{"_id":"69f2644aa3714e117d0293d8","slug":"national-level-competition-organized-in-uttaranchal-university-dehradun-news-c-5-1-drn1031-959199-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: उत्तरांचल विवि में राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: उत्तरांचल विवि में राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लाॅ कॉलेज में राष्ट्रीय स्तर की विधिक सहायता योजना ड्राफ्टिंग प्रतियोगिता (वि-सहा-यो) का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी मुख्य अतिथि रहीं।
प्रतियोगिता में देशभर के 23 विश्वविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया। स्कूल ऑफ लॉ नारसी मोंजी बंगलूरू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली दूसरे और हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला तीसरे स्थान पर रही।
विधिक प्रगति नामक वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। प्रतिभागियों ने वरिष्ठ नागरिकों, एचआईवी पीड़ितों, कस्टोडियल डेथ के मामलों और अनुसूचित जाति व जनजातियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विधिक सहायता योजनाएं प्रस्तुत कीं। सीमा डुंगराकोटी ने समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने में कानूनी सहायता की भूमिका के बारे में बताया। कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने कानूनी शिक्षा में ड्राफ्टिंग कौशल की अहमियत पर बल दिया और छात्रों को नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डीन प्रो. राजेश बहुगुणा, प्रो. राधेश्याम झा, वत्सल चौधरी, एडवोकेट नीतिश बुडोला, डॉ. रमाकांत त्रिपाठी, डॉ. भावना अरोड़ा आदि उपस्थित रहे।
Trending Videos
प्रतियोगिता में देशभर के 23 विश्वविद्यालयों की टीमों ने भाग लिया। स्कूल ऑफ लॉ नारसी मोंजी बंगलूरू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली दूसरे और हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला तीसरे स्थान पर रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधिक प्रगति नामक वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। प्रतिभागियों ने वरिष्ठ नागरिकों, एचआईवी पीड़ितों, कस्टोडियल डेथ के मामलों और अनुसूचित जाति व जनजातियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विधिक सहायता योजनाएं प्रस्तुत कीं। सीमा डुंगराकोटी ने समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने में कानूनी सहायता की भूमिका के बारे में बताया। कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि ने कानूनी शिक्षा में ड्राफ्टिंग कौशल की अहमियत पर बल दिया और छात्रों को नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डीन प्रो. राजेश बहुगुणा, प्रो. राधेश्याम झा, वत्सल चौधरी, एडवोकेट नीतिश बुडोला, डॉ. रमाकांत त्रिपाठी, डॉ. भावना अरोड़ा आदि उपस्थित रहे।
