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Delhi NCR News: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 14 लाख की ठगी करने के तीन आरोपी गिरफ्तार
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- आरोपियों के पास से बरामद बैंक खातों से 2.20 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन की मिली जानकारी
-आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी शशिंदर राम, कैरान निवासी मौहम्मद कैफ और सहारनपुर निवासी मोनिश के रूप में हुई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आउटर जिला की साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले और गिरोह का सरगना शामिल हैं। आरोपियों के पास से बरामद बैंक खातों से 2.20 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी शशिंदर राम, उत्तर प्रदेश के कैरान निवासी मौहम्मद कैफ और सहारनपुर निवासी मोनिश के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पश्चिम विहार निवासी सत्यपाल गुप्ता ने 21 फरवरी को शिकायत की थी कि उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉलर ने खुद को सीनियर पुलिस ऑफिसर बताकर बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी का डर दिखाया था। इसके बाद पीड़ित ने जालसाज द्वारा दिए गए खाते में 14,20,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
ठगी रकम वापस दिलाने का प्रयास कर रही पुलिस
शिकायत के बाद डीसीपी (आउटर) विक्रम सिंह के निर्देश और एसीपी वीरेंद्र दलाल की देखरेख में एसएचओ गजे सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम ने लाभार्थी बैंक खाते की पहचान रेणुदार सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से की। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने कश्मीरी गेट आईएसबीटी से कंपनी के निदेशक शशिंदर राम को गिरफ्तार किया। वह आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कैराना और सहारनपुर में छापेमारी कर मोहम्मद कैफ और मोनिश को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी कोटक महिंद्रा बैंक में खाते खुलवाने के लिए टीम लीडर के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें ठगी से संबंधित व्हाट्सएप चैट और अन्य सबूत मिले हैं। फिलहाल पुलिस ठगी गई रकम को वापस दिलाने का प्रयास कर रही है।
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-आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी शशिंदर राम, कैरान निवासी मौहम्मद कैफ और सहारनपुर निवासी मोनिश के रूप में हुई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आउटर जिला की साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले और गिरोह का सरगना शामिल हैं। आरोपियों के पास से बरामद बैंक खातों से 2.20 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आंध्र प्रदेश निवासी शशिंदर राम, उत्तर प्रदेश के कैरान निवासी मौहम्मद कैफ और सहारनपुर निवासी मोनिश के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पश्चिम विहार निवासी सत्यपाल गुप्ता ने 21 फरवरी को शिकायत की थी कि उन्हें एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉलर ने खुद को सीनियर पुलिस ऑफिसर बताकर बैंक खाते से मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी का डर दिखाया था। इसके बाद पीड़ित ने जालसाज द्वारा दिए गए खाते में 14,20,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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ठगी रकम वापस दिलाने का प्रयास कर रही पुलिस
शिकायत के बाद डीसीपी (आउटर) विक्रम सिंह के निर्देश और एसीपी वीरेंद्र दलाल की देखरेख में एसएचओ गजे सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम ने लाभार्थी बैंक खाते की पहचान रेणुदार सर्विसेज एंड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से की। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने कश्मीरी गेट आईएसबीटी से कंपनी के निदेशक शशिंदर राम को गिरफ्तार किया। वह आंध्र प्रदेश का रहने वाला है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कैराना और सहारनपुर में छापेमारी कर मोहम्मद कैफ और मोनिश को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी कोटक महिंद्रा बैंक में खाते खुलवाने के लिए टीम लीडर के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें ठगी से संबंधित व्हाट्सएप चैट और अन्य सबूत मिले हैं। फिलहाल पुलिस ठगी गई रकम को वापस दिलाने का प्रयास कर रही है।