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Uttarakhand: एसआईआर के तहत कल से शुरू होगा अगला पड़ाव, नोटिस पाने वाले मतदाताओं को देना होगा जवाब

Thu, 13 Aug 2026 07:58 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 13 Aug 2026 07:58 AM IST
सार

उत्तराखंड में मतदाता सूची को लेकर चल रहे एसआईआर में अब जांच और जवाब का अहम दौर शुरू होने जा रहा है। दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन मतदाताओं तक नोटिस पहुंचेंगे, जिनके नाम को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। अब इन मतदाताओं के जवाब से तय होगा कि आगे मतदाता सूची में उनका नाम किस तरह दर्ज रहेगा।

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SIR Uttarakhand Objection Process Ends on August 13 Notices to Voters Begin from August 14 Read All Updates
एसआईआर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 14 अगस्त से अगला पड़ाव शुरू हो रहा है। इसके तहत जिन मतदाताओं के वोट पर आपत्तियां लगी हैं, उन्हें नोटिस जारी होंगे। इन पर जवाब देना होगा। चुनाव आयोग ने मतदाताओं को आपत्ति का मौका दिया है, जिसके तहत 13 अगस्त तक आपत्ति जताई जा सकती हैं।

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14 अगस्त से आपत्ति करने वाले और मतदाता दोनों को नोटिस जारी होने शुरू होंगे। ये नोटिस ईआरओ या एईआरओ के स्तर से जारी होंगे। ज्यादातर मतदाताओं को लेकर ये आपत्तियां हैं कि वे या तो उस जगह से जा चुके हैं या फिर वहां के निवासी नहीं हैं। आपत्तिकर्ता को अब इस बात का सबूत नोटिस की सुनवाई के दौरान देना होगा जबकि मतदाता अपना प्रमाण देंगे।

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सवाल ये है कि अगर किसी मतदाता के अनुपस्थित होने या वहां से जाने को लेकर आपत्ति आई है तो उसमें मतदाता को क्या प्रमाण देना होगा। इन मामलों की सुनवाई ईआरओ करेंगे, जिसमें बीएलओ की भूमिका भी अहम होगी। बीएलओ अपनी रिपोर्ट देंगे, जिससे काफी हद तक यह स्पष्ट होगा कि मतदाता की क्या स्थिति है। दूसरी बात मतदाता कोई ऐसा प्रमाण (जैसे-जमीन के कागज, निवास प्रमाण पत्र आदि) दे सकते हैं, जिससे ये साबित होता हो कि वे वहीं के निवासी हैं।

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घर-घर जाकर भी कर सकते हैं सत्यापन
बीएलओ या अन्य प्राधिकृत अधिकारी मौके पर जाकर या घर-घर जाकर भी सत्यापन करेंगे कि संबंधित मतदाता वास्तव में उस पते पर निवास करता है या नहीं। ईआरओ आपत्तिकर्ता और मतदाता दोनों पक्षों के साक्ष्य, दस्तावेज और बीएलओ की रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद अपना निर्णय लेंगे। यदि आपत्ति सही पाई जाती है तो उस मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। यदि आपत्ति आधारहीन या गलत साबित हुई तो मतदाता का नाम सूची में रहेगा।


 

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