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Uttarakhand: पलायन की पीड़ा; बुजुर्ग महिला की हुई मौत, शव उठाने भी दूसरे गांव से पहुंचे लोग

Sun, 12 Oct 2025 07:04 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 12 Oct 2025 07:04 PM IST
सार

कभी 15-16 परिवारों वाले ल्वेगढ़ गांव में वर्तमान में महज तीन महिलाएं और एक पुरुष ही रह गए हैं। गांव में दो दिन पहले जब एक वृद्धा की मौत हुई तो उसके अंतिम संस्कार के लिए घाट तक ले जाने के लिए कंधे तक नहीं मिले।

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Rudraprayag News pain of Migration Elderly Woman dies, people from other villages arrive to pick up body
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कभी जिन घरों से हंसी ठिठोली की आवाजें आती थीं आज उन्हीं घरों में मौत होने के बाद शव उठाने के लिए चार कंधे नहीं मिल रहे हैं। कांडई का ल्वेगढ़ गांव आज पलायन की मार झेल रहा है। गांव में दो दिन पहले जब एक वृद्धा की मौत हुई तो उसके अंतिम संस्कार के लिए घाट तक ले जाने के लिए कंधे तक नहीं मिले। नजदीकी गांवों को जब इसकी सूचना मिली वहां से ग्रामीण गांव पहुंचे तब जाकर दूसरे दिन वृद्धा का अंतिम संस्कार हुआ।

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जिले के कांडई ग्राम पंचायत का ल्वेगढ़ गांव मूलभूत सुविधाएं न होने से पलायन के कारण खाली हो गया है। कभी 15-16 परिवारों वाले इस गांव में वर्तमान में महज तीन महिलाएं और एक पुरुष ही रह गए हैं। कांडई के ग्राम प्रधान संजय पांडे और पास की ग्राम पंचायत सुनाऊं के प्रधान पुष्कर सिंह बिष्ट ने बताया कि दो दिन पहले बृहस्पतिवार को यहां एक वृद्धा सीता देवी (90) की मृत्यु हो गई। मृतक का बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है। ऐसे में महिला की अंतिम संस्कार उस दिन नहीं हो पाया।
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गांव में अन्य कोई पुरुष नहीं था जो शव को घाट तक ले जा सके। जब दूसरे गांवों के लोगों को इसकी सूचना मिली तो कलेथ, पांढरा मड़गांव, मलछोड़ा, सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण ल्वेगढ़ पहुंचे। तब जाकर दूसरे दिन शव पैतृक घाट ले जाया गया और अंतिम संस्कार किया गया। अब गांव में तीन लोग ही रह गए हैं।
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गांव तक पहुंचने के रास्ते झाड़ियों से पटे

ल्वेगढ़ गांव तक पहुंचने के रास्ते भी खराब हैं। गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाई है। साथ ही पेयजल की समस्या भी बनी है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के रास्ते बदहाल और खतरनाक हैं। स्कूल भी दो से चार किमी दूर है। स्वास्थ्य सेवा भी नहीं है। प्रधान संजय पांडे ने बताया कि अभी कार्यकाल शुरू हो रहा है। इन सभी रास्तों को सुधारा जाएगा। पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था ल्वेगढ़ में की गई है। जल्द ही स्थायी व्यवस्था कर दी जाएगी। संवाद

ल्वेगढ़ गांव का मामला संज्ञान में आया है। यहां के रास्तों को ठीक करने और पुल का निर्माण करने के लिए जिला योजना सहित अन्य मदों में प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।
- पूनम कठैत, अध्यक्ष जिला पंचायत रुद्रप्रयाग।

मरछोला तक सड़क स्वीकृत है। जल्द इसका निर्माण किया जाएगा। मरछोला तक सड़क बनने से ल्वेगढ़ की पैदल दूरी भी कम हो जाएगी। साथ ही ल्वेगढ़ गांव को सड़क से जोड़ने के लिए जो भी आवश्यक प्रयास होगा किया जाएगा।
- भरत सिंह चौधरी, विधायक रुद्रप्रयाग।

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