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Dehradun News: जनजातीय युवा हैं देश के प्रथम रक्षक, विज्ञान-तकनीक से जुड़कर संवारें भविष्य
Mon, 17 Aug 2026 02:25 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Mon, 17 Aug 2026 02:25 AM IST
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झाझरा स्थित जनजातीय गुरुकुल दून संस्कृति स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह में सेना, विज्ञान, शिक्षा और प्रशासन से जुड़ी दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की। अतिथियों ने राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समाज के योगदान को अहम बताते हुए युवाओं से नई तकनीक के साथ कदमताल करने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड सब एरिया के डिप्टी जीओसी और कैंट बोर्ड के प्रमुख ब्रिगेडियर आरएस थापा ने कहा कि देश का प्रथम रक्षक जनजातीय युवा है। राष्ट्र निर्माण में जनजातीय युवाओं की प्रतिभा और भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं, यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने कहा कि प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में निवास करने वाले युवाओं तक अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। तकनीक से जुड़कर इन युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ''''एक भारत-श्रेष्ठ भारत'''' की अनूठी झलक देखने को मिली। उत्तराखंड के थारू और बुक्सा समुदाय के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किए। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश के विद्यार्थियों की ओर से पेश किए गए गढ़वाल रेजिमेंट के प्रसिद्ध शौर्य गीत ''''बढ़े चलो गढ़वालियों'''' ने दर्शकों का दिल जीत लिया और प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी के पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, प्रख्यात जर्मन लेखिका मारिया वर्थ और सक्षम (दिव्यांग विकास संगठन) के प्रांतीय अध्यक्ष ललित पंत बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अंत में पूर्व सांसद तरुण विजय, विद्यालय के निदेशक ऋत्विक विजय व विद्यालय प्रबंध समिति के प्रमुख एवं संघ विचारक नीरज मित्तल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड सब एरिया के डिप्टी जीओसी और कैंट बोर्ड के प्रमुख ब्रिगेडियर आरएस थापा ने कहा कि देश का प्रथम रक्षक जनजातीय युवा है। राष्ट्र निर्माण में जनजातीय युवाओं की प्रतिभा और भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं, यूकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने कहा कि प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में निवास करने वाले युवाओं तक अब विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। तकनीक से जुड़कर इन युवाओं के लिए रोजगार और तरक्की के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ''''एक भारत-श्रेष्ठ भारत'''' की अनूठी झलक देखने को मिली। उत्तराखंड के थारू और बुक्सा समुदाय के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत और मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किए। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश के विद्यार्थियों की ओर से पेश किए गए गढ़वाल रेजिमेंट के प्रसिद्ध शौर्य गीत ''''बढ़े चलो गढ़वालियों'''' ने दर्शकों का दिल जीत लिया और प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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इस अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी के पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, प्रख्यात जर्मन लेखिका मारिया वर्थ और सक्षम (दिव्यांग विकास संगठन) के प्रांतीय अध्यक्ष ललित पंत बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अंत में पूर्व सांसद तरुण विजय, विद्यालय के निदेशक ऋत्विक विजय व विद्यालय प्रबंध समिति के प्रमुख एवं संघ विचारक नीरज मित्तल ने सभी का आभार व्यक्त किया।