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बादल फटते ही यहां लोगों के लिए फरिश्ता बने तीन वन कर्मी, इस तरह से बचाई 20 लोगों की जान

Wed, 18 Jul 2018 09:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थराली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थराली Updated Wed, 18 Jul 2018 09:09 AM IST
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three forest worker saved 20 lives in cloud burst at tharali uttarakhand
12 दुकानें मलबे में समा गईं

सोमवार को थराली में बादल फटने से तबाही मच गई। लेकिन अगर तीन वन कर्मी फरिश्ता बनकर नहीं आते तो 20 लोग काल के गाल में समा जाते। ढाडरबगड़ की वन चौकी में तीन वन कर्मियों की सजगता से करीब 20 लोगों की जान बच गईं। रविवार देर रात बादल फटने के दौरान ये सभी लोग कस्बे की दुकानों में गहरी नींद में सो रहे थे।


 

व्यापारियों को फोन कर और सीटियां बजाकर जगाया

three forest worker saved 20 lives in cloud burst at tharali uttarakhand
थराली में बादल फटा - फोटो : amar ujala
वन कर्मियों ने सभी लोगों सीटियां बजाकर और फोन कर जगाते हुए किचगाड़ में पानी बढ़ने की सूचना दी, साथ ही तत्काल दुकानों को छोड़ सुरक्षित स्थान की ओर भागने को कहा। दुकानदारों ने तुरंत भागकर जान बचाई। ढाडरबगड़ के नजदीक बदरीनाथ वन प्रभाग मध्य पिडंर रेंज की वन चौकी है। यहां से किचगाड़ गदेरा साफ दिखता है। चौकी में तैनात दो कर्मचारी मनोहर पोखरिया और धीरेंद्र सिंह के साथ एक अन्य कर्मचारी भी तैनात है।


 

प्रशासन की टीम ने पांच घंटे में तय की 27 किमी की दूरी 

three forest worker saved 20 lives in cloud burst at tharali uttarakhand
cloud burst
मनोहर पोखरिया ने बताया कि रात्रि को एक बजे जैसे ही सामने किचगाड़ नदी में उफान की आवाज आई तो तीनों कर्मी बाहर आए। उन्होंने  सर्च लाइटों के सहारे देखा तो किचगाड़ उफान पर था और पानी कस्बे की ओर बढ़ रहा था।उन्होंने तत्काल ढाडरबगड़ कस्बे में दुकानों में सो रहे व्यापारियों को फोन कर और सीटियां बजाकर जगाया। इस दौरान ढाडरबगड़ में करीब 20 से अधिक लोग थे। वन कर्मियों के जगाने पर सभी लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इससे यहां कोई जनहानि नहीं हुई। 
 
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three forest worker saved 20 lives in cloud burst at tharali uttarakhand
cloud burst
राजस्व उपनिरीक्षक डुंग्री राजकुमार सिद्घवान ने बताया कि उन्हें देर रात रात दो बजे बुरसोल के प्रधान रणजीत सिंह ने फोन पर गांव में बादल फटने की सूचना दी। उन्होंने तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम को भी सूचना दी। थराली-डुंग्री मोटर मार्ग चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन की टीम को थराली से ढाडरबगड़ कस्बे तक 27 किमी की दूरी तय करने में पांच घंटे लग गए। टीम को अधिकांश पैदल ही रास्ता तय करना पड़ा। सोमवार तड़के चार बजे रवाना हुई प्रशासन की टीम प्रात: नौ बजे मौके पर पहुंच पाई। 

 
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three forest worker saved 20 lives in cloud burst at tharali uttarakhand
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एसडीएम रोहित मीणा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कस्बे में नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने कहा कि सभी प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। टीम में तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल, नायब तहसीलदार ओमवीर सिंह, कानूनगो एसएस बुटोला, राजस्व उपनिरीक्षक डुंग्री राजकुमार सिद्घवान, राजस्व उपनिरीक्षक देवराड़ा जयकृत सिंह, होमगार्ड के जवान केदारदत सती, सुरेंद्र सिंह, आपदा प्रबंधन की टीम के सदस्य विपिन हटवाल, विपुल पवांर, राघेंद्र सिंह, मनबीर सिंह शामिल थे।
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