फिल्मी आइडिया लेकर चलती ट्रेन में करता था चोरी
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90 के दशक की हिन्दी फिल्म रूप की रानी चोरों का राजा में अनिल कपूर को हेलीकॉप्टर से, जबकि साल 2012 में आई फिल्म प्लेयर में अभिषेक बच्चन को हाईटेक तरीके से ट्रेनों में चोरी की वारदात करते हुए दिखाया गया है। इन हिन्दी फिल्मों से आइडिया लेकर मुकेश नामक बदमाश ट्रेनों में चोरी करने वाले गैंग का सरगना बन गया है।
उसके निशाने पर राजधानी, शताब्दी व दक्षिण भारत की ओर जाने वाली गाड़ियां होती हैं। इस मास्टर माइंड का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर से लेकर चेन्नई तक फैला हुआ है। जीआरपी फरीदाबाद ने इसकी तस्वीर जारी कर ट्रेनों में सफर करने वालों से सावधानी बरतने की अपील की है।
दरअसल 14 जनवरी को उत्कल एक्सप्रेस में 11 तोले सोने के गहने चोरी होने के मामले में पिछले दिनों जीआरपी ने चंडीगढ़ से सिसा गांव, जिला हिसार निवासी मुकेश नामक बदमाश को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर यहां लाई थी। रिमांड पर पूछताछ के दौरान इस बदमाश ने कई राज खोले।
दक्षिण की महत्वपूर्ण गाड़ियां होती हैं निशाने पर
जीआरपी थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि मुकेश के गैंग में करीब एक दर्जन बदमाश हैं। ये गैंग का मास्टर माइंड है। इसके निशाने पर दिल्ली से मुंबई, चेन्नई समेत दक्षिण भारत की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण गाड़ियां होती हैं।
मुकेश गाड़ियों के एसी कोच में रिजर्वेशन कराता है और उसी में बैठकर घटना को अंजाम देकर निकल जाता है, ताकि किसी को शक न हो। अब तक यह दो दर्जन से अधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। उन्होंने बताया कि इसका नेटवर्क एनसीआर से लेकर चेन्नई-हैदराबाद तक फै ला है।
गैंगस्टर ट्रेन में और शागिर्द सड़क पर
जीआरपी के मुताबिक मुकेश जब मिशन पर निकलता है तो उसके साथ-साथ बाई रोड लग्जरी कार भी चलती है। गैंग के दो सदस्य लगातार उसके संपर्क में रहते हैं। जहां भी वह घटना को अंजाम देकर ट्रेन से उतरता है वहीं कार पहुंच जाती है और वह फरार हो जाता है।
पुलिस के मुताबिक वह जिस कोच में सफर करता है उसके अगल-बगल वाले स्लीपर कोच में गैंग के तीन-चार सदस्य गेट पर ही मौजूद होते हैं। यात्रियों के बैग में लगे तालों को मास्टर चाभी से खोलकर गहने व रुपयों पर हाथ साफ कर उसे बंद कर देता है। लुटे यात्रियों को घर जाने पर ही घटना का पता चलता है।