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Samwad 2026: उत्तराखंड मॉडल को BRICS ने भी सराहा, अमर उजाला से बोले CM धामी; सरकार के सामने चुनौतियां भी बताईं

अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: Vijay Singh Pundir Updated Wed, 24 Jun 2026 11:58 AM IST
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सार

उत्तराखंड सिर्फ पहाड़ों, नदियों और तीर्थों का प्रदेश नहीं है। यह संभावनाओं की वह भूमि है जहां विकास, पर्यावरण, रोजगार और नई पीढ़ी की आकांक्षाएं एक साथ खड़ी हैं। इन्हीं सवालों के बीच आज देहरादून में अमर उजाला संवाद उत्तराखंड 2026 आयोजित हो रहा है। जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

Amar Ujala Uttarakhand Samwad CM Pushkar Singh Dhami participated in the Amar Ujala Samwad program in Dehradun
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमर उजाला संवाद का मंच इस बार देवभूमि उत्तराखंड में सजा है। राजधानी देहरादून में आज होटल गेटवे में 'संवाद' का आयोजन हो रहा है। सतत विकास की थीम पर आयोजित हो रहे इस संवाद में विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी हस्तियां शामिल होंगी, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में न सिर्फ पहचान बनाई है, बल्कि लाखों लोगों को प्रभावित भी किया है। भारत की प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता, भागवत कथा वाचिका और भजन गायिका देवी चित्रलेखा ने पहले सत्र सुप्रभात देवभूमि की शुरुआत की।



जिसके बाद संवाद में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत किया।सीएम धामी ने संवाद कार्यक्रम को लेकर अमर उजाला को बधाई दी। सीएम राज्य की विकास योजनाओं, निवेश और युवाओं के लिए बन रहे अवसरों पर अपने विचार रख रहे हैं। सीएम ने कहा कि अमर उजाला से मेरा एक बहुत गहरा नाता है। मैं एक सामान्य परिवार में पैदा हुआ। लेकिन बचपन से मुझे कक्षा पांच या छठी के बाद मुझे अखबार पढ़ने का एक शौक सा हो गया। मेरा गांव नगलाथराई है खटीमा में शारदा नदी के पास। वहां गर्मियों में हम स्कूल से आते थे, पहले अपना बस्ता फेंकते थे और नदी में नहाते थे और उसके बाद जैसे ही शाम होती तो हम अखबार पढ़ने के लिए एक दुकान पर जाते थे लेकिन अखबार भी उन्हीं को मिलता था जो उस दुकान में चाय पीते थे या वहां पर समोसा खाते थे, तो उनके लिए अखबार आता। इस अखबार को शाम तक सैकड़ों लोग पढ़ चुके होते थे और अमर उजाला ही आता था।
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सीएम धामी ने आगे कहा, 'जिन लोगों ने आभाव में अखबार पढ़ा वो सब जानते थे कि पहले अखबार के जितने भी पेज होते थे वो सब एक-एक करके आपस में बांट दिए जाते थे। उस समय मैं अमर उजाला के अलावा किसी भी अखबार को नहीं जानता था। अमर उजाला के अब इस कार्यक्रम में आना और फिर आप लोगों से संवाद करना और फिर ये हरे की बात करना सच में बड़ा अद्भुद है। हमारी जो थीम है और प्रधानमंत्री मोदी जी की भी 'विरासत और विकास' दोनों साथ-साथ बढ़ें, इसलिए हमने उत्तराखंड में जीईपी (ग्रोस इनवायरमेंट प्रोडक्ट) लागू किया। हमारी पूरी कोशिश है कि हम इसमें एक समन्वय स्थापित करें। इकोलॉजी और इकोनॉमी और अब साथ में हमने टेक्नोलॉजी को भी हमने जोड़ा है। अब हम इन तीनों चीजों को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। क्योंकि हमारे राज्य की जो भौगोलिक परिस्थितयां हैं वो काफी कठिन हैं। हर वर्ष हमें कई प्रकार की आपदाओं का सामना करना पड़ता है, कभी अधिक बरसात होती है कभी लैंड स्लाइड होती है। पिछले वर्ष 2025 का वर्ष हमारे लिए अत्यधिक कष्टकारी रहा है। अब हमारा विकास का मॉडल आगामी 25 से 50 वर्षों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

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Amar Ujala Uttarakhand Samwad CM Pushkar Singh Dhami participated in the Amar Ujala Samwad program in Dehradun
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

सीएम ने आगे कहा, 'अभी जो पिछले वर्ष की आपदाएं आई हैं। इसको लेकर भारत सरकार के सामने मैंने अपनी बात रखी थी कि ये अलग प्रकार की आपदाएं हैं। ऊपर कहीं पहाड़ों में किसी जगह बादल फटता है और अचानक से बड़ी भीषड़ा मात्रा में सैलाब नीचे आ जाता है और उसमें कुछ ही सबकुछ नष्ट हो जाता है। यह एक शोध का विषय है और हमने भारत सरकार के सामने भी इसे रखा है। जो पुरानी समय में नदी नाले होते तो उन्होंने अपना मार्ग भी बदला है और वहां पर कई जगहों पर बसावट भी आ गई है और कुछ समय वो नदी नाले अपने पुराने मार्ग पर वापिस भी आ गए। इन चीजों का ध्यान रखते हुए। राज्य सरकार की ओर से जो करना है और आपदा के लिए तत्काल राहत पहुंचाने और क्विक सिस्टम जो है उन सभी पर हम एक्टीवेट कर रहे हैं। हमारा जो सिलक्यारा टनल का रेस्क्यू था जिसमें 17 दिनों तक मजदूर भाई फंसे रहे और हमने उनको बचाया। ब्रिक्स सम्मेलन में भी इस उदाहरण को रखा गया।

Amar Ujala Uttarakhand Samwad CM Pushkar Singh Dhami participated in the Amar Ujala Samwad program in Dehradun
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

सवाल- मुख्यमंत्री बनने पर बढ़ती मजारों पर नकेल, 10 हजार एकड़ भूमि पर कब्जा मुक्त, लव जिहाद,लैंड जिहाद, थूक जिहाद ताकि बनी रहे देवभूमि की पवित्रता। ये पुष्कर सिंह धामी जी कहां छुपे हुए थे। आपको इन विषयों पर इतने अग्रेसिव होने की आवश्यकता क्यों पड़ी? 

जवाब- आपको लगता है मैं अग्रेसिव हूं। जब उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में मुझे जिम्मेदारी मिली है तो देव भूमि का मूल स्वरूप बना न रहे, यहां देवत्व कायम रहे। हम कहीं भी जाते हैं तो कहते हैं कि हम देवभूमि उत्तराखंड से आए हैं या देवभूमि उत्तराखंड से हमारा नाम जुड़ा है तो सामने वाले के जो भाव बदल जाते हैं। क्योंकि लोग मानते हैं भगवान के सबसे नजदीक का स्थान देवभूमि है। तो क्या देवभूमि की आस्था, श्रद्धा कम होनी चाहिए यहां का देवत्व कम होना चाहिए। यहां का जो मूल अस्तित्व है उसको कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। कल का उत्तराखंड कैसा होगा यह हमारी जिम्मेदारी है और मुझे लगता है उतराखंड के सारे लोग बल्कि पूरे देश के लिए ये सोचते हैं कि देवभूमि का स्वरूप बना रहना चाहिए। हमारी भावी पीढ़ी को असुरक्षित उत्तराखंड नहीं मिलना चाहिए। यह अवैध कब्जे नहीं मिलने चाहिए, अवैध अतिक्रमण नहीं मिलना चाहिए। किसी को टारगेट करने जैसा इसमें कुछ भी नहीं है। अवैध कब्जे का मतलब अवैध कब्जा वो चाहे किसी का भी हो। हमने वोटर लिस्ट देखकर नहीं, हमारे राजस्व के अभिलेखों को देखकर उन पर कार्रवाई की है। मैं कहना चाहता हूं और मैं बार-बार कह रहा हूं, मेरे भी दो बेटे हैं  और मैं जब उनको देखता हूं तो मैं सोचता हूं कि जैसे मेरे दो बेटे हैं वैसे ही मेरी देवभूमि के सभी बच्चे हैं। मैं मानता हूं कि मेरे देवभूमि के सभी बच्चों को सुरक्षित उत्तराखंड मिलना चाहिए।

सवाल- यूसीसी लाने वाला देश का पहला राज्य उत्तरखंड बना, इसके पीछे क्या प्रेरणा थी? 

जवाब- यूसीसी एक श्रेष्ठ भारत की कल्पना को साकार करने की शुरुआत है। यह हमारी जो विचारधारा है, उस विचारधारा की तीन चार प्रमुख अवधारणाएं थी कि उनको धरातल पर उतारना है। उनमें से एक यूसीसी था। हमने 2022 के चुनाव में उत्तराखंड की जनता को वचन दिया था कि हमारी सरकार बनेगी तो हम यूसीसी को लागू करेंगे। उस समय लोग कहते थे कि कैसे लागू होगा? ये तो बस घोषणा में बोल दिया है। हमने जो वचन दिया था उस वचन को हमने हमारे प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में धरातल पर उतारा और आज यूसीसी उत्तराखंड में लागू हो गया और लागू होने के बाद पूरे देश में लागू होने की दिशा में आगे बढ़ गया है। जिस दिन यूसीसी का ड्राफ्ट हम बना रहे थे, जिस दिन हमने विधेयक प्रस्तुत किया था उस दिन हमने कहा था कि ये यूसीसी की जो गंगा है, वो मां गंगा की तरह आने वाले समय में पूरे देश की सभी राज्यों को लाभ देगी।

सवाल- चारधाम यात्रा को लेकर आपकी क्या तैयारी है? 

जवाब- चारधाम यात्रा एक सामान्य यात्रा नहीं है। यह बहुत ही आस्था और श्रद्धा की यात्रा है। मैं हमेशा से एक बात कहता हूं कि हमारे मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद जिस तरह से रोडे बन गई हैं। केदारनाथ का नवनिर्माण हो गया। बद्रीनाथ के लिए प्लान बन गया। एक समय में यात्राएं काफी कठिन हुआ करती थीं, आज यात्रा का स्वरूप बदल गया है। ऐसे में कई समस्याएं भी हो गई है, ज्यादा लोगों का आना, मार्ग में परेशानी हो जाना।  पहले के समय होता था कि जब यात्रा शुरू होने वाली होने वाली होती थी तब उसकी समीक्षा होती थी, यात्रा की तैयारियां होती थी। हमने एक नई संस्कृति शुरू की है कि जैसे ही 2025 की यात्रा समाप्त हुई हमने 2026 की यात्रा की तैयारी शुरू कर दी और उसका परिणाम भी सामने आया। छोटी मोटी बातों को छोड़ दिया जाए तो इस बार यात्रा ने रिकॉर्ड कायम किया है। मतलब अभी तक 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा अबतक 40 लाख लोगों ने कर ली है। हेमकुंड साहब की यात्रा 1 लाख 25 हजार पहुंच गई जो पिछले पूरे सालभर से 20 से 25 हजार ज्यादा है। सीमांत क्षेत्र आदि कैलाश जहां पूर वर्षभर में 400 से 500 लोग पहुंचते थे वहां अभी तक 45000 लोग पहुंच चुके हैं और अभी तो यात्रा आधी भी नहीं हुई है।

सवाल- अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर आपका क्या कहना है

जवाब- एक ऐसी घटना हुई और इसका हमें बड़ा दुख है। आपको पता है कि घटना के बाद किस गति से उस पर काम किया गया। जैसे ही घटना हुई, घटना के तत्काल बाद जो भी उसमें तीन आरोपी थे उन तीनों के गिरफ्तार किया गया और उसके बाद जेल भेजा गया। हमने डीआईजी लेवल की एक महिला अधिकारी की अध्यक्षता में एक एसआईटी का गठन किया गया। उन्होंने काफी काम किया उस पर और लगातार लगभग छह से सात माह एक एक व्यक्ति को बुलाकर उनसे बात की गई। सभी से कहा गया कि किसी के पास कुछ भी इसके बारे में सबूत हो तो आप दीजिए। उसके बाद कोर्ट में चार्टशीट लगी, एक हजार पन्नों से भी अधिक की चार्जशीट लगी और उसे चार्टशीट में किस प्रकार पुलिस ने जांच की उसकी जानकारी थी। इसी को आधार बनाकर उन तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई। शायद कम लोगों को पता होगा लेकिन उम्रकैद की सजा कोई छोटी सजा तो होती नहीं है। इसके साथ ये भी पूछा गया कि कोई और है तो भी बताइए, चलिए जो भी आया उसके बाद माननीय न्यायालय में मामला चला। कुछ दिन पहले फिर प्रकरण उछला फिर दोबारा से आया एक और ऑडियो क्लिप। बहुत लोगों ने उस पर राजनीति करने की कोशिश की, जिनके पास कोई मुद्दा नहीं था, बेटी के नाम पर बार-बार उसकी आत्मा को झकझोरने का काम किया। इस पर मैंने कहा कि मैं आप लोगों की बात पर कोई कार्रवाई नहीं करूंगा। मैं कार्रवाई करूंगा उस मां और उस पिता से बात करूंगा। मैंने उनसे बात की और पूछा कि आप क्या चाहते हैं बताइए, उन्होंने कहा कि हम सीबीआई जांच चाहते हैं। हमने उनके कहने पर भारत सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति करी और सरकार ने उसको रजिस्टर कर लिया। अब सीबीआई जांच चल रही है उसकी और आने वाले समय में और भी तथ्य सामने आ जाएंगे।

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