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MCD: मुख्यालय में बनेगा क्रैच, महिला पार्षद-कर्मियों को मिलेगी राहत, बशर्त पुरुष भी ले सकते हैं सुविधा का लाभ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Feb 2026 07:09 AM IST
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सार
दरअसल गत दिनों एमसीडी की एक महिला अधिकारी व एक महिला पार्षद ने इस मांग को लेकर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा से मुलाकात की थी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एमसीडी महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सुरक्षित, सहयोगात्मक वातावरण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अपने मुख्यालय सिविक सेंटर में जल्द ही एक सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित शिशु देखभाल केंद्र (क्रैच) स्थापित करेगी। इस फैसले से महिला पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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दरअसल गत दिनों एमसीडी की एक महिला अधिकारी व एक महिला पार्षद ने इस मांग को लेकर स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा से मुलाकात की थी। इसके बाद क्रैच बनाने की पहल हो रही है। एमसीडी मुख्यालय में विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में महिला अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं।
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इसके अलावा महिला पार्षदों को भी नियमित रूप से सदन, स्थायी समिति और अन्य समितियों व विभागीय बैठकों में भाग लेना पड़ता है। ऐसे में नव-माताओं के सामने अपने छोटे बच्चों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन जाती है। लंबे कार्य घंटों और लगातार बैठकों के कारण कई बार बच्चों की देखरेख को लेकर चिंता बनी रहती है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्यालय में ही क्रैच की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। बताया जा रहा है कि क्रैच को पूरी तरह सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा। यहां बच्चों के लिए खेल सामग्री, विश्राम कक्ष, स्वच्छ शौचालय और पोषण संबंधी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
सत्या शर्मा ने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से नव-माताएं मानसिक रूप से अधिक निश्चित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगी। बच्चों की सुरक्षित देखभाल की व्यवस्था होने से महिला पार्षदों और कर्मचारियों के आत्मविश्वास व कार्य दक्षता में भी वृद्धि होगी। इससे कार्यस्थल का वातावरण अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेगा। यह सुविधा केवल महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सिंगल पेरेंट के रूप में अपने बच्चों की देखभाल करने वाले पुरुषों के लिए भी उपलब्ध होगी।