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Delhi NCR News: 25 तोला सोना पहनने वाले युवक को लूटने के लिए दोस्ती कर छह टुकड़े में शव काटा, महिला दोस्त के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
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नोट: खबर देवरिया, यूपी और हिसार, झज्जर और सोनीपत के लिए भी उपयोगी हो सकती है।
-द्वारका जिला के एंटी नारकोटिक्स स्क्वायड ने वारदात से उठाया पर्दा, कार भी बरामद
-आरोपी शव को प्लास्टिक के तीन कट्टों में डालकर उसे वृंदावन, मथुरा के पास यमुना में फेंक आए थे
-पुलिस ने युवती और मुख्य आरोपी उसके प्रेमी समेत चार को दबोचा, एक अन्य आरोपी नीरज की तलाश जारी
- आरोपियों ने अनरूप गुप्ता नामक युवक से करीब 40 लाख रुपये के जेवरात लूटे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
द्वारका में सोने के जेवरात पहनने का शौक एक युवक के लिए जानलेवा बन गया। अनरूप गुप्ता (48) के दोस्तों ने साजिश रचकर सोने के लिए उसकी जान ले ली। उसकी कार और हमेशा जो वह अपने शरीर पर पहने रहता था, उसके करीब 40 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए गए। आरोपियों ने शव को छह टुकड़ों में काटा और प्लास्टिक के तीन कट्टों में डालकर उसे वृंदावन, मथुरा के पास यमुना में ठिकाने लगाया था। ये आरोप द्वारका जिले के एंटी नारकोटिक्स सेल के सामने आरोपियों ने कबूल की। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और उसकी गर्लफ्रेंड समेत चार आरोपियों को दबोचा है। पुलिस नीरज नाम के एक फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक की कार, कुछ जेवरात व अन्य सामान बरामद किए हैं।
मुख्य आरोपी की पहचान हांसी, हिसार, हरियाणा निवासी हैप्पी उर्फ सूरज (29) के रूप में हुई है। अन्य आरोपियों में इसकी गर्लफ्रेंड कापावार, देवरिया, यूपी निवासी राखी (21), राय, सोनीपत, हरियाणा निवासी भूपेंद्र (27) और बरहाना, झज्जर, हरियाणा निवासी बलराम (28) के रूप में हुई है। इनसे पूछताछ जारी है।
23 फरवरी को परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 23 फरवरी को दक्षिणपुरी निवासी पवन गुप्ता ने अपने भाई अनरूप गुप्ता की गुमशुदगी का मामला द्वारका नॉर्थ थाने में दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया कि अनरूप राधिका अपार्टमेंट, सेक्टर-14, द्वारका में परिवार से अलग अकेला रहता था। वह छत्तीसगढ़ सदन, द्वारका में अपनी कैंटीन चलाता था। उसे भाई ने बताया कि 18 फरवरी से वह अपनी कार के साथ लापता है। वह 25 से 30 तोले के जेवरात पहनता है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। लोकल पुलिस के अलावा एंटी नारकोटिक्स सेल को भी शामिल किया गया।
ऐसे खुला हत्याकांड का राज...
एंटी नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर सुभाष चंद व उनकी टीम ने को जांच में पता चला कि 19-20 फरवरी की रात को कार यमुना एक्सप्रेस से गुजरी थी। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कार वृंदावन की ओर गई और कुछ घंटों में नोएडा की ओर लौट गई। टीम ने अनरूप के अपार्टमेंट की फुटेज खंगाली तो पता चला कि 18 फरवरी को उसने घर के बाहर से रैपिडो बाइक बुक की थी। रैपिडो चालक की मदद से पुलिस बी-ब्लॉक मटियाला की उस लोकेशन पर पहुंची, जहां उसने अनरूप को छोड़ा था। वहां की सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चला कि एक इमारत में दाखिल होने के बाद में वह नहीं लौटा। अनरूप के अंदर जाते ही पीछे से चार लोग अंदर गए। इसके बाद 19 फरवरी को इमारत से एक स्कूटी निकली। इसके बाद अनरूप की कार मटियाला की इमारत के बेसमेंट में दाखिल हुई। बाद में कार वृंदावन की ओर चली गई। स्कूटी के रजिस्टर्ड नंबर के आधार पर पता चला कि वह हैप्पी के नाम पर है। बाद में टेक्निकल सर्विलांस की मदद से हैप्पी, भूपेंद्र, राखी और बलराम को दबोच लिया गया। इन लोगों ने लूट के लिए हत्या की बात स्वीकार की। बाद में जमनापार, मथुरा पुलिस की मदद से अनरूप का शव मथुरा से बरामद कर लिया गया।
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-पुलिस ने युवती और मुख्य आरोपी उसके प्रेमी समेत चार को दबोचा, एक अन्य आरोपी नीरज की तलाश जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
द्वारका में सोने के जेवरात पहनने का शौक एक युवक के लिए जानलेवा बन गया। अनरूप गुप्ता (48) के दोस्तों ने साजिश रचकर सोने के लिए उसकी जान ले ली। उसकी कार और हमेशा जो वह अपने शरीर पर पहने रहता था, उसके करीब 40 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए गए। आरोपियों ने शव को छह टुकड़ों में काटा और प्लास्टिक के तीन कट्टों में डालकर उसे वृंदावन, मथुरा के पास यमुना में ठिकाने लगाया था। ये आरोप द्वारका जिले के एंटी नारकोटिक्स सेल के सामने आरोपियों ने कबूल की। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और उसकी गर्लफ्रेंड समेत चार आरोपियों को दबोचा है। पुलिस नीरज नाम के एक फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक की कार, कुछ जेवरात व अन्य सामान बरामद किए हैं।
मुख्य आरोपी की पहचान हांसी, हिसार, हरियाणा निवासी हैप्पी उर्फ सूरज (29) के रूप में हुई है। अन्य आरोपियों में इसकी गर्लफ्रेंड कापावार, देवरिया, यूपी निवासी राखी (21), राय, सोनीपत, हरियाणा निवासी भूपेंद्र (27) और बरहाना, झज्जर, हरियाणा निवासी बलराम (28) के रूप में हुई है। इनसे पूछताछ जारी है।
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23 फरवरी को परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि 23 फरवरी को दक्षिणपुरी निवासी पवन गुप्ता ने अपने भाई अनरूप गुप्ता की गुमशुदगी का मामला द्वारका नॉर्थ थाने में दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया कि अनरूप राधिका अपार्टमेंट, सेक्टर-14, द्वारका में परिवार से अलग अकेला रहता था। वह छत्तीसगढ़ सदन, द्वारका में अपनी कैंटीन चलाता था। उसे भाई ने बताया कि 18 फरवरी से वह अपनी कार के साथ लापता है। वह 25 से 30 तोले के जेवरात पहनता है। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। लोकल पुलिस के अलावा एंटी नारकोटिक्स सेल को भी शामिल किया गया।
ऐसे खुला हत्याकांड का राज...
एंटी नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर सुभाष चंद व उनकी टीम ने को जांच में पता चला कि 19-20 फरवरी की रात को कार यमुना एक्सप्रेस से गुजरी थी। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कार वृंदावन की ओर गई और कुछ घंटों में नोएडा की ओर लौट गई। टीम ने अनरूप के अपार्टमेंट की फुटेज खंगाली तो पता चला कि 18 फरवरी को उसने घर के बाहर से रैपिडो बाइक बुक की थी। रैपिडो चालक की मदद से पुलिस बी-ब्लॉक मटियाला की उस लोकेशन पर पहुंची, जहां उसने अनरूप को छोड़ा था। वहां की सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चला कि एक इमारत में दाखिल होने के बाद में वह नहीं लौटा। अनरूप के अंदर जाते ही पीछे से चार लोग अंदर गए। इसके बाद 19 फरवरी को इमारत से एक स्कूटी निकली। इसके बाद अनरूप की कार मटियाला की इमारत के बेसमेंट में दाखिल हुई। बाद में कार वृंदावन की ओर चली गई। स्कूटी के रजिस्टर्ड नंबर के आधार पर पता चला कि वह हैप्पी के नाम पर है। बाद में टेक्निकल सर्विलांस की मदद से हैप्पी, भूपेंद्र, राखी और बलराम को दबोच लिया गया। इन लोगों ने लूट के लिए हत्या की बात स्वीकार की। बाद में जमनापार, मथुरा पुलिस की मदद से अनरूप का शव मथुरा से बरामद कर लिया गया।