{"_id":"6a6ddbfb070862d0160e01fc","slug":"uksssc-paper-leak-case-ed-attaches-hakam-singh-63-lakh-assets-probe-reveals-one-crore-collected-from-candidate-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"UKSSSC Paper Leak Case: ईडी ने हाकम सिंह की 63 लाख की संपत्ति की अटैच, जांच में करोड़ों की वसूली का खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UKSSSC Paper Leak Case: ईडी ने हाकम सिंह की 63 लाख की संपत्ति की अटैच, जांच में करोड़ों की वसूली का खुलासा
Sat, 01 Aug 2026 05:20 PM IST
Renu Saklani
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 01 Aug 2026 05:20 PM IST
सार
यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में आरोपी हाकम सिंह पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसकी संपत्ति अटैच कर दी है।
विज्ञापन
ईडी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में आरोपी हाकम सिंह की करीब 63 लाख रुपये की चल एवं अचल संपत्ति अटैच की है। ईडी की जांच में सामने आया है कि हाकम सिंह ने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये वसूले थे।
विज्ञापन
ये भी पढे़ं...Haridwar: नन्ही बच्ची की कविता ने बटोरी खूब तालियां, सीएम धामी को बताया 'धाकड़', पीएम मोदी पर भी कही खास बात
विज्ञापन
इनमें स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा और वीपीडीओ भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन परीक्षाओं का आयोजन करने वाली आरएमएस टेक सॉल्यूशन के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भी कथित मिलीभगत थी। ईडी मामले में धनशोधन के पहलुओं की जांच कर रही है।
विज्ञापन
नए कानून के शिकंजे में फंसा हाकम
पहले हाकम को शिकंजे में फंसाने के लिए पुलिस ने कई कानूनी धाराएं लगाई थीं, लेकिन नकल को लेकर पहले कानून में इतने प्रावधान नहीं थे। इस बार हाकम उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं उपाय) अध्यादेश 2023 के शिकंजे में फंस गया है। इस कानून में कोई व्यक्ति, परीक्षा केंद्र के प्रबंधतंत्र, कोचिंग संस्थान, प्रिंटिंग प्रेस, परीक्षा के आयोजन में किसी भी जुड़े लोग पेपर लीक या अनुचित साधनों में शामिल पाए गए तो उन्हें आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने की सजा का प्रावधान है। प्रदेश में अब यह संज्ञेय, गैर जमानती और अशमनीय अपराध है।