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Dehradun News: उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में बजेगी बीएसएनएल की घंटी
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उत्तराखंड के दूरस्थ व ग्रामीण इलाकों में बीएसएनएल की घंटी बजेगी। बीएसएनएल प्रदेश में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए कार्य कर रहा है। इसके लिए बीएसएनएल की ओर से स्वदेशी 4जी तकनीक के विस्तार, भारतनेट परियोजना और दूरस्थ क्षेत्रों तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
यह बातें शुक्रवार को बीएसएनएल के पटेलनगर स्थित मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक मनमोहन सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल ने पिछले कुछ वर्षों में अपने नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। 4जी सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ हाई-स्पीड उपकरणों की स्थापना और नेटवर्क अपग्रेडेशन का कार्य किया गया है।
इतना ही नहीं निगम निजी कंपनियों की तुलना में सस्ती व गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बताया कि उत्तराखंड टेलीकॉम सर्किल में पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान मोबाइल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जहां पहले मोबाइल सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। अब तक लगभग 500 टावरों के माध्यम से 2,600 गांवों को बीएसएनएल 4जी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।
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इसके अतिरिक्त 85 नए टावरों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है, जिनके पूर्ण होने पर करीब 200 और गांवों को लाभ मिलने की संभावना है। भारतनेट परियोजना के तहत उत्तराखंड में फेज-1 का कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे 10 जिलों की 1,819 ग्राम पंचायतों और 30 ब्लॉक मुख्यालयों को कनेक्टिविटी प्रदान की गई है।
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत लगभग 8,300 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है और 1,659 ग्राम पंचायतों को नेटवर्क से जोड़ा गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बीएसएनएल ने भारतनेट उद्यमी अभियान भी शुरु किया है। दूरदराज और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीएसएनएल ने ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा भी शुरु की है।
इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीएसएनएल ने अपने ग्राहकों के लिए नए मोबाइल और ब्रॉडबैंड प्लान भी लॉन्च किए हैं। इनमें 365 दिनों की वैधता वाले मोबाइल प्लान व एफटीटीएच ग्राहकों के लिए विशेष छूट और अतिरिक्त सुविधाएं शामिल हैं।
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यह बातें शुक्रवार को बीएसएनएल के पटेलनगर स्थित मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक मनमोहन सिंह ने कहीं। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल ने पिछले कुछ वर्षों में अपने नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। 4जी सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ हाई-स्पीड उपकरणों की स्थापना और नेटवर्क अपग्रेडेशन का कार्य किया गया है।
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इतना ही नहीं निगम निजी कंपनियों की तुलना में सस्ती व गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बताया कि उत्तराखंड टेलीकॉम सर्किल में पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान मोबाइल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जहां पहले मोबाइल सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। अब तक लगभग 500 टावरों के माध्यम से 2,600 गांवों को बीएसएनएल 4जी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।
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इसके अतिरिक्त 85 नए टावरों के निर्माण का कार्य प्रगति पर है, जिनके पूर्ण होने पर करीब 200 और गांवों को लाभ मिलने की संभावना है। भारतनेट परियोजना के तहत उत्तराखंड में फेज-1 का कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे 10 जिलों की 1,819 ग्राम पंचायतों और 30 ब्लॉक मुख्यालयों को कनेक्टिविटी प्रदान की गई है।
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत लगभग 8,300 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है और 1,659 ग्राम पंचायतों को नेटवर्क से जोड़ा गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बीएसएनएल ने भारतनेट उद्यमी अभियान भी शुरु किया है। दूरदराज और नेटवर्क-विहीन क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बीएसएनएल ने ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा भी शुरु की है।
इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीएसएनएल ने अपने ग्राहकों के लिए नए मोबाइल और ब्रॉडबैंड प्लान भी लॉन्च किए हैं। इनमें 365 दिनों की वैधता वाले मोबाइल प्लान व एफटीटीएच ग्राहकों के लिए विशेष छूट और अतिरिक्त सुविधाएं शामिल हैं।