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Dehradun News: अर्बन चैलेंज फंड से शहरों की बदलेगी सूरत

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 07:50 PM IST
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The Urban Challenge Fund Will Transform the Face of Cities
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-108 निकाय लोन से करेंगे विकास कार्य तो सरकार से मिलेगा 50 प्रतिशत पैसा
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अमर उजाला ब्यूरो

देहरादून। अर्बन चैलेंज फंड से प्रदेश के शहरों की सूरत बदलने वाली है। मंगलवार को सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने बैठक कर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के 108 निकायों में क्रेडिट रिपेमेंट गारंटी योजना का लाभ मिल सकेगा।
एक लाख करोड़ की राष्ट्रीय योजना से उत्तराखंड को विशेष लाभ मिलेगा। उत्तराखंड के पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां के सभी 108 नगर निकाय क्रेडिट रीपेमेंट गारंटी योजना के दायरे में आएंगे। इससे सीमित संसाधनों वाले छोटे निकाय भी बैंक ऋण के माध्यम से बड़े प्रोजेक्ट्स शुरू कर सकेंगे। इसके तहत विकास के तीन प्रमुख क्षेत्र होंगे। इनमें पहला जल एवं स्वच्छता के तहत पेयजल आपूर्ति, सीवरेज नेटवर्क और कूड़ा निस्तारण का काम होगा। दूसरा रचनात्मक पुनर्विकास के तहत पुराने बाजारों, विरासत स्थलों और सार्वजनिक स्थानों का आधुनिकीकरण होगा। तीसरा, ग्रोथ हब्स के तहत ऋषिकेश, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को पर्यटन, शिक्षा और व्यापार के केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
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इस योजना के तहत वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक शहरों में विकास कार्य होंगे। पर्वतीय राज्य होने के चलते यहां विशेष लाभ इसलिए मिलेगा क्योंकि पर्वतीय राज्य होने के कारण यहां के सभी निकाय इसके दायरे में आएंगे। इससे छोटे नगर पालिका, नगर पंचायत भी बैंक लोन लेकर बड़े विकास कार्य कर सकेंगे। योजना के तहत 25 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 25 प्रतिशत राज्य सरकार देगी। शेष 50 प्रतिशत मार्केट फाइनेंस (बैंक ऋण या पीपीपी मॉडल) से जुटाना होगा। इससे निकायों में वित्तीय अनुशासन बढ़ेगा। सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शन के आधार पर फंड तीन किस्तों में जारी किया जाएगा। पहली किस्त 30 प्रतिशत, दूसरी 50 प्रतिशत और तीसरी 20 प्रतिशत होगी। आगे की किस्तों के लिए परियोजना की भौतिक प्रगति, जियो टैगिंग और स्वतंत्र सत्यापन जरूरी होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सभी निकायों को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेजने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर सचिव आवास विनोद गिरी गोस्वामी समेत अफसर मौजूद रहे।
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