Uttarakhand: कैबिनेट का फैसला, मदरसों को अनुदान संबंधी बजट मद होगा समाप्त, नई व्यवस्था के दायरे में लाए जाएंगे
मदरसों को अनुदान संबंधी बजट मद होगा समाप्त किया जाएगा। इस फैसले के बाद अब राज्य में संचालित हो रहे सभी 452 पंजीकृत मदरसों को नई व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कैबिनेट ने फैसला लिया कि वित्तीय वर्ष 2027-2028 से अरेबिया मदरसों को अनुदान संबंधी बजट मद को समाप्त कर दिया जाएगा। इस मद में करीब 50 लाख का प्रावधान होता रहा है, जिससे मदरसों को अनुदान दिया जाता था।
राज्य सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा के सुदृढ़ीकरण और पुनर्गठन के लिए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 और नई मान्यता नियमावली-2026 को लागू करते हुए उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया है।
इस नई संस्थागत व्यवस्था के लागू होने के बाद एक जुलाई 2026 से पुराना मदरसा बोर्ड और उससे जुड़े पूर्व के अधिनियम निरस्त हो चुके हैं। पुराना बोर्ड अब अस्तित्व में नहीं है, इसलिए उसके तहत संचालित होने वाली पुरानी अनुदान व्यवस्था और बजट मद व्यावहारिक रूप से अप्रासंगिक हो गए। क्योंकि इस वित्तीय वर्ष में बजट पास हो चुका है, ऐसे में यह बजट मद अगले वित्तीय वर्ष में समाप्त होगा।
ये भी पढे़ं...Chamoli: अस्पताल की दीवार भरभराकर गिरी, मलबे में दबने से चिकित्सक की मौत, निर्माण कार्य का ले रहे थे जायजा
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद से लेनी होगी संबद्धता
इस फैसले के बाद अब राज्य में संचालित हो रहे सभी 452 पंजीकृत मदरसों को नई व्यवस्था के दायरे में लाया जाएगा। इन संस्थानों को अब सरकारी अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए पहले उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (रामनगर) से संबद्धता लेनी होगी और फिर नए प्राधिकरण से विधिवत मान्यता प्राप्त करनी होगी।