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राजनीतिक में शिष्टाचार का विशेष महत्व : हरीश रावत
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- पूर्व सीएम बोले, राजनीतिक मतभेद के बावजूद मैंने शिष्टाचार बनाए रखा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा, राजनीतिक में शिष्टाचार का विशेष महत्व है। राजनीतिक मतभेद के बावजूद मैंने भाजपा नेताओं के साथ राजनीतिक शिष्टाचार को बनाए रखा।
बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सीएम हरीश रावत के घर पहुंचकर उन्हें अपने खेत में तैयार धान के चावल दिए थे। इसके बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, मैंने हमेशा राजनीतिक शिष्टाचार को महत्व दिया है। प्रचंड राजनीतिक मतभेद व बहुत से मामलों में आमने-सामने के विरोध के बावजूद भाजपा के राज्य के शीर्ष नेताओं के साथ और उन्होंने मेरे साथ राजनीतिक शिष्टाचार बनाए रखा है। इस परंपरा को भाजपा नेता व पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बरकरार रखा। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस परंपरा को निभा रहे हैं। मैं कभी-कभी भगत सिंह कोश्यारी की खैर खबर लेने उनके पास जाता रहता हूं। मुख्यमंत्री का जितना कुल जीवन है, उतने वर्षों से मैं निष्ठापूर्वक कांग्रेस का झंडा थामकर खड़ा हूं।
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देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा, राजनीतिक में शिष्टाचार का विशेष महत्व है। राजनीतिक मतभेद के बावजूद मैंने भाजपा नेताओं के साथ राजनीतिक शिष्टाचार को बनाए रखा।
बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व सीएम हरीश रावत के घर पहुंचकर उन्हें अपने खेत में तैयार धान के चावल दिए थे। इसके बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, मैंने हमेशा राजनीतिक शिष्टाचार को महत्व दिया है। प्रचंड राजनीतिक मतभेद व बहुत से मामलों में आमने-सामने के विरोध के बावजूद भाजपा के राज्य के शीर्ष नेताओं के साथ और उन्होंने मेरे साथ राजनीतिक शिष्टाचार बनाए रखा है। इस परंपरा को भाजपा नेता व पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने बरकरार रखा। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस परंपरा को निभा रहे हैं। मैं कभी-कभी भगत सिंह कोश्यारी की खैर खबर लेने उनके पास जाता रहता हूं। मुख्यमंत्री का जितना कुल जीवन है, उतने वर्षों से मैं निष्ठापूर्वक कांग्रेस का झंडा थामकर खड़ा हूं।
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