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Dehradun News: आईटीबीपी को होगी स्थानीय किसानों की उत्पादित फल व सब्जी की आपूर्ति
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- उत्तराखंड औद्यानिक परिषद व आईटीबीपी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
- वार्षिक मांग का 25 प्रतिशत खरीद करने पर किसानों को होगी छह करोड़ की आमदनी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) वाहिनी के लिए अब स्थानीय किसानों की ओर से उत्पादित फल व सब्जी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड औद्योनिक परिषद व आईटीबीपी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। आईटीबीपी अपनी वार्षिक मांग का 25 प्रतिशत फल व सब्जी स्थानीय स्तर पर खरीदती है तो किसानों को छह करोड़ की आमदनी होगी।
बुधवार को सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आईटीबीपी की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एमओयू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात आईटीबीपी के जवानों को स्थानीय स्तर पर फल एवं सब्जियों की आपूर्ति की जाएगी। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
सीएम ने कहा, यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी। किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ व स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ व चंपावत जैसे दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा व जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इस मौके पर कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एसएन पांडेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एसएल सेमवाल, उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के सीईओ नरेंद्र कुमार यादव मौजूद रहे।
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- वार्षिक मांग का 25 प्रतिशत खरीद करने पर किसानों को होगी छह करोड़ की आमदनी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) वाहिनी के लिए अब स्थानीय किसानों की ओर से उत्पादित फल व सब्जी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड औद्योनिक परिषद व आईटीबीपी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। आईटीबीपी अपनी वार्षिक मांग का 25 प्रतिशत फल व सब्जी स्थानीय स्तर पर खरीदती है तो किसानों को छह करोड़ की आमदनी होगी।
बुधवार को सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत आईटीबीपी की उत्तराखंड में तैनात वाहिनियों के लिए स्थानीय उत्पादों (फल एवं सब्जियों) की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एमओयू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से राज्य में तैनात आईटीबीपी के जवानों को स्थानीय स्तर पर फल एवं सब्जियों की आपूर्ति की जाएगी। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।
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सीएम ने कहा, यह पहल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के राज्य सरकार के संकल्प को सशक्त करेगी। किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए एक सुदृढ़ व स्थायी मंच प्रदान करेगी। इस व्यवस्था के तहत चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ व चंपावत जैसे दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ ही देहरादून में भी स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यह समझौता सीमांत क्षेत्रों में किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में सहायक होगा और उन्हें बाजार तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों से भी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा व जवानों के कल्याण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सरकार और आईटीबीपी के मध्य स्थानीय उत्पादों की खरीद के लिए पहले भी समझौता किया गया, जिसके काफी अच्छे परिणाम रहे हैं। अभी तक आईटीबीपी 14 करोड़ 77 लाख रुपये के स्थानीय उत्पादों की खरीद कर चुका है, जिसे और बढ़ाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इस मौके पर कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी, सचिव कृषि एसएन पांडेय, आईजी आईटीबीपी मनु महाराज, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, निदेशक उद्यान एसएल सेमवाल, उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के सीईओ नरेंद्र कुमार यादव मौजूद रहे।