फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Thousands of families settled on forest land demand for declaring revenue village Uttarakhand Cabinet

Uttarakhand News: वन भूमि पर बसे हजारों परिवार, वर्षों से राजस्व गांव बनाने की हो रही मांग, कई तरह की दिक्कतें

Sat, 11 Jul 2026 06:38 PM IST
Renu Saklani विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Sat, 11 Jul 2026 06:38 PM IST
सार

वन भूमि पर बसे हजारों परिवार वर्षों से राजस्व गांव बनाने की मांग हो रही है। केवल बिंदुखत्ता में ही 3500 हेक्टेयर वन भूमि पर 50 हजार लोग रह रहे हैं।

विज्ञापन
Thousands of families settled on forest land demand for declaring revenue village Uttarakhand Cabinet
बैठक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कैबिनेट ने देहरादून के बापू ग्राम, नैनीताल के बिंदुखत्ता और ऊधम सिंह नगर के बग्गा 54 के नियमतीकरण के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया है। यहां करीब 4730 हेक्टेयर वन भूमि पर लोग बसे हैं। इन क्षेत्रों को लंबे समय से राजस्व गांव घोषित करने की मांग की जा रही है।

विज्ञापन

सबसे बड़ी आबादी तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत लालकुआं के पास (जिला नैनीताल) बिंदुखत्ता में रहती है। यहां पर 70 के दशक से लोगों ने वन भूमि में बसना शुरू किया। वर्तमान में 3500 हेक्टेयर वन भूमि पर लोग काबिज है। जहां पर करीब 50 हजार की आबादी रहती है।

विज्ञापन


तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के समय बिंदुखत्ता को नगर पालिका भी घोषित किया गया। नगर पालिका का कार्यालय भी खुला और ईओ भी तैनात भी हो गए। बाद में आगे कुछ नहीं हुआ। स्थानीय लोग लंबे समय से क्षेत्र को राजस्व क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग करते रहे हैं। इसको लेकर कई बार आंदोलन भी हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

बग्गा 54 और बापू ग्राम

तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत ऊधम सिंह नगर जिले में बग्गा 54 स्थित है। यहां पर साल के वृक्षों के संरक्षण और उनकी संख्या को बढ़ाने के लिए सत्तर के दशक में टांगिया माध्यम अपनाने का फैसला किया गया। इसके तहत यहां पर लोगों को लाया गया। वर्तमान में करीब 700 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लोग रह रहे हैं। यहां के लोग भी लंबे समय से राजस्व गांव घोषित करने की मांग करते रहे हैं। इसी तरह देहरादून वन प्रभाग के अंतर्गत पचास के दशक से बापू ग्राम में लोग रह रहे हैं। यहां पर 537 हेक्टेयर पर 12 हजार से अधिक लोग रहते हैं।

ये भी पढे़ं...Uttarkashi: यमुनोत्री मार्ग पर मलबा आने से सड़क बंद, फंसे सौ श्रद्धालुओं को एसडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला

कई तरह की आती दिक्कत

वन भूमि पर बसें लोगों को कई तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इसमें राजस्व भूमि की तरह कोई भूमि स्वामित्व होने का रिकाॅर्ड नहीं होता है। इसका क्रय और विक्रय भी सामान्य तौर पर राजस्व भूमि की तरह नहीं हो सकता है। बैंक लोन से लेकर अन्य सरकारी योजनाओं को लेकर भी दिक्कत आती है। राजस्व क्षेत्र बनने से कई तरह की समस्या दूर हो सकेगी।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed