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दक्षिणी निगम ने पेश किया बजट, संपत्ति कर बढ़ाने का दिया प्रस्ताव
Tue, 08 Dec 2020 02:52 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 08 Dec 2020 02:52 PM IST
सार
- रिहयाशी लेकर व्यावसायिक संपत्तियों पर कर का बोझ, 4833.79 करोड़ रुपये का प्रस्तावित बजट
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
आर्थिक मंदी से जूझ रही दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021- 22 के लिए 4833.79 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए संपत्ति कर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। वहीं, पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार बजट में 482. 89 लाख रुपये की कटौती की गई है। निगम को इस बार 4680.25 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है। बजट को दक्षिणी निगमायुक्त ज्ञानेश भारती द्वारा प्रस्तुत करना था, लेकिन गत सप्ताह कोरोना संक्रमित होने की वजह से वह उपस्थित नहीं थे। ऐसे में अतिरिक्त आयुक्त रमेश वर्मा ने बजट प्रस्तुत किया।
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने अपने इस बार के बजट में रिहायशी और व्यवसायिक संपत्तियों में संपत्ति कर में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के तहत रिहायशी कॉलोनियों को अब सिर्फ दो श्रेणी में बांटकर संपत्ति कर लगाने की तैयारी है। वर्तमान में रिहायशी कॉलोनियों को 3 श्रेणी में बांटकर संपत्ति कर लिया जाता है। अब तक 150 वर्ग मीटर से कम की संपत्तियों को तीन श्रेणी ए,बी,सी, डी, ई, एफ, जी व एच श्रेणी में रखा गया है, लेकिन अब नए प्रस्ताव के अनुसार, ए और बी श्रेणी की संपत्ति को एक वर्ग में और सी से लेकर एच श्रेणी तक की संपत्ति को एक वर्ग में रखा गया है।
वर्तमान में ए और बी श्रेणी की संपत्तियों के लिए 12 फ़ीसदी, सी, बी, डी व ई श्रेणी की संपत्ति के लिए 11 फ़ीसदी और एफ, जी व एच श्रेणी की संपत्ति के लिए 7 फ़ीसदी संपत्तिकर लगता है। वहीं, प्रस्तावित बजट के अनुसार, अब ए और बी श्रेणी के लिए 14 फ़ीसदी और सी लेकर एच श्रेणी के लिए 12 फ़ीसदी संपत्ति कर को प्रस्तावित किया गया है। इससे निगम ने इस वर्ष 1100 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।
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कंपनी गेस्ट हाउस से लेकर पेइंग गेस्ट हाउस पर भी संपत्ति कर का बढ़ेगा बोझ
निगम ने अपने प्रस्तावित बजट में विशेष वाणिज्यिक संपत्तियों में गेस्ट हाउस, कंपनी गेस्ट हाउस, सराय, लांज, पेइंग गेस्ट हाउस और बिना बार के रेस्तरां को जोड़ते हुए संपत्तिकर में 5 फ़ीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। वर्तमान में इन सभी संपत्तियों पर 15 फ़ीसदी संपत्तिकर लगता है, जबकि निगम ने बजट में 20 फ़ीसदी संपत्ति कर लगाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, औद्योगिक संपत्तियां जो वाणिज्यिक संपत्तियों में परिवर्तित हुई हैं उन पर भी 20 फीसदी का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो की वाणिज्यिक संपत्तियों में शामिल पार्किंग और खाली खाली भूमि पर भी 20 फ़ीसदी का संपत्ति कर प्रस्तावित किया गया है।
वाणिज्यिक संपत्ति पर भी बढ़ेगा संपत्ति कर का बोझ
निगम ने बजट के के अनुसार, वाणिज्यिक संपत्तियों पर भी संपतकर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस कड़ी में ए से लेकर डी श्रेणी की व्यावसायिक संपत्तियों में 15 फ़ीसदी और ई लेकर एच श्रेणी की संपत्तियों पर 12 फ़ीसदी का संपत्तिकर प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्तमान में ए व बी श्रेणी के लिए 15 फ़ीसदी, सी, डी, ई श्रेणी के लिए 12 फ़ीसदी और एफ, जी व एच के लिए 10 फ़ीसदी का संपत्ति कर निर्धारित है।
संपत्ति हस्तांतरण शुल्क में नहीं हुआ बदलाव
निगम ने प्रस्तावित बजट में संपत्ति हस्तांतरण शुल्क में बदलाव नहीं किया है। वर्ष 2021-22 के वित्त वर्ष के लिए हस्तांतरण शुल्क का लक्ष्य 800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस कड़ी में आवासीय संपत्तियों के लिए 25 लाख रुपये तक के मूल्य की संपत्ति का हस्तांतरण कराने पर महिला को 2 फ़ीसदी और पुरुष को 3 फ़ीसदी कर निर्धारित किया गया है।
वहीं, 25 लाख से अधिक की संपत्ति के लिए महिला के लिए 3 फ़ीसदी और पुरुष के लिए 4 फ़ीसदी हस्तांतरण शुल्क है। गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को निगम ने अपनी पिछली बैठकों में पहले ही मुहर लगा दी थी।
सारणी---
रिहायशी संपत्तिकर
श्रेणी वर्तमान प्रस्तावित
ए 12 14
बी 12 14
सी 11 12
डी 11 12
ई 11 12
एफ 07 12
जी 07 12
एच 07 12
व्यावसायिक संपत्तियों के लिए संपत्तिकर
श्रेणी वर्तमान प्रस्तावित
ए 15 15
बी 15 15
सी 12 15
डी 12 15
ई 12 12
एफ 10 12
जी 10 12
एच 10 12
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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने अपने इस बार के बजट में रिहायशी और व्यवसायिक संपत्तियों में संपत्ति कर में वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के तहत रिहायशी कॉलोनियों को अब सिर्फ दो श्रेणी में बांटकर संपत्ति कर लगाने की तैयारी है। वर्तमान में रिहायशी कॉलोनियों को 3 श्रेणी में बांटकर संपत्ति कर लिया जाता है। अब तक 150 वर्ग मीटर से कम की संपत्तियों को तीन श्रेणी ए,बी,सी, डी, ई, एफ, जी व एच श्रेणी में रखा गया है, लेकिन अब नए प्रस्ताव के अनुसार, ए और बी श्रेणी की संपत्ति को एक वर्ग में और सी से लेकर एच श्रेणी तक की संपत्ति को एक वर्ग में रखा गया है।
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वर्तमान में ए और बी श्रेणी की संपत्तियों के लिए 12 फ़ीसदी, सी, बी, डी व ई श्रेणी की संपत्ति के लिए 11 फ़ीसदी और एफ, जी व एच श्रेणी की संपत्ति के लिए 7 फ़ीसदी संपत्तिकर लगता है। वहीं, प्रस्तावित बजट के अनुसार, अब ए और बी श्रेणी के लिए 14 फ़ीसदी और सी लेकर एच श्रेणी के लिए 12 फ़ीसदी संपत्ति कर को प्रस्तावित किया गया है। इससे निगम ने इस वर्ष 1100 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है।
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कंपनी गेस्ट हाउस से लेकर पेइंग गेस्ट हाउस पर भी संपत्ति कर का बढ़ेगा बोझ
निगम ने अपने प्रस्तावित बजट में विशेष वाणिज्यिक संपत्तियों में गेस्ट हाउस, कंपनी गेस्ट हाउस, सराय, लांज, पेइंग गेस्ट हाउस और बिना बार के रेस्तरां को जोड़ते हुए संपत्तिकर में 5 फ़ीसदी की बढ़ोतरी प्रस्तावित की है। वर्तमान में इन सभी संपत्तियों पर 15 फ़ीसदी संपत्तिकर लगता है, जबकि निगम ने बजट में 20 फ़ीसदी संपत्ति कर लगाने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, औद्योगिक संपत्तियां जो वाणिज्यिक संपत्तियों में परिवर्तित हुई हैं उन पर भी 20 फीसदी का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो की वाणिज्यिक संपत्तियों में शामिल पार्किंग और खाली खाली भूमि पर भी 20 फ़ीसदी का संपत्ति कर प्रस्तावित किया गया है।
वाणिज्यिक संपत्ति पर भी बढ़ेगा संपत्ति कर का बोझ
निगम ने बजट के के अनुसार, वाणिज्यिक संपत्तियों पर भी संपतकर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। इस कड़ी में ए से लेकर डी श्रेणी की व्यावसायिक संपत्तियों में 15 फ़ीसदी और ई लेकर एच श्रेणी की संपत्तियों पर 12 फ़ीसदी का संपत्तिकर प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्तमान में ए व बी श्रेणी के लिए 15 फ़ीसदी, सी, डी, ई श्रेणी के लिए 12 फ़ीसदी और एफ, जी व एच के लिए 10 फ़ीसदी का संपत्ति कर निर्धारित है।
संपत्ति हस्तांतरण शुल्क में नहीं हुआ बदलाव
निगम ने प्रस्तावित बजट में संपत्ति हस्तांतरण शुल्क में बदलाव नहीं किया है। वर्ष 2021-22 के वित्त वर्ष के लिए हस्तांतरण शुल्क का लक्ष्य 800 करोड़ रुपये रखा गया है। इस कड़ी में आवासीय संपत्तियों के लिए 25 लाख रुपये तक के मूल्य की संपत्ति का हस्तांतरण कराने पर महिला को 2 फ़ीसदी और पुरुष को 3 फ़ीसदी कर निर्धारित किया गया है।
वहीं, 25 लाख से अधिक की संपत्ति के लिए महिला के लिए 3 फ़ीसदी और पुरुष के लिए 4 फ़ीसदी हस्तांतरण शुल्क है। गौरतलब है कि इस प्रस्ताव को निगम ने अपनी पिछली बैठकों में पहले ही मुहर लगा दी थी।
सारणी---
रिहायशी संपत्तिकर
श्रेणी वर्तमान प्रस्तावित
ए 12 14
बी 12 14
सी 11 12
डी 11 12
ई 11 12
एफ 07 12
जी 07 12
एच 07 12
व्यावसायिक संपत्तियों के लिए संपत्तिकर
श्रेणी वर्तमान प्रस्तावित
ए 15 15
बी 15 15
सी 12 15
डी 12 15
ई 12 12
एफ 10 12
जी 10 12
एच 10 12