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IND vs NZ: रोहित-जडेजा की विफलता बनी न्यूजीलैंड से सीरीज हार की वजह? जानें 38 साल बाद क्यों और कैसे हारा भारत
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 19 Jan 2026 09:28 AM IST
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सार
भारत की 2-1 से न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज हार ने दिखाया कि टीम में कई पुरानी खामियां अब भी मौजूद हैं, रोहित शर्मा की धीमी शुरुआत, जडेजा जैसे प्रमुख खिलाड़ियों की नाकामी, मध्यक्रम की अस्थिरता, गेंदबाजी में धार की कमी और प्लान-बी का अभाव। कोहली की शतकीय पारी जैसी सकारात्मक चीजें थीं, लेकिन एक टीम के रूप में भारत फ्लॉप रहा। आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स को देखते हुए इन मसलों पर तुरंत सुधार जरूरी है।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में 41 रन से हार मिली। इंदौर में मिली इस हार के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से गंवा दी। पिछले तीन महीने के अंदर यह टीम इंडिया की तीन में से दूसरी वनडे सीरीज हार रही। इससे पहले अक्तूबर में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वापसी ने संकेत दिए थे कि अपने घर में हम अब भी मजबूत हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू जमीन पर 2-1 की हार ने कई सवाल खड़े कर दिए। यह सिर्फ एक सीरीज हार नहीं थी, बल्कि ऐतिहासिक भी थी, क्योंकि 1988 के बाद पहली बार न्यूजीलैंड ने भारत में कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती। साथ ही, इंदौर में लगातार सात मैच जीतने के बाद भारत पहली बार इस मैदान पर हारा। तीन दशकों में फैले इन रिकॉर्ड्स ने इस हार को और भी गंभीर बना दिया।
अब यह समझना जरूरी है कि इस हार की जड़ में कौन सी कमियां रहीं। क्या यह रोहित शर्मा की पावरप्ले में संघर्ष था? क्या रवींद्र जडेजा की ऑलराउंड भूमिका का गायब होना एक बड़ा कारण बना? या फिर मध्यक्रम का ढहना भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ? आइए पूरी तस्वीर समझते हैं-
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अब यह समझना जरूरी है कि इस हार की जड़ में कौन सी कमियां रहीं। क्या यह रोहित शर्मा की पावरप्ले में संघर्ष था? क्या रवींद्र जडेजा की ऑलराउंड भूमिका का गायब होना एक बड़ा कारण बना? या फिर मध्यक्रम का ढहना भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ? आइए पूरी तस्वीर समझते हैं-
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भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
सीरीज हार की मुख्य वजह
- रोहित शर्मा की पावरप्ले में फेल शुरुआत
- जडेजा की ऑलराउंड भूमिका का गायब होना
- मध्यक्रम का ढहना और पार्टनरशिप की कमी
- गेंदबाजी में नियंत्रण और प्लान-बी का अभाव
- न्यूजीलैंड का बेहतर टैक्टिकल अप्रोच और स्थिति की समझ
आइए अब वजहों को और विस्तार से जानते हैं....
रोहित शर्मा
- फोटो : PTI
1. रोहित शर्मा: पावरप्ले में स्ट्रगल मोड
भारत का पावरप्ले लंबे समय तक रोहित शर्मा की आक्रामकता पर निर्भर रहा है, लेकिन इस सीरीज में उन्होंने न गति दी, न स्थिरता। खराब टाइमिंग, सीमित शॉट चयन और कम स्ट्राइक रेट ने भारत की शुरुआत को कमजोर किया। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेशकाटे के मुताबिक रोहित क्रिकेट से शॉर्ट दिख रहे थे। जब ओपनर बल्लेबाज रन नहीं बनाता, तो मध्यक्रम दबाव में आता है और यही इस सीरीज में दिखाई दिया। विराट कोहली को पावरप्ले की कमी की भरपाई करनी पड़ी, लेकिन कई बार अंत तक यह नुकसान भारी साबित हुआ।
भारत का पावरप्ले लंबे समय तक रोहित शर्मा की आक्रामकता पर निर्भर रहा है, लेकिन इस सीरीज में उन्होंने न गति दी, न स्थिरता। खराब टाइमिंग, सीमित शॉट चयन और कम स्ट्राइक रेट ने भारत की शुरुआत को कमजोर किया। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेशकाटे के मुताबिक रोहित क्रिकेट से शॉर्ट दिख रहे थे। जब ओपनर बल्लेबाज रन नहीं बनाता, तो मध्यक्रम दबाव में आता है और यही इस सीरीज में दिखाई दिया। विराट कोहली को पावरप्ले की कमी की भरपाई करनी पड़ी, लेकिन कई बार अंत तक यह नुकसान भारी साबित हुआ।
रवींद्र जडेजा
- फोटो : PTI
2. रवींद्र जडेजा: बैट-एंड-बॉल रोल पूरी तरह मिसिंग
रवींद्र जडेजा भारत के बैलेंस प्लेयर हैं, गेंदबाजी में नियंत्रण, बल्लेबाजी में स्थिरता और फील्डिंग में एक्स्ट्रा वैल्यू, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वे दो बड़े विभागों में फ्लॉप रहे। बीच के ओवरों में उनका काम रन रोकना और विकेट निकालना होता है, पर वे ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल के सामने लगातार महंगे साबित हुए। अंतिम वनडे में छह ओवर में 41 रन देकर एक भी विकेट न मिलना इस बात का प्रमाण है। बल्ले से उनके 4, 27 और 12 जैसे स्कोर भी यह दिखाते हैं कि असल जडेजा इस सीरीज में दिखाई ही नहीं दिए। इससे कैफ का यह बयान कि अक्षर पटेल को वनडे में भी मौका देना चाहिए, सही साबित हो रहा है।
रवींद्र जडेजा भारत के बैलेंस प्लेयर हैं, गेंदबाजी में नियंत्रण, बल्लेबाजी में स्थिरता और फील्डिंग में एक्स्ट्रा वैल्यू, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वे दो बड़े विभागों में फ्लॉप रहे। बीच के ओवरों में उनका काम रन रोकना और विकेट निकालना होता है, पर वे ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल के सामने लगातार महंगे साबित हुए। अंतिम वनडे में छह ओवर में 41 रन देकर एक भी विकेट न मिलना इस बात का प्रमाण है। बल्ले से उनके 4, 27 और 12 जैसे स्कोर भी यह दिखाते हैं कि असल जडेजा इस सीरीज में दिखाई ही नहीं दिए। इससे कैफ का यह बयान कि अक्षर पटेल को वनडे में भी मौका देना चाहिए, सही साबित हो रहा है।
शुभमन गिल
- फोटो : PTI
3. शुभमन दिल: कप्तानी के दबाव में बिखरे
शुभमन गिल की बतौर वनडे कप्तान शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही है। टीम इंडिया ने उनकी कप्तानी में दो वनडे सीरीज खेली है और दोनों गंवाई है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में कप्तान रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह चोटिल थे और केएल राहुल ने कप्तानी की थी। हालांकि, शुभमन का प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं रहा है। उनकी कप्तानी भी ढीली दिखी है। कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर भी असर डाल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जहां वह तीन पारियों में 43 रन बना पाए थे, वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन तीन पारियों में 135 रन बना सके। उनका औसत जरूर 45 का रहा, लेकिन वह अच्छी शुरुआत लेने के बाद खराब शॉट खेलकर विकेट गंवाते रहे। गिल ने दो अर्धशतक भी लगाए, लेकिन जिस पारी की उनसे जरूरत थी, वह वैसा नहीं कर सके। तीसरे वनडे में वह सिर्फ 23 रन बना सके। 1-0 की सीरीज में बढ़त बनाने के बाद कप्तानी और रणनीति में कहां चूक हुई, यह तो गिल और कोच गंभीर ही जानते होंगे।
शुभमन गिल की बतौर वनडे कप्तान शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही है। टीम इंडिया ने उनकी कप्तानी में दो वनडे सीरीज खेली है और दोनों गंवाई है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में कप्तान रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह चोटिल थे और केएल राहुल ने कप्तानी की थी। हालांकि, शुभमन का प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं रहा है। उनकी कप्तानी भी ढीली दिखी है। कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर भी असर डाल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जहां वह तीन पारियों में 43 रन बना पाए थे, वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन तीन पारियों में 135 रन बना सके। उनका औसत जरूर 45 का रहा, लेकिन वह अच्छी शुरुआत लेने के बाद खराब शॉट खेलकर विकेट गंवाते रहे। गिल ने दो अर्धशतक भी लगाए, लेकिन जिस पारी की उनसे जरूरत थी, वह वैसा नहीं कर सके। तीसरे वनडे में वह सिर्फ 23 रन बना सके। 1-0 की सीरीज में बढ़त बनाने के बाद कप्तानी और रणनीति में कहां चूक हुई, यह तो गिल और कोच गंभीर ही जानते होंगे।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
4. मध्यक्रम पूरी तरह रहा विफल
अगर किसी विभाग ने सबसे ज्यादा निराश किया, तो वह था मध्यक्रम। तीसरे वनडे में भारत का स्कोर 28/0 से 71/4 हो गया, वो भी सिर्फ नौ ओवर में। काइल जेमीसन और जैक फोक्स ने केएल राहुल और श्रेयस अय्यर को दबाव में फंसाया, दोनों न स्ट्राइक रोटेट कर पाए और न पार्टनरशिप बना पाए। इन परिस्थितियों में विराट कोहली का 124 रन का शतक सोलो फाइट बनकर रह गया। नीतीश रेड्डी (52) ने कोशिश की, पर टीम को तीसरे हिस्से में सहयोग नहीं मिला। भारत को पुछल्ले बल्लेबाजों का साथ मिला, नहीं तो हार और भी बड़े अंतर से होती।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारतीय बल्लेबाज
अगर किसी विभाग ने सबसे ज्यादा निराश किया, तो वह था मध्यक्रम। तीसरे वनडे में भारत का स्कोर 28/0 से 71/4 हो गया, वो भी सिर्फ नौ ओवर में। काइल जेमीसन और जैक फोक्स ने केएल राहुल और श्रेयस अय्यर को दबाव में फंसाया, दोनों न स्ट्राइक रोटेट कर पाए और न पार्टनरशिप बना पाए। इन परिस्थितियों में विराट कोहली का 124 रन का शतक सोलो फाइट बनकर रह गया। नीतीश रेड्डी (52) ने कोशिश की, पर टीम को तीसरे हिस्से में सहयोग नहीं मिला। भारत को पुछल्ले बल्लेबाजों का साथ मिला, नहीं तो हार और भी बड़े अंतर से होती।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारतीय बल्लेबाज
| बल्लेबाज | मैच | रन | औसत | स्ट्राइक रेट |
|---|---|---|---|---|
| विराट कोहली | 3 | 240 | 80.00 | 105.26 |
| केएल राहुल | 3 | 142 | 142.00 | 119.33 |
| शुभमन गिल | 3 | 135 | 45.00 | 95.07 |
| हर्षित राणा | 3 | 83 | 27.67 | 118.57 |
| नीतीश रेड्डी | 2 | 73 | 36.50 | 93.50 |
| रोहित शर्मा | 3 | 61 | 20.33 | 76.25 |
| श्रेयस अय्यर | 3 | 60 | 20.00 | 81.08 |
| रवींद्र जडेजा | 3 | 43 | 14.33 | 66.15 |
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
5. गेंदबाजी में धार की कमी और प्लान-बी का अभाव
भारत की गेंदबाजी भी तीखी नहीं दिखी। न्यूजीलैंड लगभग तीनों मैचों में आसानी से 300 के स्कोर तक पहुंचता दिखा। पहले वनडे में कीवियों ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 300 का स्कोर बनाया, फिर दूसरे वनडे में 47.3 ओवर में तीन विकेट पर 286 रन बनाकर मैच जीत लिया और तीसरे में तो कीवियों ने आठ विकेट पर 337 का स्कोर बनाया। 338 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई। विदेशी टीम भारत आकर भारतीय टीम से अच्छी बल्लेबाजी करती दिखी। यह पूरी तरह भारतीय गेंदबाजों और स्पिनरों की विफलता रही।
सिराज और कुलदीप ने विकेट तो लिए, पर दबाव नहीं बनाया। हर्षित ने भी विकेट लिए, लेकिन खूब रन लुटाए, जबकि प्रसिद्ध ने काफी निराश किया। वह बेअसर दिखे। नीतीश रेड्डी बतौर गेंदबाज कुछ कमाल नहीं दिखा पाए। वहीं न्यूजीलैंड के बल्लेबाज, खासकर मिचेल और फिलिप्स, भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ सहज दिखे। मिचेल के दो शतक इस बात का प्रमाण है। जडेजा की विफलता ने कुलदीप पर अधिक भार डाला, प्लान-बी की कमी दिखी और डैथ ओवर्स में रन लीक होना तय हो गया। भारत को डेथ ओवर्स में जसप्रीत बुमराह की कमी खली।
न्यूजीलैंड सीरीज: भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
भारत की गेंदबाजी भी तीखी नहीं दिखी। न्यूजीलैंड लगभग तीनों मैचों में आसानी से 300 के स्कोर तक पहुंचता दिखा। पहले वनडे में कीवियों ने 50 ओवर में आठ विकेट पर 300 का स्कोर बनाया, फिर दूसरे वनडे में 47.3 ओवर में तीन विकेट पर 286 रन बनाकर मैच जीत लिया और तीसरे में तो कीवियों ने आठ विकेट पर 337 का स्कोर बनाया। 338 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 46 ओवर में 296 रन पर सिमट गई। विदेशी टीम भारत आकर भारतीय टीम से अच्छी बल्लेबाजी करती दिखी। यह पूरी तरह भारतीय गेंदबाजों और स्पिनरों की विफलता रही।
सिराज और कुलदीप ने विकेट तो लिए, पर दबाव नहीं बनाया। हर्षित ने भी विकेट लिए, लेकिन खूब रन लुटाए, जबकि प्रसिद्ध ने काफी निराश किया। वह बेअसर दिखे। नीतीश रेड्डी बतौर गेंदबाज कुछ कमाल नहीं दिखा पाए। वहीं न्यूजीलैंड के बल्लेबाज, खासकर मिचेल और फिलिप्स, भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ सहज दिखे। मिचेल के दो शतक इस बात का प्रमाण है। जडेजा की विफलता ने कुलदीप पर अधिक भार डाला, प्लान-बी की कमी दिखी और डैथ ओवर्स में रन लीक होना तय हो गया। भारत को डेथ ओवर्स में जसप्रीत बुमराह की कमी खली।
न्यूजीलैंड सीरीज: भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन
| गेंदबाज | मैच | ओवर | विकेट | रन लुटाए | 4 विकेट |
|---|---|---|---|---|---|
| हर्षित राणा | 3 | 20.4 | 6 | 125 | 1 |
| वॉशिंगटन सुंदर | 3 | 19.0 | 5 | 95 | 0 |
| अक्षर पटेल | 3 | 20.0 | 3 | 89 | 0 |
| अर्शदीप सिंह | 2 | 13.2 | 3 | 72 | 0 |
| मोहम्मद सिराज | 3 | 19.0 | 2 | 94 | 0 |
| कुलदीप यादव | 1 | 10.0 | 1 | 50 | 0 |
| प्रसिद्ध कृष्णा | 1 | 7.0 | 1 | 52 | 0 |
नीतीश रेड्डी
- फोटो : BCCI
6. नीतीश का प्रयोग अब भी विफल, हार्दिक की खल रही कमी
नीतीश रेड्डी का प्रयोग फिर से विफल रहा। पहले वनडे में वॉशिंगटन सुंदर के खेलने के बाद दूसरे वनडे में उनके चोटिल होने पर नीतीश को मौका दिया गया, लेकिन वह दूसरे वनडे में न तो गेंद से और न ही बल्ले से प्रभाव छोड़ पाए थे। तीसरे में बल्ला तो चला, लेकिन गेंदबाजी फ्लॉप रही। भारत को अहम सीरीज में हार्दिक पांड्या की कमी खलती है। हार्दिक टीम को बैलेंस देते हैं। गेंदबाजी में उनके पास गति और स्विंग है, जो कि नीतीश के पास नहीं है। उनकी मध्यम तेज गति की गेंदों को बल्लेबाज आसानी से खेल जाते हैं।
नीतीश रेड्डी का प्रयोग फिर से विफल रहा। पहले वनडे में वॉशिंगटन सुंदर के खेलने के बाद दूसरे वनडे में उनके चोटिल होने पर नीतीश को मौका दिया गया, लेकिन वह दूसरे वनडे में न तो गेंद से और न ही बल्ले से प्रभाव छोड़ पाए थे। तीसरे में बल्ला तो चला, लेकिन गेंदबाजी फ्लॉप रही। भारत को अहम सीरीज में हार्दिक पांड्या की कमी खलती है। हार्दिक टीम को बैलेंस देते हैं। गेंदबाजी में उनके पास गति और स्विंग है, जो कि नीतीश के पास नहीं है। उनकी मध्यम तेज गति की गेंदों को बल्लेबाज आसानी से खेल जाते हैं।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
7. रणनीति में भी रहे विफल, जबरदस्ती खिलाया इन खिलाड़ियों को
टीम इंडिया की रणनीति भी कमजोर दिखी। मिचेल स्पिनर्स को अच्छा खेलते हैं और यह देखते हुए उनके सामने स्पिनर्स लगाए गए। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को भारतीय पिचों पर वह बाउंस नहीं मिलती, जिसकी उम्मीद की जाती है। इसके बावजूद दो वनडे में उन्हें मौका मिला। हर्षित राणा का इकोनॉमी रेट हर मैच में 5.50 से ऊपर रहा। हालांकि, उन्होंने बल्ले से इसकी भरपाई की।
टीम इंडिया की रणनीति भी कमजोर दिखी। मिचेल स्पिनर्स को अच्छा खेलते हैं और यह देखते हुए उनके सामने स्पिनर्स लगाए गए। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को भारतीय पिचों पर वह बाउंस नहीं मिलती, जिसकी उम्मीद की जाती है। इसके बावजूद दो वनडे में उन्हें मौका मिला। हर्षित राणा का इकोनॉमी रेट हर मैच में 5.50 से ऊपर रहा। हालांकि, उन्होंने बल्ले से इसकी भरपाई की।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
8. श्रेयस अय्यर: वापसी के बाद बिल्कुल ही फुस्स साबित हुए
भारतीय वनडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर बहुत दारोमदार था, लेकिन वह फेल हुए। तीन मैचों में उन्होंने 20 की औसत से 60 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 81 का रहा। उनके बल्ले से मानो रन निकल ही नहीं रहे थे। इसके बावजूद वह टी20 सीरीज में रिप्लेसमेंट बने हैं। श्रेयस का विफल होना भारतीय टीम की हार की मुख्य वजह रही। बड़े चेज या बड़े स्कोर के लिए नंबर चार का चलना जरूरी होता है, लेकिन श्रेयस ऐसा करने में विफल रहे।
भारतीय वनडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर पर बहुत दारोमदार था, लेकिन वह फेल हुए। तीन मैचों में उन्होंने 20 की औसत से 60 रन बनाए। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 81 का रहा। उनके बल्ले से मानो रन निकल ही नहीं रहे थे। इसके बावजूद वह टी20 सीरीज में रिप्लेसमेंट बने हैं। श्रेयस का विफल होना भारतीय टीम की हार की मुख्य वजह रही। बड़े चेज या बड़े स्कोर के लिए नंबर चार का चलना जरूरी होता है, लेकिन श्रेयस ऐसा करने में विफल रहे।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : PTI
ऐतिहासिक डेटा भी बताता है कि यह हार सामान्य नहीं थी
सीरीज ने कई ऐतिहासिक आंकड़े बदले, जैसे-
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह हार सामान्य प्रोसेस का हिस्सा नहीं थी, बल्कि कई कमजोरियों का सम्मिलित परिणाम थी।
सीरीज ने कई ऐतिहासिक आंकड़े बदले, जैसे-
- 1988 के बाद पहली बार न्यूजीलैंड ने भारत में कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती (8 प्रयासों में पहली सफलता)।
- इंदौर में भारत की पहली वनडे हार, सात मैचों की जीत के बाद।
- इंदौर में खेले गए आठ वनडे में से छह में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत दर्ज की।
- अक्तूबर 2022 के बाद पहली बार भारत ने घरेलू वनडे में टॉस जीतकर मैच गंवाया (13 जीत के बाद)।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि यह हार सामान्य प्रोसेस का हिस्सा नहीं थी, बल्कि कई कमजोरियों का सम्मिलित परिणाम थी।