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Uttarakhand: बेरोजगारी की असली तस्वीर बताएगा पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे, प्रदेश भर में फरवरी से दिसंबर तक होगा

मुकेश चंद्र आर्य, संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 11 Feb 2026 10:33 AM IST
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सार

प्रदेश में शुरू होने जा रहे पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि कितने लोग रोजगार में हैं, कितने काम की तलाश में हैं और श्रम बाजार में भागीदारी का वास्तविक स्तर क्या है।

Periodic Labor Force Survey will reveal true picture of unemployment Uttarakhand News survey
बेरोजगारी और रोजगार - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार

बेरोजगारी और रोजगार की असली तस्वीर सामने लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) यानी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण पूरे प्रदेश में शुरू होने जा रहा है। यह सर्वे फरवरी से दिसंबर 2026 तक होगा। जिसमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के परिवारों से अपडेट जानकारी जुटाई जाएगी।

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सर्वे के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि कितने लोग रोजगार में हैं, कितने काम की तलाश में हैं और श्रम बाजार में भागीदारी का वास्तविक स्तर क्या है। केंद्र की ओर से जनपद में सर्वे के लिए कुल 28 इकाइयां चयनित की गई हैं। इनमें 16 ग्रामीण व 12 नगरीय इकाइयां शामिल हैं।

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विभागीय कर्मचारी इन 28 इकाइयों में घर-घर जाकर मुखिया, सदस्यों, शिक्षित आदि के आंकड़े ऑनलाइन दर्ज करेंगे। जनपद में कुल जनसंख्या के सापेक्ष बेरोजगारी, रोजगार व श्रम शक्ति कितनी है, इसका प्रमाणित डाटा पहले राज्य सरकार और फिर केंद्र को भेजे जाएंगे। सर्वे से पता चलेगा कि कुल जनसंख्या में से कितने प्रतिशत लोग रोजगार से जुड़े हुए हैं।

ये है सर्वे का उद्देश्य

इस राष्ट्रीय स्तर के सर्वे का उद्देश्य श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), वर्कर जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर), बेरोजगारी दर और करेंट वीकली स्टेटस (सीडब्ल्यूएस) जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों के जरिए रोजगार की मौजूदा स्थिति के सटीक आंकड़े तैयार किए जाएंगे। विभाग के मुताबिक इन्हीं आंकड़ों के आधार पर केंद्र व राज्य सरकारें भविष्य में रोजगार योजनाओं और आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेंगी।

ये हैं सर्वे के मानक

- 15 से 59 आयु वर्ग के स्वस्थ लोग, जो कार्य करने के इच्छुक हैं।

- शिक्षा, रोजगारी, बेरोजगारी, मासिक पारिवारिक व्यय।

- 365 दिनों में कितना काम किया।

- एक महीने में कितने दिन और एक सप्ताह में कितने घंटे काम किया।

- एक घंटा काम करने वाला भी रोजगार की श्रेणी में माना जाएगा।

- किसी भी आर्थिक गतिविधि से कमाए जाने वाली राशि रोजगार माना जाएगा।

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क्या कहते हैं अधिकारी

केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों पर सर्वे 11 फरवरी से शुरू होगा। सर्वे के सभी कार्य कैबी (कंप्यूटर एसिस्ट पर्सनल इंटरव्यूइंग) के माध्यम से होगा। सहायक संख्याधिकारी की ओर से रोजगार/ आजीविका का व्यापक अध्ययन किया जाएगा। - राम सलोने, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, पौड़ी।

 


 

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