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Clean Air: दिल्ली में स्वच्छ हवा के लिए सरकार खर्च करेगी 8300 करोड़, अभियान से प्रदूषण की जंग में मिलेगी ताकत

Sat, 11 Jul 2026 02:07 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 11 Jul 2026 02:07 AM IST
सार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम की ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंपी।

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Government to spend ₹8,300 crore for clean air in Delhi.
सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शुक्रवार को बड़े संस्थागत अभियान ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम) की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम की ओरिएंटेशन कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंपी। करीब 8300 करोड़ रुपये की लागत वाली यह सात वर्षीय परियोजना राजधानी में वैज्ञानिक, जवाबदेह और तकनीक आधारित वायु गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली विकसित करने पर केंद्रित होगी।

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कार्यशाला में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों, केंद्र सरकार के आर्थिक कार्य विभाग, वर्ल्ड बैंक और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को वर्ल्ड बैंक की वित्तीय प्रक्रिया, खरीद प्रणाली, पर्यावरण एवं सामाजिक मानकों तथा संस्थागत तैयारियों की जानकारी दी गई। साथ ही प्रोग्राम फॉर रिजल्ट्स (पी-फॉर-आर) मॉडल के तहत परियोजना के क्रियान्वयन की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण किसी एक विभाग की समस्या नहीं है। इससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पर्यावरण, परिवहन, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति, दिल्ली ट्रांसको और दिल्ली जल बोर्ड समेत सभी एजेंसियों के बीच समन्वित व्यवस्था बनाई गई है। सरकार का लक्ष्य केवल एक्यूआई में सुधार करना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाना है।
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तकनीक और डेटा से चलेगा प्रदूषण नियंत्रण अभियान
परियोजना के पहले चरण में आधुनिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट और डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी। एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए विभिन्न विभागों की कार्रवाई की रीयल टाइम निगरानी होगी। जनजागरूकता, अधिकारियों का प्रशिक्षण और तकनीकी नवाचार भी अभियान का अहम हिस्सा होंगे।

पुराने वाहन, धूल और कचरा होंगे मुख्य निशाने पर
दूसरे चरण में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई होगी। पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने, अत्याधुनिक प्रदूषण जांच प्रणाली विकसित करने, सड़क व निर्माण स्थलों की धूल नियंत्रित करने और ठोस कचरा प्रबंधन सुधारने पर विशेष जोर रहेगा।


65% राशि वर्ल्ड बैंक देगा, सितंबर से लागू होगी योजना
यह परियोजना सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक दिल्ली के सभी जिलों में लागू रहेगी। इसकी कुल लागत 8300 करोड़ रुपये है, जिसमें 65 प्रतिशत वित्तीय सहायता वर्ल्ड बैंक और शेष 35 प्रतिशत राशि दिल्ली सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी वित्तीय सहयोग के साथ वैश्विक विशेषज्ञता और आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को भी दिल्ली तक लाएगी। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को स्वच्छ वायु और जलवायु अनुकूल विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियां अपनाने में मदद करेगी तथा भविष्य में देश के अन्य शहरों के लिए भी मॉडल बन सकती है।

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