुकसान नहीं होगा। बांग्लादेश सब कुछ खो देगा। इतने बड़े टूर्नामेंट में न खेलना कमर्शियल और क्रिकेटिंग दोनों नजरिए से भारी नुकसान है। मुझे लगता है पाकिस्तान उन्हें उकसा रहा है।' उनके अनुसार यह आत्मघाती निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट को कई साल पीछे धकेल सकता है, जबकि पिछले पांच वर्षों में बीसीबी के सामने कप्तान विवाद, भ्रष्टाचार आरोप और शाकिब प्रकरण जैसी मुश्किलें पहले से खड़ी हैं।
जय शाह और मोहसिन नकवी
- फोटो : Twitter
क्या पाकिस्तान की चाल सफल होगी?
व्यापक तौर पर देखा जाए तो पाकिस्तान की मंशा भारत से एशियाई क्रिकेट की कमान छीनने और आईसीसी मंच पर दबाव बढ़ाने की है। पाकिस्तान समझता है कि भारत विश्व व्यापार, प्रसारण, वित्त और दर्शक आधार में सबसे शक्तिशाली है। ऐसे में वर्ल्ड कप बहिष्कार जैसी रणनीति पाकिस्तान के लिए एक राजनीतिक हथियार बनती दिख रही है, लेकिन फिलहाल आईसीसी, बीसीसीआई और बहुसंख्यक क्रिकेट राष्ट्र इस चाल से प्रभावित नहीं दिख रहे।
व्यापक तौर पर देखा जाए तो पाकिस्तान की मंशा भारत से एशियाई क्रिकेट की कमान छीनने और आईसीसी मंच पर दबाव बढ़ाने की है। पाकिस्तान समझता है कि भारत विश्व व्यापार, प्रसारण, वित्त और दर्शक आधार में सबसे शक्तिशाली है। ऐसे में वर्ल्ड कप बहिष्कार जैसी रणनीति पाकिस्तान के लिए एक राजनीतिक हथियार बनती दिख रही है, लेकिन फिलहाल आईसीसी, बीसीसीआई और बहुसंख्यक क्रिकेट राष्ट्र इस चाल से प्रभावित नहीं दिख रहे।
आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और बांग्लादेश की टीम
- फोटो : ANI
आईसीसी कब तक करेगा इंतजार?
बांग्लादेश ने एक ऐसा मोड़ चुन लिया है जहां पीछे हटना शर्मिंदगी और आगे बढ़ना विनाश जैसा है। पाकिस्तान की भूमिका केवल आग को हवा देने वाली प्रतीत होती है। अब सारी निगाहें इस बात पर हैं कि आईसीसी कब तक इंतजार करेगा और बांग्लादेश की अंतिम प्रतिक्रिया क्या होती है।
बांग्लादेश ने एक ऐसा मोड़ चुन लिया है जहां पीछे हटना शर्मिंदगी और आगे बढ़ना विनाश जैसा है। पाकिस्तान की भूमिका केवल आग को हवा देने वाली प्रतीत होती है। अब सारी निगाहें इस बात पर हैं कि आईसीसी कब तक इंतजार करेगा और बांग्लादेश की अंतिम प्रतिक्रिया क्या होती है।
जय शाह-आसिफ नजरुल
- फोटो : ANI
अब तक क्या-क्या हुआ?
- इस विवाद की शुरुआत कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेश के स्टार पेसर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से रिलीज करने के बाद हुई।
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने फिर भारत में सुरक्षा का हवाला देकर टी20 विश्व कप के मैच भारत में नहीं खेलने की मांग की। बीसीबी का कहना था कि भारतीय जमीन पर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जोखिम है।
- मौजूदा शेड्यूल में बांग्लादेश के लीग मुकाबले कोलकाता और मुंबई में हैं। बांग्लादेश टीम का पहला मुकाबला सात फरवरी को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ होना है। इसके बाद टीम अपने दो और ग्रुप मैच कोलकाता में और अंतिम मैच मुंबई में खेलना है।
- बीसीबी ने आईसीसी से ग्रुप बदलने की मांग भी रखी थी, जिसमें कहा गया था कि बांग्लादेश को ग्रुप बी में भेज दिया जाए और आयरलैंड को ग्रुप सी में स्थानांतरित किया जाए, क्योंकि आयरलैंड के मुकाबले श्रीलंका में होने हैं, लेकिन आईसीसी ने इस प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।
- आईसीसी के अधिकारियों ने बांग्लादेश में बीसीबी के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। फिर 21 जनवरी को आईसीसी बोर्ड की बैठक हुई जिसमें बांग्लादेश की मांग बहुमत के आधार पर खारिज कर दी गई।
- आईसीसी ने बांग्लादेश को अल्टीमेटम दे दिया कि या तो वह तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में खेले या उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम में शामिल किया जाएगा। उन्होंने 21 जनवरी तक का समय दिया था। फिर 21 जनवरी को 24 घंटे का और वक्त दिया।
- आईसीसी के अल्टीमेटम के बाद बीसीबी और खिलाड़ियों की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद बीसीबी ने फिर पुराना राग अलापते हुए कहा कि उसकी टीम भारत नहीं जाएगी।
- आईसीसी पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि तय कार्यक्रम में बदलाव नहीं होगा, ऐसे में यह देखना होगा कि बांग्लादेश के हठ के बाद क्रिकेट की वैश्विक संस्था का क्या रुख होता है। अब आईसीसी के आखिरी स्टेटमेंट का इंतजार है।