{"_id":"6a515541d83c3d301b0539d8","slug":"delhi-government-launches-karmayogi-kartavya-2-0-program-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi Government: सरकार ने शुरू किया 'कर्मयोगी कर्तव्य-2.0' कार्यक्रम, सेवा भाव और जवाबदेही पर रहेगा जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Government: सरकार ने शुरू किया 'कर्मयोगी कर्तव्य-2.0' कार्यक्रम, सेवा भाव और जवाबदेही पर रहेगा जोर
Sat, 11 Jul 2026 01:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:56 AM IST
सार
छह स्टेट मास्टर ट्रेनर तैयार करेंगे कर्मचारियों को, नागरिक केंद्रित प्रशासन और पारदर्शी कार्यसंस्कृति पर मिलेगा प्रशिक्षण।
विज्ञापन
demo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति में बदलाव लाने के उद्देश्य से ''कर्मयोगी कर्तव्य कार्यक्रम-2.0'' शुरू किया है। कार्यक्रम का लक्ष्य सरकारी कर्मचारियों में सेवा भाव, जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिक केंद्रित कार्यशैली विकसित करना है, ताकि लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर और सम्मानजनक तरीके से मिल सकें। इसके लिए राजस्व विभाग ने छह अधिकारियों को स्टेट मास्टर ट्रेनर नियुक्त किया है, जो विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।
विज्ञापन
प्रशिक्षण निदेशालय (यूटीसीएस) इन अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देगा। सचिव (राजस्व) एवं मंडलायुक्त की मंजूरी के बाद शुरू हुई इस पहल के तहत प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने जिलों और विभागों में कर्मयोगी मॉडल को लागू करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। स्टेट मास्टर ट्रेनर के रूप में दक्षिण-पूर्वी जिले के जंगपुरा तहसीलदार गौतम के अलावा अनुभाग अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव (मध्य-उत्तर), आशना सोलंकी (उत्तर-पश्चिम), अनिल (पश्चिम), अनिल ठाकरान (पूर्व) और अरविंद कुमार सिंह (दक्षिण) को नामित किया गया है। इन अधिकारियों का चयन अलग-अलग जिलों से किया गया है, ताकि पूरे दिल्ली क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।
विज्ञापन
सरकार का कहना है कि सुशासन केवल नई योजनाएं बनाने से नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों के व्यवहार और कार्यशैली में सुधार से भी सुनिश्चित होता है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को समयबद्ध कार्य निष्पादन, पारदर्शिता, ईमानदारी, जिम्मेदारी और नागरिकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार का अभ्यास कराया जाएगा। साथ ही यह भी सिखाया जाएगा कि शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक समाधान कैसे किया जाए तथा सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ लोगों तक बिना अनावश्यक देरी के कैसे पहुंचाया जाए।
विज्ञापन
सरकार का मानना है कि यदि अधिकारी नागरिकों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करेंगे, समय पर सेवाएं उपलब्ध कराएंगे और अपने निर्णयों की जिम्मेदारी निभाएंगे तो सरकारी व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा। इसी उद्देश्य से कर्मयोगी कर्तव्य-2.0 को प्रशासनिक सुधार की महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अब सेवा भाव बनेगा कार्यसंस्कृति का हिस्सा
कर्मयोगी कर्तव्य-2.0 का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में यह भावना विकसित करना है कि वे केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए जिम्मेदार कर्मयोगी हैं। कार्यक्रम के जरिए नागरिकों के प्रति संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा दिया जाएगा।
कार्यक्रम से ये बदलाव आने की उम्मीद
- सरकारी कर्मचारियों में सेवा भाव और कर्तव्यबोध बढ़ेगा
- समयबद्ध और जवाबदेह कार्यसंस्कृति विकसित होगी
- नागरिकों की शिकायतों का तेज और संतोषजनक समाधान होगा
- सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी
- पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा
- नागरिकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा मिलेगा