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Uttarakhand: प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों का पांच साल बाद भी स्थायीकरण नहीं, प्रमोशन लटके

Wed, 05 Aug 2026 11:03 AM IST
Renu Saklani बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 05 Aug 2026 11:03 AM IST
सार

स्थायीकरण के नाम पर प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति को फिर लटका दिया गया है। जबकि विभाग में पहले ही प्रधानाध्यापकों के 93 और प्रधानाचार्यों के 90 फीसदी पद खाली हैं।  शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से स्थायीकरण का प्रस्ताव मांगा है।

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Headmasters appointments not regularized even after five years promotions stalled Uttarakhand news
शिक्षक - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

प्रदेश के राजकीय हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापकों का पांच साल बाद भी स्थायीकरण नहीं हो पाया है। जिससे उनके प्रमोशन लटक गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों से उनके स्थायीकरण का प्रस्ताव मांगा है। शिक्षा विभाग में वर्ष 2018 के बाद से शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की पदोन्नतियां लटकी हैं। यही वजह है कि कई शिक्षक 30 से 35 साल की सेवा के बाद एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

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शिक्षकों के मुताबिक वर्षों बाद विभाग में अब पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है लेकिन स्थायीकरण के नाम पर प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति को फिर लटका दिया गया है। जबकि विभाग में पहले ही प्रधानाध्यापकों के 93 और प्रधानाचार्यों के 90 फीसदी पद खाली हैं। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्यूली बताते हैं कि प्रधानाध्यापकों की विभाग में 35 साल की सेवा हो चुकी है।
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ऐसे में पदोन्नति के लिए अब स्थायीकरण का कोई औचित्य नहीं है। प्रधानाध्यापकों का प्रवक्ता के पद पर रहते स्थायीकरण हो चुका है। यदि विभाग को प्रधानाध्यापक के पद पर रहते स्थायीकरण करना था तो परिवीक्षा अवधि (प्रोबेशन पीरियड) समाप्त होते ही उनका स्थायीकरण किया जाना चाहिए था। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व महामंत्री के मुताबिक विभाग में वर्ष 2021 में 350 शिक्षक पदोन्नति पाकर प्रधानाध्यापक बने थे। जिसमें से अधिकतर सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

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एलटी से प्रवक्ताओं के पदों पर नहीं हुई पदोन्नति

शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता के 3500 पदों पर पदोन्नति लटकी है। शिक्षकों के मुताबिक वर्ष 2018 से पदोन्नति न होने से कई शिक्षक एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

विभाग में पदोन्नति को लेकर जो सूची तैयार की जा रही है, इससे सबसे अधिक नुकसान आरक्षित वर्ग के प्रवक्ताओं को होगा। जिनकी वरिष्ठता सैकड़ों क्रमांक पीछे हो जाएगी। मामले को लेकर संगठन शिक्षा सचिव से मिलेगा। -आरएल आर्य, प्रांतीय अध्यक्ष, एससी,एसटी, ओबीसी वैचारिक महासंघ

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स्थायीकरण हर पद के लिए अलग-अलग होता है, प्रक्रिया के तहत प्रधानाध्यापकों का स्थायीकरण करवाया जा रहा है। -विनोद सिमल्टी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा



 

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