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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   275 kg teenager undergoes bariatric surgery, loses 52 kg in two months

Delhi NCR News: 275 किलो के किशोर की बैरिएट्रिक सर्जरी, दो महीने में 52 किलो वजन घटा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2026 05:17 PM IST
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- 16 वर्षीय किशोर का वजन अब 223 किलो, गंभीर स्लीप एपनिया और सांस की परेशानी से था पीड़ित
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने करीब 275 किलो वजन वाले 16 वर्षीय किशोर की सफल बैरिएट्रिक सर्जरी की है। अस्पताल के अनुसार, सर्जरी के करीब दो महीने बाद किशोर का वजन घटकर 223 किलो रह गया है। यानी उसके वजन में 52 किलो की कमी आई है। किशोर का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) करीब 100 तक पहुंच गया था। वह सांस लेने में गंभीर परेशानी, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और त्वचा के गंभीर संक्रमण से जूझ रहा था।
किशोर की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे सामान्य कार से अस्पताल लाना संभव नहीं था। परिवार उसे मेटाडोर से अस्पताल लेकर पहुंचा। अस्पताल पहुंचने के बाद उसे करीब दो सप्ताह तक पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में रखा गया। इस दौरान सांस लेने सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित किया गया और उसे सर्जरी के लिए तैयार किया गया।
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डॉक्टरों के मुताबिक, किशोर की उम्र, अत्यधिक वजन और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण थी। उसके इलाज के लिए पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर, बैरिएट्रिक सर्जरी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और एनेस्थीसिया समेत विभिन्न विभागों के करीब 20 विशेषज्ञों की टीम बनाई गई। सर्जरी से पहले एनेस्थीसिया, मरीज को ऑपरेशन के दौरान सही स्थिति में रखने, लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया और ऑपरेशन के बाद सांस की निगरानी से जुड़े जोखिमों का आकलन किया गया।
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पेट का आकार किया छोटा-
किशोर की लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी की गई। इसमें पेट का एक बड़ा हिस्सा निकालकर उसका आकार छोटा किया जाता है। इससे कम भोजन में पेट भरा हुआ महसूस होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है। ऑपरेशन सर गंगा राम अस्पताल के इंस्टीट्यूट ऑफ मिनिमल एक्सेस, मेटाबोलिक एंड बैरिएट्रिक सर्जरी की टीम ने किया। लीड बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. दक्ष सेठी ने बताया कि मरीज की उम्र, वजन और गंभीर स्लीप एपनिया को देखते हुए ऑपरेशन के प्रत्येक चरण की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई।

तीन दिन बाद मिली छुट्टी-
अत्यधिक वजन के कारण सर्जरी के दौरान कई तकनीकी चुनौतियां आईं, लेकिन ऑपरेशन सफल रहा। सर्जरी के तीन दिन बाद किशोर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, इलाज का उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि उसकी चलने-फिरने की क्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना भी है। वजन कम होने से स्लीप एपनिया में सुधार और हृदय व मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
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