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Pauri Garhwal: ऐराड़ी गांव की 112 नाली भूमि खरीद में रेरा के नियमों की जांच की जाएगी, ग्रामीणों में नाराजगी

Thu, 06 Aug 2026 11:54 AM IST
Renu Saklani मुकेश चंद्र आर्य, संवाद न्यूज एजेंसी
मुकेश चंद्र आर्य, संवाद न्यूज एजेंसी Published by: Renu Saklani Updated Thu, 06 Aug 2026 11:54 AM IST
सार

पौड़ी। विकासखंड कोट के ऐराड़ी गांव में 112 नाली भूमि खरीद रेरा के तहत नहीं की गई है। हालांकि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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Pauri land  sale Dispute Compliance with RERA regulations purchase of land in Airadi will investigated
पौड़ी गढ़वाल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पौड़ी विकासखंड कोट के ऐराड़ी गांव में 112 नाली भूमि की खरीद अब जिला प्रशासन की जांच के दायरे में आ गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन यह जांच करेगा कि भूमि खरीद और प्रस्तावित परियोजना पर रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के नियम लागू होते हैं या नहीं।

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राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार भूमि खरीद रेरा के तहत नहीं की गई है। हालांकि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। राजस्व विभाग के अनुसार दून हैचरीज लि. वर्ष 1997 में देहरादून में भूमि खरीदी थी और पंजीकृत कंपनी है जो कि यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम कोठार निवासी नरेंद्र सिंह के नाम पर पंजीकृत है।
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इसी आधार पर कंपनी ने ऐराड़ी गांव में कृषि परियोजना के लिए 112 नाली भूमि खरीदी। कंपनी ने ग्राम सभा ढुंगली के अंतर्गत ऐराड़ी गांव के एक ही कुटुंब के 12 परिवारों से यह भूमि खरीदी है। भूमि खरीद की प्रक्रिया वर्ष 2025 में शुरू हुई जबकि रजिस्ट्री फरवती और दाखिल खारिज  जुलाई में हुआ।

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ग्रामीणों में है नाराजगी
ऐराड़ी गांव में इतनी बड़ी भूमि बेचे जाने से ग्रामीण नाराज हैं। बताया कि भूमि बेचने से पहले गांव में न तो पंचायत बैठाई गई और न ही ग्राम प्रधान या ग्रामीणों को मामले की जानकारी दी गई। परिवार के अधिकांश लोग बाहर रहते हैं जबकि दो-तीन परिवार ही वर्तमान में गांव में रह रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि निर्माण कार्यों से उनके जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

भूमि की जांच के लिए जिलाधिकारी के आदेश प्राप्त हुए हैं। भूमि रेरा के नियमों के तहत खरीदी गई या नहीं इसके लिए पत्रावलियां देखी जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगा।  -  गौरी प्रभात, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसील पौड़ी।

-- मामले की जांच के लिए एडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी है। समिति में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर, रजिस्ट्रार व ईई डीडीए को शामिल किया गया है। - स्वाति एस भदौरिया, जिलाधिकारी पौड़ी।

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क्या कहते हैं रेरा के नियम
राजस्व प्रशासन के अनुसार रेरा के नियमों के तहत 500 वर्गमीटर से बड़ी या आठ से अधिक फ्लैट व इकाइयों वाली सभी आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का पंजीकरण अनिवार्य है। कंपनी को खरीदारों से मिलने वाली राशि का 70 प्रतिशत एक अलग बैंक खाते में रखना होगा। खरीदार कंपनी को परियोजना से जुड़ी सभी मंजूरियां, लेआउट प्लान और निर्माण पूरा करने की तय समयसीमा सार्वजनिक करनी होगी। किसी भी संपत्ति की बिक्री या प्रचार करने से पहले रियल एस्टेट एजेंटों को भी राज्य के संबंधित प्राधिकरण में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

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