सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Excise Policy: Rouse Avenue Court to pronounce verdict on Kejriwal and Sisodia on February 27

Excise Policy: केजरीवाल और सिसोदिया पर 27 फरवरी को राउज एवेन्यु कोर्ट सुनाएगी फैसला, मामले में कुल 23 आरोपी

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 13 Feb 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
सार

इस मामले में 27 फरवरी को अदालत अपना फैसला सुना सकती है। अदालत के आगामी आदेश पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।

Excise Policy: Rouse Avenue Court to pronounce verdict on Kejriwal and Sisodia on February 27
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार

राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के बहुचर्चित आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और सभी आरोपियों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। अब इस मामले में 27 फरवरी को अदालत अपना फैसला सुना सकती है। अदालत के आगामी आदेश पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।

Trending Videos


सीबीआई ने अदालत में दावा किया कि पहली चार्जशीट और पूरक आरोप पत्र में साजिश के पर्याप्त आधार मौजूद हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 आरोपियों की ओर से आरोपों को निराधार बताया गया है। सीबीआई का आरोप है कि साउथ लॉबी ने दिल्ली की आबकारी मामला अपने पक्ष में कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अरविंद केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी आधिकारिक जिम्मेदारियां निभा रहे थे और उन्हें किसी भी तरह की रिश्वत मांगने या लेने से जोड़ने वाला कोई प्रमाण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल का नाम पहली चार्जशीट और तीन पूरक चार्जशीट में नहीं था, बल्कि चौथी पूरक चार्जशीट में जोड़ा गया, जो पहले की चार्जशीट का दोहराव है। बहस के दौरान अप्रूवर बने राघव मगुंटा के बयान का भी जिक्र हुआ। बचाव पक्ष ने कहा कि ऐसा कोई सीधा लिंक नहीं है जिससे साबित हो कि केजरीवाल ने किसी से पैसे लेने को कहा था।

केजरीवाल ने ईडी के समन के खिलाफ हाईकोर्ट से याचिका ली वापस
आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी समन को चुनौती देने वाली अपनी याचिका हाईकोर्ट से वापस ले ली है। बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि याचिका में उठाए गए सभी कानूनी मुद्दे आगे के लिए खुले रहेंगे। केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि अब इस याचिका पर जोर देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि समन के बाद ईडी के सामने पेश न होने के मामले में ट्रायल कोर्ट पहले ही उन्हें बरी कर चुका है।

अदालत में ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी। 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल को दो मामलों में बरी कर दिया था। ये मामले ईडी के समन के बावजूद पेश न होने से जुड़े थे। केजरीवाल ने ईडी के नौवें समन के बाद मार्च 2024 में हाईकोर्ट का रुख किया था। 21 मार्च 2024 को उन्हें ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed