स्यानाचट्टी में मंडराने लगा आपदा का संकट: बारिश के कारण नीचे से उफना रही यमुना, दोनों ओर खड्डों से भी खतरा
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यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी पर एक बार फिर आपदा का खतरा मंडराने लगा है। नीचे से लगातार बारिश से उफनाती यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर, दोनों ओर बहने वाले खड्डों का खतरा बना हुआ है। इस बार पीछे की पहाड़ी से हो रहा भूस्खलन स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
लोगों का आरोप है कि एक वर्ष बाद भी सरकार और प्रशासन स्थायी बाढ़ सुरक्षा और नदी की निर्बाध निकासी सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं जिससे स्यानाचट्टी एक बार फिर बड़े खतरे के मुहाने पर खड़ा है। यमुनोत्री क्षेत्र में शनिवार दोपहर बाद लगातार हुई बारिश से यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा।
लगातार हो रही बारिश के कारण स्यानाचट्टी के लोग भय और असमंजस के माहौल में हैं। कुपड़ा खड्ड और यमुना नदी के संगम स्थल पर अब भी भारी मात्रा में मलबा जमा होने से नदी का प्रवाह संकरा हो गया है। इसके चलते यमुना का पानी रुक-रुककर आगे बढ़ रहा है जिससे जलभराव की स्थिति बनने का खतरा बढ़ गया है।
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यही स्थिति वर्ष 2025 की भीषण आपदा के दौरान भी बनी थी। जब स्यानाचट्टी कस्बे का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपदा के एक वर्ष बाद भी सरकारी तंत्र स्थायी समाधान निकालने में पूरी तरह विफल रहा है।
आपदा प्रभावित दिनेश राणा, शैलेन्द्र सिंह, जयपाल सिंह, चैन सिंह और बलदेव सिंह का कहना है कि आपदा राहत के नाम पर प्रभावितों के साथ केवल छलावा हुआ है। इधर, लगातार बारिश के चलते फूलचट्टी क्षेत्र और कुठार गांव के पास सड़क से बहकर आया मलबा, बड़े-बड़े पेड़ और अन्य अवशेष यमुना नदी के प्रवाह में बाधा बन रहे हैं।