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Delhi NCR News: राजधानी के 50 केंद्रों पर पहले दिन बने 2 हजार पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड
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दिल्ली के पते वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर को मुफ्त बस यात्रा के लिए प्रक्रिया हो गई शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर को मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की प्रक्रिया दो मार्च से शुरू हो गई है। इसके तहत पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस कार्ड को बनवाने के लिए शहरभर में करीब 50 केंद्र स्थापित किए हैं, जहां आवेदक ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे। परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक यह सुविधा आसानी से पहुंच सके। दिल्ली परिवहन निगम की ओर से शुरू की जा रही यह व्यवस्था डिजिटल सिस्टम पर आधारित होगी। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल पहचान पत्र की तरह काम करेगा, जिसमें धारक का नाम, फोटो, क्यूआर कोड और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज होंगे। बस में यात्रा के दौरान कार्ड को मशीन पर टैप या स्कैन करना होगा, इससे यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होगा। मंगलवार को दो हजार के करीब महिलाओं ने पिंक कार्ड बनाए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय, विभिन्न बस डिपो, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और कुछ बैंक शाखाओं सहित लगभग 50 स्थानों पर विशेष काउंटर बनाए गए हैं। आवेदक को अपने दिल्ली पते वाले आधार कार्ड सहित अन्य वैध पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र के साथ निर्धारित केंद्र पर जाना होगा। वहीं ऑनलाइन आवेदन के लिए भी निर्धारित पोर्टल पर फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सत्यापन के बाद कार्ड जारी किया जाएगा। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदक का महिला या ट्रांसजेंडर होना, दिल्ली का निवासी होना और आयु कम से कम 12 वर्ष होना अनिवार्य है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही कार्ड जारी किया जाएगा। एक व्यक्ति को एक ही कार्ड मिलेगा, जिससे दुरुपयोग की संभावना कम होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राजधानी में महिलाओं और ट्रांसजेंडर को मुफ्त बस यात्रा सुविधा देने की प्रक्रिया दो मार्च से शुरू हो गई है। इसके तहत पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस कार्ड को बनवाने के लिए शहरभर में करीब 50 केंद्र स्थापित किए हैं, जहां आवेदक ऑफलाइन आवेदन कर सकेंगे। परिवहन विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक यह सुविधा आसानी से पहुंच सके। दिल्ली परिवहन निगम की ओर से शुरू की जा रही यह व्यवस्था डिजिटल सिस्टम पर आधारित होगी। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड एक डिजिटल पहचान पत्र की तरह काम करेगा, जिसमें धारक का नाम, फोटो, क्यूआर कोड और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज होंगे। बस में यात्रा के दौरान कार्ड को मशीन पर टैप या स्कैन करना होगा, इससे यात्रा का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होगा। मंगलवार को दो हजार के करीब महिलाओं ने पिंक कार्ड बनाए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) कार्यालय, उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) कार्यालय, विभिन्न बस डिपो, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और कुछ बैंक शाखाओं सहित लगभग 50 स्थानों पर विशेष काउंटर बनाए गए हैं। आवेदक को अपने दिल्ली पते वाले आधार कार्ड सहित अन्य वैध पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र के साथ निर्धारित केंद्र पर जाना होगा। वहीं ऑनलाइन आवेदन के लिए भी निर्धारित पोर्टल पर फॉर्म भरकर दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सत्यापन के बाद कार्ड जारी किया जाएगा। पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के लिए आवेदक का महिला या ट्रांसजेंडर होना, दिल्ली का निवासी होना और आयु कम से कम 12 वर्ष होना अनिवार्य है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही कार्ड जारी किया जाएगा। एक व्यक्ति को एक ही कार्ड मिलेगा, जिससे दुरुपयोग की संभावना कम होगी।
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