फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   CJP's announcement: Will remain at Jantar Mantar until Dharmendra Pradhan steps down.

सीजेपी का एलान: इस्तीफा नहीं तो आंदोलन जारी, प्रधान के पद छोड़ने तक जंतर-मंतर पर डटे रहेंगे; जवाबदेही चाहिए

Fri, 24 Jul 2026 03:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 24 Jul 2026 03:48 AM IST
सार

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ने का एलान किया।

विज्ञापन
CJP's announcement: Will remain at Jantar Mantar until Dharmendra Pradhan steps down.
सीजेपी प्रोटेस्ट

विस्तार

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा में जवाबदेही के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ने का एलान किया।

विज्ञापन


पीएम मोदी के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधान की एक तस्वीर साझा की। इस पर लिखा था, हाय, मेरा कोई नाम नहीं है। वहीं सीजेपी ने पोस्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का स्वागत किया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि डेढ़ महीने के विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री ने आखिरकार इस पर ध्यान दिया। शायद उनके विदेश दौरे खत्म हो गए हैं और वे भारत लौट आए हैं, जो कि एक अच्छी बात है। लेकिन पेपर लीक हो जाने के बाद आप क्या सजा दे रहे हैं? इससे पेपर लीक की समस्या हल नहीं होगी। असली सवाल यह है कि पेपर लीक हो ही क्यों रहे हैं। इस सवाल का जवाब मिलना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोगों का गुस्सा मोदी के प्रति बढ़ रहा : रांका 
रांका ने कहा कि चोट लगने के बाद मरहम लगाना एक बात है, लेकिन असली लड़ाई तो चोट होने से रोकने की है। चोट इसलिए बार-बार लगती है क्योंकि सिस्टम चलाने वाले न तो जवाबदेह हैं और न काबिल। इसलिए ये उपाय किसी भी तरह से काफी नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर लोगों का गुस्सा अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर बढ़ रहा है और अधिक प्रदर्शनकारी उनके खिलाफ नारे लगा रहे हैं। सरकार को यह बात समझनी चाहिए क्योंकि अब लोग सीधे प्रधानमंत्री से सवाल पूछने लगे हैं।" उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम यह जगह नहीं छोड़ेंगे। 

पाकिस्तानी हैंडल्स फैला रहे अफवाहें, 480 से अधिक अकाउंट किए ब्लॉक
दिल्ली पुलिस ने नीट पेपर लीक और विरोध प्रदर्शनों के दौरान चार सौ से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स को ब्लॉक कर दिया है। सभी हैंडल्स भ्रामक जानकारी और अफवाहें फैला रहे थे। दिल्ली पुलिस मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति में इन सभी हैंडल्स को चिन्हित कर ब्लॉक करने की जानकारी दी गई है। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर सुमित झा ने वीडियो जारी कर कहा कि प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है। अब तक 480 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स चिन्हित किए गए हैं, जो इस स्थिति का फायदा उठाकर फर्जी सामग्री और अफवाहें फैला रहे हैं। इन्हें ब्लॉक किया जा रहा है। सुमित झा ने बताया कि ब्लॉक किए गए हैंडल्स ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सक्रिय थे। 

छात्र आंदोलन को हाईजैक कर रहे है विपक्षी दल: हर्ष मल्होत्रा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं गृह मंत्री आशीष सूद ने आरोप लगाया कि देश और दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन को विपक्षी दल राजनीतिक हितों के लिए हाईजैक करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को हिंसा और सियासी एजेंडे से जोड़कर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। भाजपा नेताओं ने बृहस्पतिवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में पेपर लीक मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो घोषणा की है उसका स्वागत किया। उन्होंने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं से सवाल किया कि प्रधानमंत्री आवास और संसद की सुरक्षा में सेंध के मुद्दे पर चर्चा से वे क्यों बच रहे हैं।

प्रदर्शन में घायल युवती की हालत में सुधार
प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई 21 वर्षीय युवती की हालत में सुधार हो रहा है। आरएमएल अस्पताल के अनुसार, युवती को 24 घंटे पहले वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और अब वह खुद सांस ले रही है। वहीं जंतर-मंतर के पास बीते बुधवार को हुई पत्थरबाजी की घटना में घायल कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत को इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल लाया गया। अस्पताल के अनुसार, उनके हाथ, पैर और कंधे पर चोटें थीं, जबकि सिर के पिछले हिस्से में सूजन पाई गई। एसीपी ने कान से खून आने और उल्टी होने की भी शिकायत की। प्राथमिक उपचार और जरूरी जांच के बाद उन्होंने आगे का इलाज एम्स में कराने की इच्छा जताई, जिसके बाद उन्हें आरएमएल अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

सोशल मीडिया पर बने एक दूसरे के मददगार 
कॉकरोच के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया अब सिर्फ सूचना साझा करने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदर्शनकारियों के लिए एक तरह का ‘सर्वाइवल गाइड’ बन गया है। इंटरनेट बंद होने की आशंका से निपटने के लिए ऑफलाइन मैप डाउनलोड करने से लेकर मुश्किल हालात में काम आने वाले जरूरी सामान की सूची तक, लोग अपने अनुभव और सुझाव ऑनलाइन साझा कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल लोग एक-दूसरे को रास्ते, संपर्क और सुरक्षा से जुड़े उपाय बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रही यह क्राउडसोर्स्ड मदद प्रदर्शनकारियों के बीच तैयारी और आपसी सहयोग का नया उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

प्रदर्शनकारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा ऑफलाइन मैप को लेकर हो रही है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सलाह दी है कि प्रदर्शन स्थल पहुंचने से पहले मोबाइल में ऑफलाइन मैप सेव कर लें, ताकि इंटरनेट कनेक्शन कमजोर होने या बंद होने की स्थिति में भी रास्ता खोजने में परेशानी न हो। कुछ तकनीक से जुड़े लोगों ने बिना इंटरनेट के सीमित संपर्क बनाए रखने वाले विकल्पों की जानकारी भी साझा की है। उनका कहना है कि किसी भी बड़े जमावड़े या आपात स्थिति में लोगों के बीच संपर्क बनाए रखना जरूरी होता है, इसलिए पहले से तैयारी रखना मददगार साबित हो सकता है। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने अपने अनुभवों के आधार पर जरूरी सामान की सूची भी साझा की है। कई प्रतिभागी अपने साथ अतिरिक्त कपड़े, पानी, मास्क और अन्य जरूरी चीजें रख रहे हैं।

हर उम्र और हर वर्ग की सुनाई दे रही आवाज
युवाओं, जेन-जी की मुहिम के रूप में चर्चा में आया सीजेपी आंदोलन हर उम्र और हर वर्ग के लोगों की भागीदारी वाला मंच बनता जा रहा है। प्रदर्शन स्थल पर छात्रों, युवाओं के साथ महिलाएं, बुजुर्ग, नौकरीपेशा, व्यापारी भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। 

बदरपुर से पहुंची पायल ने कहा, यह सिर्फ युवाओं का मुद्दा नहीं है, इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। बुजुर्ग केपी सक्सेना ने कहा कि उम्र भले बढ़ गई हो, लेकिन समाज के मुद्दों को लेकर जिम्मेदारी अभी भी है। कई नौकरीपेशा लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच समय निकालकर पहुंच रहे हैं। निजी कंपनी के कर्मचारी विकास प्रजापति ने कहा कि जब मुद्दा बड़ा हो, तो उसके लिए समय निकालना पड़ता है। व्यापारी रोहित गुप्ता ने कहा कि युवाओं को प्रभावित करने वाले मुद्दे का असर पूरे समाज पर पड़ता है।


बृहस्पतिवार को कुछ लोग छुट्टी लेकर, कुछ ने काम के बीच समय निकालकर और कुछ परिवार के साथ आंदोलन स्थल पहुंचे। हर व्यक्ति के पास आने की अपनी वजह है, लेकिन आवाज एक है। सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि शुरुआत भले ही युवाओं की भागीदारी से हुई थी, लेकिन अब हर उम्र और हर वर्ग के लोग इससे जुड़ रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed