EXCLUSIVE: आपात स्थिति में समुद्र के अंदर ही ठीक होगी पनडुब्बी, एचएसएल ने पहली बार तैयार की स्वदेशी वेसल
पनडुब्बी निर्माण में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पनडुब्बी निर्माण में उपलब्धि हासिल की है।
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हिंद महासागर में आपात स्थिति में समुद्र के अंदर भारतीय नौसेना के पनडुब्बी में कोई तकनीकी खराबी आती है तो उसे ठीक करने के लिए पनडुब्बी को सतह पर आने की जरूरत नहीं होगी। पहली बार हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) ने स्वदेशी निर्मित डाइविंग सपोर्ट वेसल यानी जहाज तैयार किया है। एचएसएल ने जहाज को नौसेना को सौंप दिया है कि जबकि दूसरे का ट्रायल चल रहा है।
पनडुब्बी निर्माण में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पनडुब्बी निर्माण में उपलब्धि हासिल की है।विशाखापट्टनम स्थिति हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड पनडुब्बी निर्माण में अपनी क्षमता का विस्तार कर रहा है। वर्तमान में एचएसएल 60 प्रतिशत क्षमता के साथ नौसेना के साथ निजी क्षेत्र के लिए पनडुब्बी व मालवाहक जहाज बना रहा है। स्वदेशी पनडुब्बी से हिंद महासागर में नौसेना की शक्ति लगातार बढ रही रही है।
पीआईबी देहरादून की ओर से मीडिया भ्रमण कार्यक्रम के दौरान एचएसएल के जनसंपर्क अधिकारी इनायत तुला वेग ने बताया कि पनडुब्बी निर्माण में एचएसएल की उपलब्धियों व आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
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एचएसएल ने पहली बार नौसेना के लिए डाइविंग सपोर्ट वेसल तैयार किया है। इसकी विशेषतता यह है आपात स्थिति में समुद्र के अंदर पनडुब्बी में कोई खराबी आती है तो उसे ठीक करने में डाइविंग सपोर्ट वेसल मददगार साबित होगी। निस्तार डाइविंग सपोर्ट वेसल को 18 जुलाई 2025 को नौसेना को सौंप दिया गया। जबकि दूसरा निपुण नाम डाइविंग सपोर्ट वेसल का ट्रायल चल रहा है। कुछ माह के भीतर इसे कमीशन किया जाएगा।
इस जहाज से एक ट्यूब के माध्यम से नियंत्रित दबाव में छह सदस्यों को समुद्र के अंदर भेजा जाता है। जो 48 घंटे तक सुरक्षित इस ट्यूब के अंदर रह कर पनडुब्बी में आई खराबी को टीक कर सकते हैं। हिंद महासागर में निगरानी के लिए क्लासिफाइड प्रोजेक्ट में काम कर रहा है। एचएसएल ने अब तक 202 शिप तैयार करने के साथ 2040 शिप व छह पनडुब्बी की मरम्मत कर चुका है।
एचएसएल के अधिकारी के अनुसार एक शिप को तैयार करने में दो हजार से कर्मचारी काम करते हैं। वर्ष 2020-21 के बाद से एचएसएल लगातार लाभ में है। 2024-25 में 284 करोड के लाभ में है। एचएसएल रक्षा क्षेत्र के अलावा निजी व ऑयल सेक्टर के लिए शिप तैयार करता है। इंजन को छोड कर बाकी शत प्रतिशत पनडुब्बी व शिप का निर्माण भारत में हो रहा है।